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इंस्पेक्टर सुच्चा सिंह हत्या मामले में सजा आज
अमर उजाला चंडीगढ़
Updated Wed, 04 Dec 2013 10:57 AM IST
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इंस्पेक्टर सुच्चा सिंह की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसके अग्रवाल की अदालत ने मंगलवार को चंडीगढ़ पुलिस के बर्खास्त कांस्टेबल बसंत और उसकी प्रेमिका सरिता को दोषी करार दिया।
अब इस मामले में चार दिसंबर को सजा सुनाई जाएगी। फास्ट ट्रैक कोर्ट की तर्ज पर सुनवाई करते हुए जिला अदालत ने पांच महीने के अंदर 12 सुनवाई की और 25 गवाहों के बयान दर्ज किए।
बसंत और सरिता को दोषी करार देने में चश्मदीद होमगार्ड जवान जतिंद्र, जिला अदालत में संतरी अनिल कुमार के बयान और दोषियों के कपड़ों से मिले खून के निशान अहम सुबूत रहे।
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दोनों को हत्या, सरकारी कर्मी की ड्यूटी में बाधा डालने, घायल करने, लूट और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत दोषी करार दिया गया।
जैसे ही जिप्सी स्टार्ट की, चाकुओं से वार किए
ट्रैफिक में तैनात इंस्पेक्टर सुच्चा सिंह 07 जून 2013 की रात ड्राइवर होमगार्ड जवान जतिंद्र के साथ नाइट चेकिंग पर थे।
थाने में चेकिंग के बाद सेक्टर-17 जिला अदालत के गेट के पास (बस स्टैंड की तरफ) एक युवक और युवती खड़े थे। इंस्पेक्टर सुच्चा सिंह अदालत के गेट के पास जिप्सी से उतरे और दोनों से पूछताछ की, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर दोनों को इंटरसेप्टर जिप्सी में पीछे बैठाकर सेक्टर-17 पुलिस स्टेशन ले जाने लगे।
यह युवक कोई और नहीं, बल्कि चंडीगढ़ पुलिस से बर्खास्त कांस्टेबल सोनीपत के गांव गौरा का निवासी बसंत उर्फ बंटी था।
जिप्सी स्टार्ट करते ही बंटी ने इंस्पेक्टर पर चाकुओं से सीने पर दाईं तरफ छह वार किए। ड्राइवर बचाव को आगे बढ़ा तो उसके हाथ पर भी वार किए गए।
इसके बाद दोनों को बाहर फेंककर बसंत जिप्सी लेकर फरार हो गया। होमगार्ड जवान ने मामले की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी।
पुलिस ने इंस्पेक्टर सुच्चा सिंह और होमगार्ड जवान को पीजीआई दाखिल करवाया। यहां डाक्टरों ने सुच्चा सिंह को मृत घोषित कर दिया।
9 जून को किया गिरफ्तार
सेक्टर 17 थाना पुलिस ने बसंत और सरिता पर हत्या, सरकारी कर्मी की ड्यूटी में बाधा डालने, घायल करने, लूट और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
अगले ही दिन सोनीपत पुलिस ने सरिता के पति संदीप और सास रोशनी की हत्या के मामले में बसंत और सरिता को 9 जून 2013 को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बंसत की निशानदेही पर स्विफ्ट कार और एसएलआर भी बरामद की थी।
18 अप्रैल को किया था डबल मर्डर
बर्खास्त कांस्टेबल बसंत की प्रेमिका सरिता की शादी 15 अप्रैल 2013 को सोनीपत निवासी संदीप कुमार से हुई थी।
शादी के बाद 18 अप्रैल को बसंत स्विफ्ट कार लेकर अपनी प्रेमिका के ससुराल गया और सरकारी एसएलआर से संदीप और उसकी मां रोशनी की हत्या कर सरिता के साथ फरार हो गया था। बसंत को 20 अप्रैल 2013 को बर्खास्त किया गया था।
एसएलआर मामले में चल रही है सुनवाई
प्रेमिका सरिता की शादी की जानकारी मिलते ही बसंत ने धोखे से सेक्टर 26 पुलिस लाइन में जाकर एसएलआर और 20 गोलियां जारी करवाई थी।
मामले की अभी सुनवाई एसीजेएम की अदालत में चल रही है। इसी एसएलआर से उसने दो कत्ल किए थे।
टाइम लाइन
07 जून 2013- जिला अदालत के बाहर इंस्पेक्टर सुच्चा सिंह की चाकुओं से गोदकर हत्या
09 जून 2013 - सोनीपत पुलिस ने बसंत और सरिता को दोहरे हत्याकांड में दिल्ली से गिरफ्तार किया था
09 जून 2013- हत्या मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने दोनों का प्रोडक्शन वारंट मांगा
13 जून 2013- चंडीगढ़ पुलिस ने दोनों का प्रोडक्शन वारंट हासिल कर उन्हें गिरफ्तार किया
24 अगस्त 2013- सेक्टर 17 थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ चार्जशीट दायर की
17 सितंबर 2013- अदालत ने उन पर हत्या, सरकारी कर्मी की ड्यूटी में बाधा डालने, घायल करने, लूट करने और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत आरोप तय किए
नौकरी मिलने का इंतजार
इंस्पेक्टर सुच्चा सिंह की हत्या के बाद अदालत ने आरोपियों को दोषी करार दे दिया है लेकिन अभी तक उनके बेटे परमिंदर सिंह को एएसआई की नौकरी नहीं मिली है। प्रशासन ने पिछले माह परमिंदर को एएसआई के पद पर भर्ती करने के लिए एमएचए को पत्र लिखा है। लेकिन प्रशासन के नियम के तहत पुलिस विभाग सीधा एएसआई भर्ती नहीं कर सकता। पिता की मौत के समय परमिंदर विदेश में नौकरी कर रहा था और अब वह अपनी मां के साथ चंडीगढ़ में रह रहा है।
