ट्रेनिंग ग्राउंड में फंदे से लटका मिला जवान का शव, भाई की मौत की खबर सुनकर बहन बेहोश
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मेरठ के लालकुर्ती थाना क्षेत्र के तोपखाना इलाके में आर्मी में लांस नायक के पद पर तैनात जवान ने खुदकुशी कर ली। पुलिस ने बताया कि झज्जर जिले के खेड़ी खुम्मार गांव निवासी कृष्ण कुमार (30) पुत्र ओमप्रकाश 63 एफडी रेजीमेंट में तैनात था। सुबह ट्रेनिंग ग्राउंड में कृष्ण कुमार का शव फंदे पर लटका मिला। गार्ड ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी।
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने शव को फंदे से नीचे उतारकर मिलिट्री अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया। सदर बाजार थाने में अस्पताल से मीमो पहुंचा। इसके बाद लालकुर्ती थाना पुलिस ने कार्रवाई की।
लालकुर्ती पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस के मुताबिक कृष्ण कुमार किसी बात को लेकर परेशान था। वह डिप्रेशन में रहता था। उसके साथी भी उससे डिप्रेशन का कारण पूछते थे तो वह कुछ नहीं बताता था। इंस्पेक्टर लालकुर्ती दिलीप सिंह ने बताया कि फौजी द्वारा फंदा लगाने की सूचना पर पुलिस पहुंची थी। मामला आर्मी से जुड़ा होने के कारण पहले शव को मिलिट्री अस्पताल ले जाया गया।
वहीं शुक्रवार को गांव में दिन भर ग्रामीण व परिजन शव आने के इंतजार में बैठे रहे। लेकिन शाम करीब पांच बजे तक मेरठ से शव को गांव के लिए रवाना नहीं किया गया था। मृतक जवान के परिजनों के अनुसार रात के समय शव लोक निर्माण विश्राम गृह में पहुंचेगा और सुबह उसे गांव में ले जाया जाएगा। जहां पर उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
खेड़ी खुम्मार गांव निवासी कृष्ण कुमार पुत्र ओम प्रकाश करीब दस साल पहले सेना में भर्ती हुआ था। उनकी इस समय ट्रेनिंग चल रही थी। घटना की सूचना के बाद गांव में मातम का माहौल है। जैसे ही गांव व क्षेत्र के लोगों को मामले की जानकारी मिली तो काफी संख्या में ग्रामीण उसके घर पहुंच गए और शव के गांव में पहुंचने का इंतजार करते रहे। हालांकि इस संबंध में जिला प्रशासन और जिला सैनिक बोर्ड के पास भी सेना की तरफ से कोई सूचना शाम तक नहीं आई थी।
पिता की सड़क दुर्घटना में हुई थी मौत
कृष्ण कुमार के पिता ओमप्रकाश भी सेना की इसी रेजीमेंट में थे। उनकी सेवानिवृत्ति के बाद कृष्ण फौज में लगा था। सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद ओमप्रकाश रेवाड़ी में सीएसडी कैंटीन में लगे थे। 21 दिसंबर 2005 को कुलाना गांव के पास गाड़ी पलटने से ओमप्रकाश की मौत हो गई थी। उनके परिवार में अब कृष्ण की मां अनिता, पत्नी ज्योति, भाई श्रवण, पुत्र जिगर व रक्षित पीछे छोड़ गए हैं।
रात को आठ बजे मां से हुई थी फोन पर बात
गुरुवार की रात करीब आठ बजे उसकी मां अनिता से कृष्ण की फोन पर अंतिम बार बात हुई थी। वह कह रहा था की वह पूरी तरह से ठीक है और उसकी ट्रेनिंग भी ठीक-ठाक चल रही है। उसने परिवार का भी हालचाल जाना था। लेकिन रात को करीब डेढ़ बजे सेना के अधिकारियों का फोन आया की उनका बेटा इस दुनिया में नहीं रहा और नाइट फायरिंग के दौरान गोली लगने से उसकी मौत हो गई।
17 अगस्त को आना था छुट्टी पर
परिवार के लोगों का कहना है कि कृष्ण की ट्रेनिंग समाप्त होनी थी और वह 17 अगस्त को एक माह की छुट्टी पर घर आना था। लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। 17 अगस्त को छुट्टी की बजाय 10 अगस्त को उसका शव पहुंचेगा।