खुलासा: फर्जी सर्टिफिकेट के सहारे सेना में नौकरी
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कुछ माह पहले पटियाला में फौज की भर्ती के दौरान 33 जवानों ने अपनी कम उम्र दिखाने के लिए नकली सर्टिफिकेट बनवाए और इनके आधार पर नौकरी हासिल कर ली।
इन जवानों की अलग-अलग जगह तैनाती भी हो गई लेकिन अचानक मामला अधिकारियों की पकड़ में आया तो हड़कंप मच गया। इन सभी आरोपी फौजी जवानों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दे दी गई है। इससे पहले भी 11 फर्जी जवान धरे जा चुके हैं, जिनके खिलाफ पुलिस केस दर्ज हो चुका है।
आरोपियों ने हासिल किए दसवीं के फर्जी सर्टिफिकेट
दरअसल, फौज में भर्ती होने के लिए कैंडिडेट की उम्र साढ़े 17 साल से 19 के बीच होनी चाहिए लेकिन आरोपी 30 से 32 साल के थे। अपनी असली उम्र छिपाने के लिए सभी आरोपियों ने दसवीं के फर्जी सर्टिफिकेट हासिल किए थे।
कर्नल जयशील ने कहा कि अगर ऐसे जवानों को बाद में किसी अधिक ऊंचे पद पर पोस्ट कर दिया जाता, तो उम्र ज्यादा रहने से हेल्थ संबंधी दिक्कतें आती। उम्र ज्यादा रहने से परफार्मेंस पर भी फर्क पड़ता है। पकड़े गए 33 जवानों में से करीब 20 को ट्रेनिंग के लिए हैदराबाद और नासिक भेज दिया गया था। इस घपले के सामने आने के बाद उनके ट्रेनिंग सेंटरों को भी सूचित कर दिया गया है। सेंटरों ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। कर्नल जयशील कौशल ने बताया कि सभी आरोपी जवानों के खिलाफ पुलिस से कार्रवाई कराई जा रही है।
संदिग्ध फौजी जवानों का रिकार्ड चेक किया
सभी आरोपी जवान पंजाब के हैं और सभी ने दसवीं इलाहाबाद स्थित हिंदी साहित्य सम्मेलन एजूकेशन बोर्ड से की है। कर्नल कौशल ने बताया कि इस बात पर शक हुआ कि पंजाब के होने के बावजूद इन्होंने इलाहाबाद के एजूकेशन बोर्ड से दसवीं क्यों की है। इसके बाद पंजाब स्कूल एजूकेशन बोर्ड से जब सभी संदिग्ध फौजी जवानों का रिकार्ड मंगवा कर चेक किया गया तो पाया गया कि सभी बताई गई उम्र से ज्यादा के थे।