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एक सुर में उद्यमी बोले, निराशा वाला बजट
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
Updated Sat, 28 Feb 2015 05:32 PM IST
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आम बजट से उद्योग जगत में निराशा का माहौल है। ऑक्सीजन का इंतजार कर रही जालंधर की स्पोर्ट्स, हैंड टूल, रबड़ और पाइप फिटिंग इंडस्ट्री को एक फीसदी की भी राहत नहीं मिली है।
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खेल उद्योग संघ के प्रधान रविंदर धीर का कहना है कि इंडस्ट्री अच्छे दिनों के इंतजार में थी लेकिन कुछ नहीं मिला। स्पोर्ट्स इंडस्ट्री की कमर टूट चुकी है और अब आगे और बुरा हाल होगा।
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हैंड टूल एसोसिएशन के प्रधान गुरशरण सिंह का कहना है कि जेटली जब राज्यसभा में विपक्ष के नेता थे तो हमेशा पांच लाख रुपये तक इन्कम टैक्स छूट की वकालत करते थे, अब क्या हुआ।
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चाइना मार्केट का हैंड टूल कारोबार पर कब्जा होता जा रहा है, हमें नई टेक्नोलॉजी व रिसर्च के लिए पैसा चाहिए। केंद्र सरकार ने कुछ भी नहीं दिया। यह निराशा वाला बजट है।
लीडर वॉल्व एंड कॉक्स की एमडी पूर्णिमा बेरी का कहना है कि बजट में इंडस्ट्री को कोई राहत नहीं है, 150 करोड़ रुपये रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए रखे गए हैं, जो न के बराबर हैं। सिर्फ जीएसटी आने की तैयारी की जाएगी, यही राहत वाली बात दिख रही है।