यूक्रेन युद्ध: बंकरों में भूखे-प्यासे बैठे हैं भारतीय छात्र, बोले- हंगरी व पोलैंड सीमा तक जाने को कोई साधन नहीं
साक्षी ने भारत सरकार से मांग की है कि उन्हें जल्द से जल्द वहां से निकालें। उनकी जिंदगी खतरे में है। फिरोजपुर में साक्षी के मां-बाप बहुत परेशान हैं।
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यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध में फिरोजपुर से एमबीबीएस की पढ़ाई करने गए कई छात्र यूक्रेन के खारकीव में फंसे हैं। फिरोजपुर की रहने वाली छात्रा साक्षी ने व्हाट्सएप के माध्यम से बताया कि पिछले 12 घंटे से बंकर में भूखे-प्यासे बैठे हैं। उनकी हालत प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। जिस जगह पर बंकर में छिपकर बैठे हैं, वहां से हंगरी और पोलैंड सीमा तक जाने की कोई सुविधा नहीं है। गोलियों और बम की आवाज से उनमें दहशत का माहौल है। छात्रा साक्षी ने कहा कि वह खारकीव में सभी एक बंकर में हैं। उनके पास खाने-पीने का सामान भी समाप्त हो चुका है। पानी तक पीने को नहीं है। बाजार में खाने-पीने का सामान नहीं मिल रहा है।
पिछले 12 घंटे से बंकर में बैठे हैं। गोलियों और बम की आवाज सुनाई दे रही है। यहां से हंगरी और पोलैंड की सीमा नजदीक तो है लेकिन वहां पहुंचने के लिए परिवहन सुविधा नहीं है। साक्षी ने भारत सरकार से मांग की है कि उन्हें जल्द से जल्द वहां से निकालें। उनकी जिंदगी खतरे में है। फिरोजपुर में साक्षी के मां-बाप बहुत परेशान हैं। फिरोजपुर के पांच और विद्यार्थी रुचिका शर्मा निवासी सूजी बाजार, लुकस भट्टी निवासी बस्ती भट्टियावाली, लवप्रीत सिंह निवासी गांव मलसियां कलां, सोमिया निवासी कसूरी गेट, प्रकृति निवासी अहाता बिहारी लाल वहां फंसे हैं।
यूक्रेन में फंसे पठानकोट के 19 विद्यार्थी
यूक्रेन में पढ़ाई करने गए जिले के 19 छात्रों की पहचान की जा चुकी है। सभी के नाम और पते भारत सरकार को भेजे जा चुके हैं। यह जानकारी जिला प्रशासन के हेल्पलाइन सेंटर के नोडल अधिकारी गुरप्रीत सिंह ने दी।
भूमि रक्षा विभाग के अधिकारी गुरप्रीत सिंह को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उनके साथ सुपरिंटेंडेंट संजीव पठानकोट सहायक नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। नोडल अधिकारी ने बताया कि अभी तक यूक्रेन में फंसे जिले के 19 बच्चों की पहचान हुई है। इनके नंबरों को भारत की ओर से यूक्रेन में बनाई गई टीम को भेज दिया गया है, यह टीम वहां पर संपर्क कर सहायता मुहैया करवाएगी। उन्होंने बताया कि बहुत जल्द सभी बच्चों को भारत लाया जाएगा।