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चंडीगढ़ एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को लेकर हाईकोर्ट की फटकार
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Updated Thu, 28 Jul 2016 07:38 PM IST
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indigo
- फोटो : indigo
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चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें कब शुरू होंगी, इस पर अभी संशय बरकरार है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में इस मुद्दे पर चल रही सुनवाई में वीरवार को केंद्र सरकार को लगाई जमकर फटकार लगाई।
चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें कब शुरू होंगी, इस पर अभी संशय बरकरार है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में इस मुद्दे पर चल रही सुनवाई में वीरवार को भी सभी पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने में आ रही दिक्कतें गिनाईं। हालांकि, जस्टिस एसएस सारों और जस्टिस लीजा गिल की डिवीजन बेंच ने एक बार फिर केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई। इस मामले पर तकनीकी विशेषज्ञों की राय अदालत को मुहैया कराने का आदेश देते हुए डिवीजन बेंच ने मामले की अगली सुनवाई बुधवार को तय कर दी।
इस साल के भीतर ही चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ान शरू करने का दावा करती रही इंडिगो एयरलाइंस ने वीरवार को सुनवाई के दौरान कहा कि उसे चंडीगढ़ एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट शुरू करने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) से स्लॉट्स नहीं मिले हैं। इंडिगो एयरलाइंस की तरफ से यह भी कहा गया कि कंपनी ने रक्षा मंत्रालय को भी अनुमति के लिए पत्र लिखा है। इस पर, कोर्ट में मौजूद एएआई के वकील ने स्लॉट्स नहीं मिलने की इंडिगो की दलील के गलत ठहराते हुए कहा कि कंपनी के स्लाट्स उपलब्ध करवा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इंडिगो कंपनी कमर्शियल वायबिलिटी देख रही है, जिसके कारण वह अब तक चंडीगढ़ को अपनी दुबई फ्लाइट के रूट में नहीं जोड़ पा रही।
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एएआई ने इंडिगो की इस दलील को भी गलत ठहराया, जिसमें कंपनी की ओर से कहा गया कि उसे दुबई का स्लॉट नहीं मिल रहा। फिर भी एएआई ने अदालत में कहा कि इंडिगो को अन्य जो भी सुविधाएं चाहिए, वह भी 48 घंटों में उपलब्ध करवा दी जाएंगी। इस पर इंडिगो की तरफ से कहा गया कि रक्षा मंत्रालय से अनुमति मिलने के दस दिन के भीतर वह चंडीगढ़ से अपनी अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट का शेड्यूल अदालत में प्रस्तुत कर देगी। उधर, एयर इंडिया एक्सप्रेस, जिससे हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ से इंटरनेशनल फ्लाइट्स शुरू करने को लेकर टाइम टेबल जमा कराने को कहा गया था, वीरवार को अदालत में खाली हाथ ही पहुंची। इस पर हाईकोर्ट ने उसे आदेश दिया कि बुधवार को अगली सुनवाई के समय कंपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का पूरा टाइम टेबल दाखिल करे।
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चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें कब शुरू होंगी, इस पर अभी संशय बरकरार है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में इस मुद्दे पर चल रही सुनवाई में वीरवार को भी सभी पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने में आ रही दिक्कतें गिनाईं। हालांकि, जस्टिस एसएस सारों और जस्टिस लीजा गिल की डिवीजन बेंच ने एक बार फिर केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई। इस मामले पर तकनीकी विशेषज्ञों की राय अदालत को मुहैया कराने का आदेश देते हुए डिवीजन बेंच ने मामले की अगली सुनवाई बुधवार को तय कर दी।
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इस साल के भीतर ही चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ान शरू करने का दावा करती रही इंडिगो एयरलाइंस ने वीरवार को सुनवाई के दौरान कहा कि उसे चंडीगढ़ एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट शुरू करने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) से स्लॉट्स नहीं मिले हैं। इंडिगो एयरलाइंस की तरफ से यह भी कहा गया कि कंपनी ने रक्षा मंत्रालय को भी अनुमति के लिए पत्र लिखा है। इस पर, कोर्ट में मौजूद एएआई के वकील ने स्लॉट्स नहीं मिलने की इंडिगो की दलील के गलत ठहराते हुए कहा कि कंपनी के स्लाट्स उपलब्ध करवा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इंडिगो कंपनी कमर्शियल वायबिलिटी देख रही है, जिसके कारण वह अब तक चंडीगढ़ को अपनी दुबई फ्लाइट के रूट में नहीं जोड़ पा रही।
