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आधुनिक शिक्षा देने के लिए स्कूलों में लगेंगे इंटरैक्टिव पैनल
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चंडीगढ़। शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के बच्चों को आधुनिक शिक्षा देने के लिए योजना बनाई है। विभाग 89 सरकारी स्कूलों में स्मार्ट इंटरएक्टिव टीवी लगाने जा रहा है। ये टीवी एंड्राइड मोबाइल से लिंक होंगे। कोई भी शिक्षक अपने मोबाइल में एप डाउनलोड कर विद्यार्थियों से रूबरू हो सकेगा। शहर के सरकारी स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं पहले से ही हैं। ये स्मार्ट कक्षाओं के अतिरिक्त प्रोजेक्ट हैं।
शिक्षा निदेशक डॉ. पालिका अरोड़ा ने बताया कि विभाग की ओर से 89 स्कूलों में हर स्कूल में दो-दो स्मार्ट टीवी लगाने की योजना है। पहले फेज में अभी हम हर स्कूल में एक टीवी लगाने जा रहे हैं। स्मार्ट टीवी लगाने के लिए प्रति कक्षा का बजट लगभग सवा लाख रुपये होगा। स्कूलों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। विभाग की ओर से सोमवार को स्कूल प्रमुखों को पत्र लिखकर कहा गया है कि वे अपने स्कूल में एक स्मार्टरूम बनाने की मार्किंग करें और स्कूलों में वाईफाई और इंटरनेट सुनिश्चित करें। इस संबंधी सारी रिपोर्ट की डिटेल प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर को भेजी जाए। प्रोजेक्ट पर 90 लाख की राशि खर्च हुई है। अगले एक-दो दिन में ये स्मार्ट इंटरएक्टिव टीवी चंडीगढ़ पहुंच जाएंगे और मई अंत तक ये टीवी स्कूलों में इंस्टाल कर दिए जाएंगे।
दिल्ली की कंपनी से किया समझौता
इस प्रोजेक्ट को लेकर शिक्षा विभाग ने नई दिल्ली की बरायो इंटरएक्टिव टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को कॉन्ट्रेक्ट दिया है। यह कंपनी स्कूलों में स्मार्ट टीवी लगाने के साथ-साथ उनका रख-रखाव भी करेगी। पहले वाले स्मार्ट कक्षा में सिर्फ कंप्यूटर और प्रोजेक्टर लगाया जाता था पर ये इंटरएक्टिव नहीं होते थे लेकिन अब 65 इंच का स्मार्ट टीवी लगाया जाएगा। इन टीवी में आई 5 प्रोसेसर, 8 जीबी रैम और 256 जीबी की हार्ड डिस्क होगी। ये टीवी एंड्राइड सिस्टम के साथ लैस होंगे। इस स्मार्ट टीवी के साथ कंपनी की ओर से सॉफ्टवेयर भी मुहैया करवाया जाएगा, जिससे शिक्षक छात्रों को इंटरएक्टिव शिक्षा देंगे।
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स्कूलों को बनाया जा रहा वाईफाई लैस
शिक्षा निदेशक डॉ. पालिका अरोड़ा ने बताया कि सरकारी स्कूलों को वाईफाई लैस बनाया जा रहा है। स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड, टीवी इत्यादि सुविधाओं के लिए प्राथमिक तौर पर बेहतर इंटरनेट सुविधा जरूरी है। इसके लिए फाइबर इंटरनेट लगवाए गए हैं, कुछ स्कूलों में काम चल रहा है। ये इंटरनेट की 100 एमबीपीएस की स्पीड देंगे, जिससे छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई में समस्या नहीं आए।
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शिक्षा निदेशक डॉ. पालिका अरोड़ा ने बताया कि विभाग की ओर से 89 स्कूलों में हर स्कूल में दो-दो स्मार्ट टीवी लगाने की योजना है। पहले फेज में अभी हम हर स्कूल में एक टीवी लगाने जा रहे हैं। स्मार्ट टीवी लगाने के लिए प्रति कक्षा का बजट लगभग सवा लाख रुपये होगा। स्कूलों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। विभाग की ओर से सोमवार को स्कूल प्रमुखों को पत्र लिखकर कहा गया है कि वे अपने स्कूल में एक स्मार्टरूम बनाने की मार्किंग करें और स्कूलों में वाईफाई और इंटरनेट सुनिश्चित करें। इस संबंधी सारी रिपोर्ट की डिटेल प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर को भेजी जाए। प्रोजेक्ट पर 90 लाख की राशि खर्च हुई है। अगले एक-दो दिन में ये स्मार्ट इंटरएक्टिव टीवी चंडीगढ़ पहुंच जाएंगे और मई अंत तक ये टीवी स्कूलों में इंस्टाल कर दिए जाएंगे।
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दिल्ली की कंपनी से किया समझौता
इस प्रोजेक्ट को लेकर शिक्षा विभाग ने नई दिल्ली की बरायो इंटरएक्टिव टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को कॉन्ट्रेक्ट दिया है। यह कंपनी स्कूलों में स्मार्ट टीवी लगाने के साथ-साथ उनका रख-रखाव भी करेगी। पहले वाले स्मार्ट कक्षा में सिर्फ कंप्यूटर और प्रोजेक्टर लगाया जाता था पर ये इंटरएक्टिव नहीं होते थे लेकिन अब 65 इंच का स्मार्ट टीवी लगाया जाएगा। इन टीवी में आई 5 प्रोसेसर, 8 जीबी रैम और 256 जीबी की हार्ड डिस्क होगी। ये टीवी एंड्राइड सिस्टम के साथ लैस होंगे। इस स्मार्ट टीवी के साथ कंपनी की ओर से सॉफ्टवेयर भी मुहैया करवाया जाएगा, जिससे शिक्षक छात्रों को इंटरएक्टिव शिक्षा देंगे।
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स्कूलों को बनाया जा रहा वाईफाई लैस
शिक्षा निदेशक डॉ. पालिका अरोड़ा ने बताया कि सरकारी स्कूलों को वाईफाई लैस बनाया जा रहा है। स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड, टीवी इत्यादि सुविधाओं के लिए प्राथमिक तौर पर बेहतर इंटरनेट सुविधा जरूरी है। इसके लिए फाइबर इंटरनेट लगवाए गए हैं, कुछ स्कूलों में काम चल रहा है। ये इंटरनेट की 100 एमबीपीएस की स्पीड देंगे, जिससे छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई में समस्या नहीं आए।