Haryana: हरियाणा में दुरुस्त होगी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था, रोडवेज बेड़े में शामिल होंगी 2200 नई बसें
उच्च शिक्षा विभाग में कॉलेजों मे खाली पड़े करीब पांच हजार पदों को भरा जाएगा। इनमें 3500 से अधिक तो सहायक प्रोफेसर शामिल हैं और शेष लाइब्रेरियन से लेकर क्लर्क स्टाफ शामिल हैं। इसके अलावा, विभाग में वेतन विसंगतियों को ठीक करने के लिए भी विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
घाटे में चल रहे परिवहन विभाग को उबारने और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुधारने के लिए हरियाणा सरकार के खाके में इस बार बहुत कुछ खास है। इसी साल मार्च तक बेड़े में 2200 से अधिक बसें शामिल करने की तैयारी है। वहीं, उच्च शिक्षा विभाग में कॉलेजों मे खाली पड़े करीब पांच हजार पदों को भरा जाएगा। इनमें 3500 से अधिक तो सहायक प्रोफेसर शामिल हैं और शेष लाइब्रेरियन से लेकर क्लर्क स्टाफ शामिल हैं। इसके अलावा, विभाग में वेतन विसंगतियों को ठीक करने के लिए भी विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है। इन सभी तमाम बिंदुओं को लेकर प्रदेश के परिवहन, खनन और उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री मूलचंद शर्मा से खास बातचीत।
परिवहन विभाग के बेड़े में आज भी बसों की कमी है, कब दूर होगी ये कमी?
रोडवेज के बेड़े में अप्रैल 2023 तक 2200 यूरो-6 बसें शामिल होंगी। 1000 साधारण बसें बनी-बनाई खरीदी जाएंगी, इनका टेंडर हो चुका है। 809 बसें बनाने का जिम्मा एचआरईसी पर है, जिनमें से लगभग 200 बसें डिपो में पहुंच चुकी हैं। 100 चेसी पर बसें बनाने का काम चल रहा है। वहीं, किलोमीटर स्कीम के तहत 550 इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी। इनमें से 100 बसें मार्च तक सड़कों पर होंगी।
किलोमीटर स्कीम की बसों में आम व्यक्ति की भागीदारी कैसे होगी?
इस स्कीम में खासकर बीपीएल, विधवा और एससी-बीसी समेत जरूरतमंद परिवारों के सदस्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। बकायदा सोसाइटी बनाकर सरकार इन सदस्यों को ऋण भी देगी, ताकि वह निजी बस के रूप में अपना कारोबार शुरू कर सके। फिलहाल इस नीति पर काम चल रही है, जल्द ही इसे जारी किया जाएगा।
पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़े हैं, क्या नए साल में किराया बढ़ाने की तैयारी है?
नहीं, फिलहाल किराया बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। रोडवेज कभी भी मुनाफे का उपक्रम नहीं रहा है। यह लोगों की सुविधा के लिए है।
रोडवेज का घाटा बढ़कर 1000 करोड़ हो गया, कैसे कम करेंगे इसे?
पहले के मुकाबले रोडवेज ने अपनी कार्यप्रणाली में काफी बदलाव किया है। घाटे से उबरने के लिए भी इंतजाम किए जा रहे हैं। भविष्य में मुफ्त में यात्रा करने वाले यात्रियों को कार्ड दिया जाएगा। इससे काफी हद तक चीजें ठीक होंगी। दूसरा हर कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की गई है कि वह रोडवेज को घाटे से उबारने के लिए काम करे।
हाल ही में आपके पास उच्च शिक्षा विभाग आया है, विभाग में काफी संख्या पद खाली हैं, कब भरे जाएंगे?
इसकी समीक्षा कर ली गई है। कॉलेजों में कुल पांच हजार पदों को भरने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें 3500 से अधिक सहायक प्रोफेसर, लाइब्रेरियन, क्लर्क और तकनीकी स्टाफ शामिल है। मुख्यमंत्री से इसको लेकर बात हो चुकी है। जल्द ही इन पदों को विज्ञापित किया जाएगा और तय समय में इनकी भर्ती पूरी की जाएगी।
शिक्षा विभाग में वेतन विसंगतियों और रुकी पदोन्नति कब तक बहाल होंगी?
