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कांग्रेस से निकाले जाने पर जगमीत बराड़ ने दिखाया एक्शन, किया ट्वीट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Wed, 13 Apr 2016 11:11 AM IST
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पूर्व सांसद जगमीत बराड़
- फोटो : file
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पूर्व सांसद जगमीत बराड़ पर आखिरकार गाज गिर ही गई। जगमीत बराड़ ने अपने ट्वीट के जरिए ही निष्कासन का खुलासा किया। इसके साथ ही बिना पक्ष सुने निकाले जाने पर नाराजगी जताई। उसके बाद ट्विटर पर ही एलान किया कि वह 21 मई को बुध पूर्णिमा के दिन मोहाली के पास चप्पड़चिड़ी में पंजाबियत के लिए महत्वपूर्ण संबोधन करेंगे। वह दुनिया को दिखाएंगे कि पंजाब के पास टैलेंट है। उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि यह उनकी जिंदगी का सबसे बेहतरीन भाषण होगा।
इसके लिए लोगों को लामबंद करने के लिए वह 60 विधानसभा हलकों का दौरा करेंगे। हालांकि, सोमवार सुबह तक जगमीत को इस कार्रवाई की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने ट्वीट किया था कि कैप्टन समर्थकों के बयान के बाद अब दोनों पक्ष बराबर हो गए हैं। जगमीत ने यह भी लिखा कि 2017 में वह कैप्टन और सुखबीर, दोनों का टारगेट होंगे।
दो साल से चल रहा था आना-जाना
जगमीत बराड़ का पार्टी में आना-जाना करीब दो साल से चल रहा है। लोकसभा चुनाव के बाद उन्होंने सोनिया गांधी और राहुल गांधी को नेतृत्व से हटने की सलाह दे दी थी। अगस्त 2014 में कांग्रेस ने उन्हें सस्पेंड कर दिया था। जनवरी 2015 में जगमीत ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। तब उनकी भाजपा में बात तय हो गई थी। अमृतसर में अमित शाह की रैली में उन्होंने ज्वाइन करना था, लेकिन रैली रद्द हो गई।
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उसके बाद दिल्ली में ज्वाइनिंग की बात पक्की हुई पर फिर भाजपा से उनकी बात टूट गई। हाशिए पर चल रहे जगमीत को कांग्रेस ने एक बार फिर ऑक्सीजन दी थी। अगस्त 2015 में उन्हें बहाल कर वापस लाया गया था। बठिंडा में हुई कैप्टन अमरिंदर की ताजपोशी रैली में साइडलाइन किए जाने से जगमीत नाराज थे। हालांकि, कैप्टन ने बाद में प्रेस कांफ्रेंस में उनसे आयोजकों की गलती के लिए माफी मांगी थी, लेकिन उनकी कैप्टन से नहीं बनी।
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इसके लिए लोगों को लामबंद करने के लिए वह 60 विधानसभा हलकों का दौरा करेंगे। हालांकि, सोमवार सुबह तक जगमीत को इस कार्रवाई की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने ट्वीट किया था कि कैप्टन समर्थकों के बयान के बाद अब दोनों पक्ष बराबर हो गए हैं। जगमीत ने यह भी लिखा कि 2017 में वह कैप्टन और सुखबीर, दोनों का टारगेट होंगे।
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दो साल से चल रहा था आना-जाना
जगमीत बराड़ का पार्टी में आना-जाना करीब दो साल से चल रहा है। लोकसभा चुनाव के बाद उन्होंने सोनिया गांधी और राहुल गांधी को नेतृत्व से हटने की सलाह दे दी थी। अगस्त 2014 में कांग्रेस ने उन्हें सस्पेंड कर दिया था। जनवरी 2015 में जगमीत ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। तब उनकी भाजपा में बात तय हो गई थी। अमृतसर में अमित शाह की रैली में उन्होंने ज्वाइन करना था, लेकिन रैली रद्द हो गई।
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उसके बाद दिल्ली में ज्वाइनिंग की बात पक्की हुई पर फिर भाजपा से उनकी बात टूट गई। हाशिए पर चल रहे जगमीत को कांग्रेस ने एक बार फिर ऑक्सीजन दी थी। अगस्त 2015 में उन्हें बहाल कर वापस लाया गया था। बठिंडा में हुई कैप्टन अमरिंदर की ताजपोशी रैली में साइडलाइन किए जाने से जगमीत नाराज थे। हालांकि, कैप्टन ने बाद में प्रेस कांफ्रेंस में उनसे आयोजकों की गलती के लिए माफी मांगी थी, लेकिन उनकी कैप्टन से नहीं बनी।