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गोपाल चावला के लिए जासूसी करने वाला वायुसेना के दिवंगत जवान का बेटा, चौंकाने वाले खुलासे
Thu, 29 Aug 2019 10:07 AM IST
खुशबू गोयल
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 29 Aug 2019 10:07 AM IST
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गोपाल चावला
- फोटो : फाइल फोटो
पाकिस्तान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव गोपाल चावला के लिए जासूसी करने वाला शख्स भारतीय वायुसेना के दिवंगत जवान का बेटा निकला। मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पता चला है कि जासूसी करने वाले पाला का संपर्क फेसबुक के जरिए गोपाल चावला से हुआ था। पाला वायुसेना के दिवंगत जवान बहादुर सिंह का बेटा है।
जालंधर का रहने वाला पाला गोपाल चावला से काफी प्रभावित था और लगातार उसके साथ पाकिस्तान में व्हाट्स एप पर बात करता रहा था। उसने कुछ दिन पहले पाला ने सीधी फोन पर कॉल पाकिस्तान कर दी थी, जिसके बाद उसकी कॉल एजेंसियों ने ट्रैक की और हाथ पाला के गिरेबान तक जा पहुंचे।
पाला के पिता बहादुर सिंह वायुसेना में तैनात थे और पूरा परिवार आदमपुर एयरबेस के भीतर ही रहता था। पिता के देहांत के बाद पाला की माता को वायुसेना में कुक की नौकरी मिल गयी थी। मां के रिटायर होने के बाद पाला परिवार समेत पैतृक गांव भतीजा में आकर रहने लगा। माता हरबंस कौर का निधन हो गया तो पाला ने गुजारे के लिए दूध की डेयरी खोल रखी थी।
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हरपाल सिंह पाला गोपाल चावला के बारे में सुनकर काफी प्रभावित था कि वह खालिस्तान समर्थक है।
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जालंधर का रहने वाला पाला गोपाल चावला से काफी प्रभावित था और लगातार उसके साथ पाकिस्तान में व्हाट्स एप पर बात करता रहा था। उसने कुछ दिन पहले पाला ने सीधी फोन पर कॉल पाकिस्तान कर दी थी, जिसके बाद उसकी कॉल एजेंसियों ने ट्रैक की और हाथ पाला के गिरेबान तक जा पहुंचे।
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पाला के पिता बहादुर सिंह वायुसेना में तैनात थे और पूरा परिवार आदमपुर एयरबेस के भीतर ही रहता था। पिता के देहांत के बाद पाला की माता को वायुसेना में कुक की नौकरी मिल गयी थी। मां के रिटायर होने के बाद पाला परिवार समेत पैतृक गांव भतीजा में आकर रहने लगा। माता हरबंस कौर का निधन हो गया तो पाला ने गुजारे के लिए दूध की डेयरी खोल रखी थी।
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हरपाल सिंह पाला गोपाल चावला के बारे में सुनकर काफी प्रभावित था कि वह खालिस्तान समर्थक है।
पाला ने अपने फेसबुक के जरिए गोपाल चावला को फ्रेंड रिकवेस्ट भेजी तो उसने कबूल कर ली और दोनों के बीच फेसबुक मैसेंजर पर चैटिंग होने लगी। इसके बाद गोपाल चावला ने अपना नंबर हरपाल सिंह पाला को शेयर किया। इसके बाद लंबे समय तक चावला व पाला के बीच बातचीत व्हट्स एप के जरिए कॉल की, जिसके बाद दोनों के बीच अकसर बातचीत होने लगी।
हरपाल पाला ने बताया कि उसके पिता बहादुर सिंह एयरफोर्स आदमपुर में थे। इसके बाद चावला ने एयरफोर्स व अन्य सैन्य ठिकानों की जानकारी मुहैया करवाने के लिए कहा और आश्वासन दिया कि इसकी एवज में उसको पैसा भी दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, कुछ दिन पहले इंटरनेट सही कार्य नहीं कर रहा था और कॉल बीच बीच में कट रही थी, जिस कारण पाला ने अपने मोबाइल से सीधी कॉल गोपाल चावला के मोबाइल पर कर दी।
आईबी की टीम ने पाक जाने वाली सारी कॉलों पर रिकार्डिंग लगा रखी थी, जिस कारण हरपाल पाला की कॉल ट्रेस हो गई। इसके बाद आईबी ने अपना नेटवर्क फैलाया और हरपाल पाला के बारे में जानकारी एकत्रित की। सूत्रों के मुताबिक, हरपाल पाला ने सारी जानकारी गोपाल चावला को भेजनी शुरू कर दी थी और इसको आगे चावला ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को भेज भी दिया गया था।
हरपाल पाला ने बताया कि उसके पिता बहादुर सिंह एयरफोर्स आदमपुर में थे। इसके बाद चावला ने एयरफोर्स व अन्य सैन्य ठिकानों की जानकारी मुहैया करवाने के लिए कहा और आश्वासन दिया कि इसकी एवज में उसको पैसा भी दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, कुछ दिन पहले इंटरनेट सही कार्य नहीं कर रहा था और कॉल बीच बीच में कट रही थी, जिस कारण पाला ने अपने मोबाइल से सीधी कॉल गोपाल चावला के मोबाइल पर कर दी।
आईबी की टीम ने पाक जाने वाली सारी कॉलों पर रिकार्डिंग लगा रखी थी, जिस कारण हरपाल पाला की कॉल ट्रेस हो गई। इसके बाद आईबी ने अपना नेटवर्क फैलाया और हरपाल पाला के बारे में जानकारी एकत्रित की। सूत्रों के मुताबिक, हरपाल पाला ने सारी जानकारी गोपाल चावला को भेजनी शुरू कर दी थी और इसको आगे चावला ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को भेज भी दिया गया था।