समीक्षा में सामने आया है कि वेतनमान को लेकर कुछ विसंगतियां हैं। साथ ही काफी संख्या में स्टाफ की पदोन्नति रुकी हुई है। इस साल में हमने लक्ष्य रखा है कि वेतन विसंगतियो को दूर किया जाएगा और सभी पात्र कर्मचारियों की पदोन्नति की जाएगी।
20 किलोमीटर तक क्षेत्र में नए कालेज बनाने की घोषणा तो हुई, लेकिन नए भवन अभी नहीं मिले हैं?
ये मामला भी मेरे संज्ञान में आया है। अभी कई स्थानों पर स्कूलों के भवनों में ही कालेज की कक्षाएं चल रही हैं। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, नए कालेजों के भवन बनाए जा रहे हैं। काफी संख्या में निर्माण पूरा हो चुका है। अगले सत्र में सभी विद्यार्थियों को कालेजों के नए भवन में शिफ्ट करेंगे।
प्रदेश में धड़ाधड़ अवैध खनन चल रहा है, कैसे रोकेंगे इसे?
विपक्ष के लोग झूठे आरोप लगाते हैं। पहले की सरकारों में अवैध माइनिंग होती थी, अब ऐसा नहीं है। कांग्रेस के दस साल में 1246 करोड़ रुपये का राजस्व मिला और भाजपा के आठ साल में ही यह बढ़कर 4667 करोड़ रुपये हो गया। अगर अवैध माइनिंग होती तो राजस्व नहीं बढ़ता।
नूंह में खनन माफिया ने डीएसपी की हत्या कर दी थी और आप कहते हैं अवैध खनन बंद है?
वो मामला अलग था, अरावली के क्षेत्र में कुछ लोग अवैध खनन के धंधे में लिप्त थे। सरकार ने विशेष अभियान चलायाकर यह सब रुकवाया है। इतना ही नहीं अन्य जिलों में सभी डीसी और एसपी की जिम्मेदारी अवैध खनन रोकने को लगाई है। इन अधिकारियों से लगातार फीडबैक लिया जा रहा है। अवैध खनन करने वालों पर कार्रवाई होती है और जुर्माने भी ठोके जाते हैं।
एनजीटी के निर्देशों का पालन नहीं करने पर ठेकेदारों पर करोड़ों रुपये जुर्माना लगा है, वह कोर्ट में चले गए हैं, वसूली कैसे होगी?
देखिये खनन नियमों के तहत किया जा सकता है। इसके बाहर जाने पर जुर्माने समेत अन्य प्रावधान तैं। डाडम, यमुनानगर में नियमों की अनदेखी करने पर ठेकेदोरों पर जुर्माना किया है। अगर ठेकेदार जुर्माना नहीं भरेंगे तो उसकी प्रापर्टी सरकार के पास रहन है। जरूरत पड़ी तो उस प्रापर्टी की बोली कराकर जुर्माना वसूला जाएगा।
क्या दोबारा से डाडम में खनन शुरू किया जाएगा?
एनजीटी के निर्देशों को देखते हुए तमाम उन खामियों को दूर किया जाएगा, जो खतरनाक हैं। सर्वे के बाद डाडम में खतरनाक प्वाइंटस को ठीक किया जाएगा। जहां पर खनन साइट ठीक हैं, वहां पर दोबारा से खनन चालू करने की योजना है। क्योंकि खनन से लोगों के निर्माण के कार्यों पर भी प्रभाव पड़ता है। सरकार ने कुल 60 साइट लीज पर दी हैं, करनाल और सोनीपत में कुछ नई साइट भी शुरू करने की तैयारी है।
ओवरलोडिंग नहीं रुक पा रही है, रोजाना हादसे हो रहे हैं, इनको रोकने की क्या योजना है?
ओवरलोडिंग रोकने के लिए विभाग पुख्ता प्रयास कर रहा है। पिछले कुछ सालों से हर साल 200 करोड़ रुपये से अधिक के चालान किए हैं। जल्द ही इसके लिए ट्रांसपोर्टर के साथ बैठक करके उनको भी जागरूक किया जाएगा। अगर नहीं माने तो पुलिस और विभाग मिलकर ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त अभियान चलाएगा।
स्क्रैप नीति हरियाणा में कब तक लागू होगी
स्क्रैप नीति की अधिसूचना जारी हो चुकी है। एनसीआर में पहले से दस साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल के वाहनों पर चलाने पर पाबंदी है। शेष हरियाणा में भी इसको लागू किया जाएगा। पहले लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि अगर उनके वाहन समय अवधि पूरा कर चुके हैं तो उसे स्क्रैप करा लें। इसके लिए स्क्रैप प्लांट भी लगाए जाएंगे।