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देखिए एक फौजी, जो मां की मौत का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए दर-दर भटक रहा

Tue, 19 Dec 2017 10:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुराली(मोहाली)
ब्यूरो/अमर उजाला, कुराली(मोहाली) Updated Tue, 19 Dec 2017 10:34 AM IST
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indian army soldier facing problem for ragistration of mother death
सेना का जवान कुलबीर सिंह
बॉर्डर पर दुश्मनों की गोलियों से बेखौफ देश की रक्षा करने वाला एक जवान अपनी मां की मौत का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए नगर काउंसिल के चक्कर काट रहा है। काउंसिल के मुलाजिम उसे भरे फार्म को गलत बताकर लौटा देते हैं। कई चक्कर लगाने के बाद सोमवार शाम को कर्मचारियों ने डांटकर वापस भेज दिया। फौजी जवान ने इस मामले की जांच और कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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प्रेसवार्ता के दौरान चनालो वासी कुलबीर सिंह ने बताया कि वह भूटान में तैनात हैं। उनकी मां करनैल कौर की मौत सात दिसंबर को हुई थी। वह 15 दिन की छुट्टी लेकर आए हुए हैं। कुलवीर ने अपनी मां की मौत का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए तैयार किए गए दस्तावेज की कॉपी दिखाते हुए बताया कि वह नगर काउंसिल दफ्तर गए थे। वहां एक कर्मचारी ने फार्म देकर श्मशान घाट की पर्ची साथ लाने को कहा।
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कुलबीर सिंह ने बताया कि वे फार्म भरने के साथ श्मशान घाट से पर्ची कटवाकर ले गए। जब वह काउंसिल दफ्तर में गए तो कर्मचारी ने श्मशान घाट की एक अन्य पर्ची देने को कहा। जब कुलवीर ने बताया कि उन्होंने अपनी मां का अंतिम संस्कार कुराली नहीं बल्कि चनालो के श्मशान घाट पर किया है तो कर्मचारी ने कहा कि फिर पर्ची की जरूरत नहीं है। कुलबीर ने बताया कि जब वह फार्म लेकर कर्मचारी के पास पहुंचे तो उसने ऊंची आवाज में बात करते हुए उसने भरे फार्म को गलत बताया और अंग्रेजी में भी भरने के लिए कहा।
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जबकि कर्मचारी द्वारा दिया गया फार्म पंजाबी में था और उसमें कहीं भी अंग्रेजी में लिखने के लिए कोई कॉलम नहीं था। कुलबीर ने बताया कि उन्हें मां और अपना आधार कार्ड भी पार्षद से अटेस्ट कराने को कहा गया। पीड़ित ने बताया  कि पंजाब सरकार के निर्देशों के अनुसार सेल्फ अटेस्टेड दस्तावेज करने होते हैं। इसके बावजूद उन्होंने कर्मचारी की बात मान ली और नगर काउंसिल की प्रधान कृष्णा देवी से अटेस्ट करवा लिए।

उन्होंने बताया कि संबधित कर्मचारी ने प्रधान के अटेस्ट को अस्वीकार करते हुए कहा कि पार्षद द्वारा अटेस्ट ही मान्य हैं। साथ ही कर्मचारी ने उन्हें अनपढ़ तक कह दिया। कुलबीर ने बताया कि कई दिन तक चक्कर लगाने के बावजूद उनकी मां की मौत का रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका। जबकि मौत के 21 दिन के भीतर करवानी होती है। कुलबीर सिंह ने संबंधित कर्मचारी के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग की है।


क्या कहते हैं अधिकारी
इस संबंध में जब नगर काउंसिल के कार्यसाधक अधिकारी गुरदीप सिंह के फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने रिसीव नहीं किया। कई बार रिंग होने के बावजूद उन्होंने फोन नहीं उठाया और बाद में बंद कर दिया। वहीं नगर काउंसिल की प्रधान कृष्णा देवी ने उनके द्वारा अटेस्ट किए दस्तावेजों को न मानने के संबंध में कहा कि वह वार्ड की नहीं बल्कि पूरे शहर की प्रधान हैं। उन्होंने कहा कि प्रधान द्वारा अटेस्ट किए गए दस्तावेज मान्य हैं। नगर काउंसिल प्रधान ने इस मामले की जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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