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पुराने नोट पर दवा न मिली तो डिप्रेशन में पहुंची महिला, दम तोड़ गई
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
Updated Wed, 16 Nov 2016 09:58 AM IST
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जालंधर में नोट बैन के बाद डिप्र्रेशन में आई महिला की मौत
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नोटबंदी की घोषणा के साइड इफेक्ट भी मिलने शुरू हो गई है। इसी डिप्रेशन में महिला की मौत हो गई। घटना, जालंधर जिले में लम्बा पिंड के न्यू हरदयाल नगर में हुई।
शर्मनाक बात तो यह देखने को मिली कि जैसे ही उसका बेटा कैमिस्ट शाप में 500 का नोट लेकर दवा लेने पहुंचा तो कैमिस्ट ने नोट लेने से मना कर दिया। हताश बेटा वापिस घर पहुंचा, मां की तबीयत खराब होती रही।
अस्पताल लेकर पहुंचे तो डाक्टरों ने भी 500 व 1000 का नोट लेने से मना कर दिया। नतीजा ये हुआ कि महिला की मौत हो गई। मृतका महिला की पहचान उर्मिला देवी (55) पत्नी रामप्रसाद शाह मूल निवासी बिहार हाल न्यू हरदयाल नगर के तौर पर हुई है।
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बेटे राजा ने बताया कि उनकी मां ने काफी समय लगाकर करीब 15 हजार जोड़ रखा था। राजा के मुताबिक जैसे ही 500 व 1000 का नोट बंद होने की खबर सुनकर उसकी मां डिप्रैशन में चली गई।
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शर्मनाक बात तो यह देखने को मिली कि जैसे ही उसका बेटा कैमिस्ट शाप में 500 का नोट लेकर दवा लेने पहुंचा तो कैमिस्ट ने नोट लेने से मना कर दिया। हताश बेटा वापिस घर पहुंचा, मां की तबीयत खराब होती रही।
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अस्पताल लेकर पहुंचे तो डाक्टरों ने भी 500 व 1000 का नोट लेने से मना कर दिया। नतीजा ये हुआ कि महिला की मौत हो गई। मृतका महिला की पहचान उर्मिला देवी (55) पत्नी रामप्रसाद शाह मूल निवासी बिहार हाल न्यू हरदयाल नगर के तौर पर हुई है।
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बेटे राजा ने बताया कि उनकी मां ने काफी समय लगाकर करीब 15 हजार जोड़ रखा था। राजा के मुताबिक जैसे ही 500 व 1000 का नोट बंद होने की खबर सुनकर उसकी मां डिप्रैशन में चली गई।
नोटबंदी का असर
राजा ने बताया कि अस्पताल के डाक्टर का कहना था कि कुछ जल्दी मां को लाते तो शायद वह बच जाती। मां के शव को उक्त अस्पताल की एम्बूलैंस से घर लाए तो एम्बूलैस वाले ने भी 800 रुपये छुट्टे मांगे, लेकिन उनके पास छुट्टे न होने पर वह 1000 का नोट ले गया।
श्मशानघाट वालों ने किया नोट लेने इंकार
विलाप कर रहे राजा ने बताया कि मां का संस्कार करने हेतु वह पास ही के एक श्मशानघाट पहुंचे तो वहां भी उन्हें कहा गया कि 500 व 1000 का नोट नही लिया जाएगा। काफी मिन्नते करने के बाद उनसे 500 व 1000 के नोट लिए गए।
राजा व उनके साथ के लोग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कोस रहे थे और कह रहे थे कि ब्लैक मनी को कंट्रोल करने के चक्कर में सरकार ने गरीबों को ही रोंद दिया है। सरकार को इस बारे कुछ सोचना चाहिए?
श्मशानघाट वालों ने किया नोट लेने इंकार
विलाप कर रहे राजा ने बताया कि मां का संस्कार करने हेतु वह पास ही के एक श्मशानघाट पहुंचे तो वहां भी उन्हें कहा गया कि 500 व 1000 का नोट नही लिया जाएगा। काफी मिन्नते करने के बाद उनसे 500 व 1000 के नोट लिए गए।
राजा व उनके साथ के लोग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कोस रहे थे और कह रहे थे कि ब्लैक मनी को कंट्रोल करने के चक्कर में सरकार ने गरीबों को ही रोंद दिया है। सरकार को इस बारे कुछ सोचना चाहिए?