{"_id":"572af91d4f1c1b61145cd9a3","slug":"jat-andolan-jat-reservation-haryana-government-chandigarh","type":"story","status":"publish","title_hn":" जाट फिर से आंदोलन के मूड में, सरकार से मिलेंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जाट फिर से आंदोलन के मूड में, सरकार से मिलेंगे
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Mon, 09 May 2016 10:30 AM IST
विज्ञापन
जाट आंदोलन
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नौकरी और शिक्षा में आरक्षण हासिल करने के बाद हरियाणा के जाट फिर से आंदोलन के मूड में दिखाई दे रहे हैं। इस बार आंदोलन की वजह फरवरी माह के जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा को लेकर राज्य पुलिस की ओर से की जा रही गिरफ्तारियां और दर्ज किए जा रहे केस हैं। जाटों के रुख को देखते हुए प्रदेश सरकार ने पांच मई को जाट व खाप प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए चंडीगढ़ बुलाया है। प्रदेश के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ उनकी बैठक होगी।
यह बैठक कितनी सफल रहेगी, इसका अनुमान लगाना कठिन है क्योंकि जाट समुदाय पुलिस की ओर से जाटों पर दर्ज किए जा रहे केस वापस लेने और गिरफ्तार जाटों को रिहा किए जाने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही उनकी मांग है कि आरक्षण आंदोलन के दौरान मारे गए सभी लोगों के परिजनों को मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए।
उधर, प्रदेश सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा, लूटपाट व आगजनी के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन्हें भविष्य में भी किसी सरकारी नौकरी में जगह नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही, आरक्षण आंदोलन में मारे गए लोगों में से केवल उन्हीं मृतकों के लिए मुआवजा दिया जाएगा, जो निर्दोष होंगे और उपद्रव के कारण जिनकी जान गई है।
विज्ञापन
सरकार ने अब तक नौ मृतकों को ही निर्दोष माना है और उनके परिजनों को आर्थिक मदद के रूप में 10-10 लाख रुपए के चेक दिए हैं। इन मृतकों के परिवार के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। बाकी 21 मृतकों के बारे में सरकार ने अभी तक कोई घोषणा नहीं की है। माना जा रहा है कि बाकी मृतकों को सरकार ने उपद्रव का दोषी मान लिया है।
फिलहाल रोहतक में धरना दे रहे जाटों को सरकार ने रोहतक जिला प्रशासन के जरिए बातचीत का न्योता भेजा है। जिला प्रशासन ने सरकार का संदेश जाटों तक पहुंचा दिया है, जिसमें रोहतक के साथ-साथ हिसार, सोनीपत, कैथल, झज्जर जिलों के जाट व खाप प्रतिनिधियों को बैठक के लिए बुलाया गया है। इस बीच रोहतक जिला प्रशासन ने हालात को देखते हुए जिले में अर्द्धसैनिक बलों व पुलिस की तैनाती बढ़ा दी है।
विज्ञापन
यह बैठक कितनी सफल रहेगी, इसका अनुमान लगाना कठिन है क्योंकि जाट समुदाय पुलिस की ओर से जाटों पर दर्ज किए जा रहे केस वापस लेने और गिरफ्तार जाटों को रिहा किए जाने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही उनकी मांग है कि आरक्षण आंदोलन के दौरान मारे गए सभी लोगों के परिजनों को मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए।
विज्ञापन
उधर, प्रदेश सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा, लूटपाट व आगजनी के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन्हें भविष्य में भी किसी सरकारी नौकरी में जगह नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही, आरक्षण आंदोलन में मारे गए लोगों में से केवल उन्हीं मृतकों के लिए मुआवजा दिया जाएगा, जो निर्दोष होंगे और उपद्रव के कारण जिनकी जान गई है।
विज्ञापन
सरकार ने अब तक नौ मृतकों को ही निर्दोष माना है और उनके परिजनों को आर्थिक मदद के रूप में 10-10 लाख रुपए के चेक दिए हैं। इन मृतकों के परिवार के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। बाकी 21 मृतकों के बारे में सरकार ने अभी तक कोई घोषणा नहीं की है। माना जा रहा है कि बाकी मृतकों को सरकार ने उपद्रव का दोषी मान लिया है।
फिलहाल रोहतक में धरना दे रहे जाटों को सरकार ने रोहतक जिला प्रशासन के जरिए बातचीत का न्योता भेजा है। जिला प्रशासन ने सरकार का संदेश जाटों तक पहुंचा दिया है, जिसमें रोहतक के साथ-साथ हिसार, सोनीपत, कैथल, झज्जर जिलों के जाट व खाप प्रतिनिधियों को बैठक के लिए बुलाया गया है। इस बीच रोहतक जिला प्रशासन ने हालात को देखते हुए जिले में अर्द्धसैनिक बलों व पुलिस की तैनाती बढ़ा दी है।