{"_id":"5bd4385ebdec22233165d7f9","slug":"indian-army-armed-prepatory-institute-in-haryana-village","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"देश के इस गांव में तैयार होंगे सैन्य अधिकारी, बनेगा आर्मड प्रिपेटरी इंस्टीट्यूट, सीएम करेंगे आगाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देश के इस गांव में तैयार होंगे सैन्य अधिकारी, बनेगा आर्मड प्रिपेटरी इंस्टीट्यूट, सीएम करेंगे आगाज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरखौदा(हरियाणा)
Updated Sat, 27 Oct 2018 03:36 PM IST
विज्ञापन
indian army
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश के एक गांव में अब सेना के अफसर तैयार किए जाएंगे। इसके लिए शस्त्र प्रारंभिक संस्थान (आर्मड प्रिपेटरी इंस्टीट्यूट) बनाने का निर्णय लिया गया है, जिसकी आधारशिला सीएम रखेंगे। बीर बंदा बैरागी की स्मृति में गांव खांड़ा में आर्मड प्रिपेटरी इंस्टीट्यूट (शस्त्र प्रारंभिक संस्थान) बनाया जाएगा। जहां सेना के लिए अधिकारी तैयार किए जाएंगे। खांडा गांव में महंत किशोर दास के मठ में बीर बंदा बैरागी ने आकर अपनी सेना तैयार की थी।
यहां पर रूप दास ने शस्त्र शिक्षा ली थी और बाद में वह राजा बने थे। जिसके चलते ही बंदा बैरागी के नाम पर संस्थान बनाया जा रहा है। खांडा गांव के 50 एकड़ में शस्त्र प्रारंभिक संस्थान बनाया जाएगा। जिस पर 3 नवंबर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल इस संस्थान की आधारशिला रखेंगे। कार्पोरेट मंत्रालय में उत्तरी जोन के निदेशक डा. राज सिंह ने बताया कि 1709 में धर्म योद्धा वीर बंदा बैरागी अपनी सेना का गठन करने के लिए खांडा गांव में महंत किशोर दास के मठ में आए थे।
उस दौरान खांडा निवासी 13 वर्षीय रूप दास ने उनका स्वागत किया था। महंत रूप दास ने वीर बंदा बैरागी से ही युद्ध विद्या सीखी और बाद में वह छत्तीसगढ़ स्थित छुई खदान के राजा बने थे। ऐसे में राजा रूप दास के गुरू बंदा बैरागी की स्मृति में खांडा में शस्त्र प्रारंभिक संस्थान (आर्मड प्रिपेटरी इंस्टीट्यूट) बनाने का निर्णय लिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
यहां पर रूप दास ने शस्त्र शिक्षा ली थी और बाद में वह राजा बने थे। जिसके चलते ही बंदा बैरागी के नाम पर संस्थान बनाया जा रहा है। खांडा गांव के 50 एकड़ में शस्त्र प्रारंभिक संस्थान बनाया जाएगा। जिस पर 3 नवंबर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल इस संस्थान की आधारशिला रखेंगे। कार्पोरेट मंत्रालय में उत्तरी जोन के निदेशक डा. राज सिंह ने बताया कि 1709 में धर्म योद्धा वीर बंदा बैरागी अपनी सेना का गठन करने के लिए खांडा गांव में महंत किशोर दास के मठ में आए थे।
विज्ञापन
उस दौरान खांडा निवासी 13 वर्षीय रूप दास ने उनका स्वागत किया था। महंत रूप दास ने वीर बंदा बैरागी से ही युद्ध विद्या सीखी और बाद में वह छत्तीसगढ़ स्थित छुई खदान के राजा बने थे। ऐसे में राजा रूप दास के गुरू बंदा बैरागी की स्मृति में खांडा में शस्त्र प्रारंभिक संस्थान (आर्मड प्रिपेटरी इंस्टीट्यूट) बनाने का निर्णय लिया गया है।
विज्ञापन
ये है पूरी कहानी
Indian Army
यह सोनीपत के लिए गर्व की बात है की छुई खदान के राजा खांडा के महंत किशोर दास मठ से थे। 3 नवंबर, 1709 को वीर बंदा बैरागी पंजाब में समाना युद्ध के लिए निकले तो उन्होंने उनसे ही युद्ध विद्या सीखने वाले बालक रूप दास को नागपुर में मराठा राजाओं के पास उनकी सेना में शामिल होने के लिए भेज दिया था। वर्ष 1750 तक महंत रूप दास मराठों की सेना में बहुत बड़े पद पर पहुंच गए थे।
इसी दौरान छत्तीसगढ़ में कौडका नाम की रियासत ने विद्रोह कर दिया था। जिसको दबाने के लिए महंत रूप दास को भेजा गया। उन्होंने वहां के जमींदार को युद्ध में हरा दिया और फिर मराठों ने महंत रूप दास को ही छुई खदान का राजा बना दिया था। छुई खदान पर महंत रूप दास के वंशजों ने स्वतंत्रता तक वहां राज किया और महंत ऋतु किशोर दास आखिरी राजा हुए। वह स्वतंत्रता के बाद मध्य प्रदेश विधानसभा में दो बार विधायक बने।
डा. राज सिंह ने बताया कि छुई खदान में बैरागी राजाओं का राजमहल आज भी बहुत अच्छी स्थिति में है। अब राजा रूप दास के गुरू वीर बंदा बैरागी की स्मृति में खांडा में संस्थान तैयार कर युवाओं को प्रारंभिक शिक्षा के बाद ट्रेनिंग देकर सेना के लिए अधिकारी तैयार किए जाऐेंगे। सीएम मनोहर लाल 3 नवंबर को खांडा पहुंचकर इस संस्थान की नींव रखेंगे।
इसी दौरान छत्तीसगढ़ में कौडका नाम की रियासत ने विद्रोह कर दिया था। जिसको दबाने के लिए महंत रूप दास को भेजा गया। उन्होंने वहां के जमींदार को युद्ध में हरा दिया और फिर मराठों ने महंत रूप दास को ही छुई खदान का राजा बना दिया था। छुई खदान पर महंत रूप दास के वंशजों ने स्वतंत्रता तक वहां राज किया और महंत ऋतु किशोर दास आखिरी राजा हुए। वह स्वतंत्रता के बाद मध्य प्रदेश विधानसभा में दो बार विधायक बने।
डा. राज सिंह ने बताया कि छुई खदान में बैरागी राजाओं का राजमहल आज भी बहुत अच्छी स्थिति में है। अब राजा रूप दास के गुरू वीर बंदा बैरागी की स्मृति में खांडा में संस्थान तैयार कर युवाओं को प्रारंभिक शिक्षा के बाद ट्रेनिंग देकर सेना के लिए अधिकारी तैयार किए जाऐेंगे। सीएम मनोहर लाल 3 नवंबर को खांडा पहुंचकर इस संस्थान की नींव रखेंगे।