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एएआई ने इंडिगो की इस दलील को भी गलत ठहराया, जिसमें कंपनी की ओर से कहा गया कि उसे दुबई का स्लॉट नहीं मिल रहा। फिर भी एएआई ने अदालत में कहा कि इंडिगो को अन्य जो भी सुविधाएं चाहिए, वह भी 48 घंटों में उपलब्ध करवा दी जाएंगी। इस पर इंडिगो की तरफ से कहा गया कि रक्षा मंत्रालय से अनुमति मिलने के दस दिन के भीतर वह चंडीगढ़ से अपनी अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट का शेड्यूल अदालत में प्रस्तुत कर देगी। उधर, एयर इंडिया एक्सप्रेस, जिससे हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ से इंटरनेशनल फ्लाइट्स शुरू करने को लेकर टाइम टेबल जमा कराने को कहा गया था, वीरवार को अदालत में खाली हाथ ही पहुंची। इस पर हाईकोर्ट ने उसे आदेश दिया कि बुधवार को अगली सुनवाई के समय कंपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का पूरा टाइम टेबल दाखिल करे।
लोग पत्र लिखकर पूछते हैं, कब शुरू होगी इंटरनेशनल फ्लाइट्स
चंड़ीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट
- फोटो : demo pic
इंटरनेशनल फ्लाइट्स की तकनीकी अड़चनें भी गिनाईं
वीरवार को हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान एयरपोर्ट और इंटरनेशनल फ्लाइट्स से जुड़े पक्षों ने एक बार फिर चंड़ीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट में आ रही तकनीकी खामियों का जिक्र किया। इस पर हाईकोर्ट ने विमानन कंपनियों से फ्लाइट्स का टाइम शेड्यूल मंगाने के साथ-साथ एयरपोर्ट के रनवे के बारे में तकनीकी पहलुओं पर तकनीकी विशेषज्ञों की राय लेने का फैसला किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बड़े विमानों की लैंडिंग हो सके, इसके लिए रनवे की रि-सरफेसिंग और विस्तार जरूरी हो चुका है।
अदालत को यह भी बताया गया कि चूंकि यह डिफेंस एयरपोर्ट भी है, इसलिए इसे बंद नहीं किया जा सकता और रात के समय छह घंटे तक रि-सरफेसिंग कराई जा सकती है। रि-सरफेसिंग होने के बाद चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर कैट-3 सिस्टम लगाया जा सकता है। केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि यह काम वर्ष 2018 की पहली चौमाही में पूरा कर लिया जाएगा। इस पर याचिकाकर्ता और हाईकोर्ट ने पूछा कि यह जल्दी क्यों नहीं हो सकता है। केंद्र सरकार ने कहा कि यह काम जल्दी पूरा करने के लिए इस एयरपोर्ट को कुछ माह के लिए पूरी तरह बंद करना पड़ेगा, जो संभव नहीं है।
लोग पत्र लिखकर पूछते हैं, कब शुरू होगी इंटरनेशनल फ्लाइट्स
हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और एएआई से कहा कि बीते वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। इसके बावजूद अब तक यहां से एक भी इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू नहीं हो सकी है। जस्टिस एसएस सारों और जस्टिस लीजा गिल की खंडपीठ ने कहा कि अब यह एक बेहद भी भावनात्मक मुद्दा बन गया है। इससे लोगों की उम्मीदें जुडी हैं। खंडपीठ ने कहा कि उन्हें इस मामले में कई लोगों के पत्र मिल रहे हैं, जिनकी मांग है कि फ्लाइट्स जल्द शुरू हों। ऐसे में केंद्र सरकार को इस मामले में ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।
वीरवार को हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान एयरपोर्ट और इंटरनेशनल फ्लाइट्स से जुड़े पक्षों ने एक बार फिर चंड़ीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट में आ रही तकनीकी खामियों का जिक्र किया। इस पर हाईकोर्ट ने विमानन कंपनियों से फ्लाइट्स का टाइम शेड्यूल मंगाने के साथ-साथ एयरपोर्ट के रनवे के बारे में तकनीकी पहलुओं पर तकनीकी विशेषज्ञों की राय लेने का फैसला किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बड़े विमानों की लैंडिंग हो सके, इसके लिए रनवे की रि-सरफेसिंग और विस्तार जरूरी हो चुका है।
अदालत को यह भी बताया गया कि चूंकि यह डिफेंस एयरपोर्ट भी है, इसलिए इसे बंद नहीं किया जा सकता और रात के समय छह घंटे तक रि-सरफेसिंग कराई जा सकती है। रि-सरफेसिंग होने के बाद चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर कैट-3 सिस्टम लगाया जा सकता है। केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि यह काम वर्ष 2018 की पहली चौमाही में पूरा कर लिया जाएगा। इस पर याचिकाकर्ता और हाईकोर्ट ने पूछा कि यह जल्दी क्यों नहीं हो सकता है। केंद्र सरकार ने कहा कि यह काम जल्दी पूरा करने के लिए इस एयरपोर्ट को कुछ माह के लिए पूरी तरह बंद करना पड़ेगा, जो संभव नहीं है।
लोग पत्र लिखकर पूछते हैं, कब शुरू होगी इंटरनेशनल फ्लाइट्स
हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और एएआई से कहा कि बीते वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। इसके बावजूद अब तक यहां से एक भी इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू नहीं हो सकी है। जस्टिस एसएस सारों और जस्टिस लीजा गिल की खंडपीठ ने कहा कि अब यह एक बेहद भी भावनात्मक मुद्दा बन गया है। इससे लोगों की उम्मीदें जुडी हैं। खंडपीठ ने कहा कि उन्हें इस मामले में कई लोगों के पत्र मिल रहे हैं, जिनकी मांग है कि फ्लाइट्स जल्द शुरू हों। ऐसे में केंद्र सरकार को इस मामले में ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।