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दूसरी बार झज्जर की 'बहू' को मिलेगा 'नारी शक्ति सम्मान', पहाड़ों में लोगों को दे रहीं 'संजीवनी'
Thu, 07 Mar 2019 12:18 AM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झज्जर/बहादुरगढ़ (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झज्जर/बहादुरगढ़ (हरियाणा)
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 07 Mar 2019 12:18 AM IST
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पीएम मोदी के साथ डॉ. अनीता भारद्वाज
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महिला सशक्तीकरण और महिलाओं के लिए कार्य करने वाली झज्जर की बहू डॉ. अनीता को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) पर राष्ट्रपति नारी शक्ति सम्मान से सम्मानित करेंगे। बुधवार शाम राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में आयोजित कार्यक्रम में इसकी घोषणा की गई। डॉ. अनीता को यह पुरस्कार प्राकृतिक आपदा के दौरान पहाड़ों पर जाकर लोगों का जीवन बचाने के लिए दिया जा रहा है।
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लगातार दूसरे साल उन्हें यह पुरस्कार राष्ट्रपति के हाथों मिलने जा रहा है। प्रदेश सरकार ने भी डॉ. अनीता को 2014 में कल्पना चावला शौर्य अवॉर्ड से सम्मानित किया था। डॉ. अनीता राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों महिलाओं के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘नारी शक्ति पुरस्कार-2018’ से सम्मानित हो चुकी हैं। डॉ. भारद्वाज को यह सम्मान पहाड़ के दुर्गम क्षेत्रों में लोगों को उल्लेखनीय चिकित्सा सुविधा देने के लिए प्रदान किया गया था।
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डॉ. अनीता को पहाड़ों के दुर्गम स्थानों पर मेडिकल सेवाएं देने के लिए 2017 में ई-गवर्नेंस पुरस्कार, 2016 में हरियाणा सरकार की ओर से कल्पना चावला शौर्य पुरस्कार के अलावा दिल्ली सरकार की ओर से वुमन एचीवमेंट पुरस्कार भी मिल चुका है। डॉ. भारद्वाज कई दुर्गम स्थानों पर मेडिकल सेवाएं दे चुकी हैं।
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वे सिक्स सिग्मा हाई ऑल्टीट्यूड मेडिकल रेस्क्यू की ओर से लगाए गए विभिन्न मेडिकल कैंपों में अब तक 53,889 पीड़ित महिलाओं को प्राथमिक चिकित्सा सेवा दे चुकी हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा में उन्होंने डोल्मा पास में 19500 फीट की ऊंचाई पर 750 पीड़ितों को चिकित्सा सहायता देकर उनकी जान बचाई थी। 2014 में अमरनाथ यात्रा के दौरान 11,290 श्रद्धालुओं को चिकित्सा सेवा देकर उन्हें नवजीवन प्रदान किया था।