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अब इस मामले में चार दिसंबर को सजा सुनाई जाएगी। फास्ट ट्रैक कोर्ट की तर्ज पर सुनवाई करते हुए जिला अदालत ने पांच महीने के अंदर 12 सुनवाई की और 25 गवाहों के बयान दर्ज किए।
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बसंत और सरिता को दोषी करार देने में चश्मदीद होमगार्ड जवान जतिंद्र, जिला अदालत में संतरी अनिल कुमार के बयान और दोषियों के कपड़ों से मिले खून के निशान अहम सुबूत रहे।
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दोनों को हत्या, सरकारी कर्मी की ड्यूटी में बाधा डालने, घायल करने, लूट और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत दोषी करार दिया गया।
जैसे ही जिप्सी स्टार्ट की, चाकुओं से वार किए
ट्रैफिक में तैनात इंस्पेक्टर सुच्चा सिंह 07 जून 2013 की रात ड्राइवर होमगार्ड जवान जतिंद्र के साथ नाइट चेकिंग पर थे।
थाने में चेकिंग के बाद सेक्टर-17 जिला अदालत के गेट के पास (बस स्टैंड की तरफ) एक युवक और युवती खड़े थे। इंस्पेक्टर सुच्चा सिंह अदालत के गेट के पास जिप्सी से उतरे और दोनों से पूछताछ की, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर दोनों को इंटरसेप्टर जिप्सी में पीछे बैठाकर सेक्टर-17 पुलिस स्टेशन ले जाने लगे।
यह युवक कोई और नहीं, बल्कि चंडीगढ़ पुलिस से बर्खास्त कांस्टेबल सोनीपत के गांव गौरा का निवासी बसंत उर्फ बंटी था।
जिप्सी स्टार्ट करते ही बंटी ने इंस्पेक्टर पर चाकुओं से सीने पर दाईं तरफ छह वार किए। ड्राइवर बचाव को आगे बढ़ा तो उसके हाथ पर भी वार किए गए।
इसके बाद दोनों को बाहर फेंककर बसंत जिप्सी लेकर फरार हो गया। होमगार्ड जवान ने मामले की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी।
पुलिस ने इंस्पेक्टर सुच्चा सिंह और होमगार्ड जवान को पीजीआई दाखिल करवाया। यहां डाक्टरों ने सुच्चा सिंह को मृत घोषित कर दिया।
9 जून को किया गिरफ्तार
सेक्टर 17 थाना पुलिस ने बसंत और सरिता पर हत्या, सरकारी कर्मी की ड्यूटी में बाधा डालने, घायल करने, लूट और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
अगले ही दिन सोनीपत पुलिस ने सरिता के पति संदीप और सास रोशनी की हत्या के मामले में बसंत और सरिता को 9 जून 2013 को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बंसत की निशानदेही पर स्विफ्ट कार और एसएलआर भी बरामद की थी।
18 अप्रैल को किया था डबल मर्डर
बर्खास्त कांस्टेबल बसंत की प्रेमिका सरिता की शादी 15 अप्रैल 2013 को सोनीपत निवासी संदीप कुमार से हुई थी।
शादी के बाद 18 अप्रैल को बसंत स्विफ्ट कार लेकर अपनी प्रेमिका के ससुराल गया और सरकारी एसएलआर से संदीप और उसकी मां रोशनी की हत्या कर सरिता के साथ फरार हो गया था। बसंत को 20 अप्रैल 2013 को बर्खास्त किया गया था।
एसएलआर मामले में चल रही है सुनवाई
प्रेमिका सरिता की शादी की जानकारी मिलते ही बसंत ने धोखे से सेक्टर 26 पुलिस लाइन में जाकर एसएलआर और 20 गोलियां जारी करवाई थी।
मामले की अभी सुनवाई एसीजेएम की अदालत में चल रही है। इसी एसएलआर से उसने दो कत्ल किए थे।
टाइम लाइन
07 जून 2013- जिला अदालत के बाहर इंस्पेक्टर सुच्चा सिंह की चाकुओं से गोदकर हत्या
09 जून 2013 - सोनीपत पुलिस ने बसंत और सरिता को दोहरे हत्याकांड में दिल्ली से गिरफ्तार किया था
09 जून 2013- हत्या मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने दोनों का प्रोडक्शन वारंट मांगा
13 जून 2013- चंडीगढ़ पुलिस ने दोनों का प्रोडक्शन वारंट हासिल कर उन्हें गिरफ्तार किया
24 अगस्त 2013- सेक्टर 17 थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ चार्जशीट दायर की
17 सितंबर 2013- अदालत ने उन पर हत्या, सरकारी कर्मी की ड्यूटी में बाधा डालने, घायल करने, लूट करने और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत आरोप तय किए
नौकरी मिलने का इंतजार
इंस्पेक्टर सुच्चा सिंह की हत्या के बाद अदालत ने आरोपियों को दोषी करार दे दिया है लेकिन अभी तक उनके बेटे परमिंदर सिंह को एएसआई की नौकरी नहीं मिली है। प्रशासन ने पिछले माह परमिंदर को एएसआई के पद पर भर्ती करने के लिए एमएचए को पत्र लिखा है। लेकिन प्रशासन के नियम के तहत पुलिस विभाग सीधा एएसआई भर्ती नहीं कर सकता। पिता की मौत के समय परमिंदर विदेश में नौकरी कर रहा था और अब वह अपनी मां के साथ चंडीगढ़ में रह रहा है।