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भास्कर रेड्डी ने पार किया वो इंग्लिश चैनल, जो कई जोखिमों से भरा होता है, जानिए क्यों और कैसे

Thu, 29 Aug 2019 02:56 PM IST
खुशबू गोयल संजीव पंगोत्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
संजीव पंगोत्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 29 Aug 2019 02:56 PM IST
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Indian Swimmer Bhaskar Reddy Crossed English Channel
भास्कर रेड्डी - फोटो : अमर उजाला
मिलिए उस भारतीय से, जिसने उस इग्लिंश चैनल को पार करने में कामयाबी हासिल की है, जो कई तरह के जोखिमों से भरा होता है और जान तक ले सकता है। ये हैं चंडीगढ़ के तैराक भास्कर रेड्डी, जिन्होंने स्वीमिंग कोच से तैराकी की कड़ी ट्रेनिंग लेने के बाद इंग्लिश चैनल को पार करने में कामयाबी पाई है।
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इस तैराक ने समुद्र में इंग्लैंड से फ्रांस के बीच इंग्लिश चैनल को पार करने के लिए 34 किलोमीटर का सफर तय किया। सावधानी बरतते हुए भास्कर ने इस दूरी को 14 घंटे और 3 मिनट में पूरा किया। इंग्लिश चैनल को पार करने की चाहत के साथ हर साल दुनिया भर के तैराक इंग्लैंड पहुंचते हैं। लेकिन इस चैनल को पार करने में अधिकतर तैराक असफल रहते हैं, क्योंकि सफर बेहद मुश्किल और जोखिमों से भरा होता है। जिस वजह से कई तैराक बीच में ही लौट जाते है।
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लेकिर भास्कर रेड्डी को ट्रेनिंग का फल मिला और उन्होंने अपने हौंसले व जुनून से इंग्लिश चैनल को पार करने में कामयाबी हासिल की। भास्कर रेड्डी ने अपनी सफलता का श्रेय कोच गुरचरणजीत सिंह को दिया। गुरचरणजीत सिंह पंजाब यूनिवर्सिटी के स्वीमिंग पूल के मुख्य कोच हैं। भास्कर ने कहा कि मेरी जीत के पीछे मेरे कोच की कड़ी मेहनत है।
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उन्होंने मुझे तैराकी सिखाई और हमेशा एक गाइड की तरह मुझे हर कदम पर बताते रहे। स्कूल समय में एक सामान्य तैराक था और हाई स्कूल के समय 1500 मीटर फ्री स्टाइटल इवेंट में हिस्सा लेता था। इंग्लिश चैनल को पार करने के बाद कोच गुरचरणजीत सिंह ने खुशी जताते हुए कहा कि मुझे बेहद खुशी है कि मेरे सिखाए तैराक ने इतना बड़ा मुकाम हासिल किया। आज मेरी दी हुई ट्रेनिंग सफल हुई।

गहरे समुद्र में 17 डिग्री तापमान में दिया साहस का परिचय

भास्कर रेड्डी ने बताया कि इंग्लिश चैनल को पार करने का सपना कई सालों से देखता आया था। यह मेरे लिए एक चैलेंज की तरह था। लगातार तीन सालाें की कड़ी मेहनत के बाद मैंने इसे पार करने का फैसला लिया। इंग्लैंड से फ्रांस के बीच इंग्लिश चैनल के लिए गहरे समुद्र में 17 डिग्री तापमान में बिना रुके तैराकी की। इस बीच 34 किलोमीटर की दूरी 14 घंटे और 3 मिनट में पूरी की।

क्यों मुश्किल होता है इंग्लिश चैनल क्रॉस करना
लगातार बिना रुके सफर: इंग्लिश चैनल क्रॅास करना हर किसी तैराक  के बस की बात नहीं है। समुद्र के अंदर 34 किलोमीटर का लगातार सफर एक तैराक को काफी थका देने वाला होता है। लगातार बिना रुके टारगेट तक मात्र दो किलोमीटर के सफर में प्रतिभागी थककर चूर हो जाते है और आगे बढ़ने की हिम्मत छोड़ जाते हैं।

तापमान एक चैलेंज: इंग्लैंड और फ्रांस के बीच बने इंग्लिश चैनल को पार करने में तापमान एक चैलेंज की तरह होता है। एक तैराक आमतौर पर 26 डिग्री तापमान तैरता है। लेकिन इंग्लिश चैनल के समुद्र का तापमान 17 डिग्री होता है। इस तापमान में तैराकी आसान नहीं।

समुद्री जीवों से सुरक्षा: इंग्लिश चैनल पार करने के लिए एक तैराक को समुद्र के अंदर अपने आप को सुरक्षित रखना काफी टफ काम होता है। समुद्र के अंदर उतरने से पहले प्रतिभागी को अपने शरीर पर ग्रीस और ऑयल लगाना पड़ता है। ताकि शरीर पर लगे ऑयल और ग्रीस की स्मेल से समुद्री जीव प्रतिभागी के पास नहीं पटकते।
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