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महाराजा रणजीत सिंह की बरसी पर पाकिस्तान जाने वाले जत्थे पर भी संकट, नहीं मिलती सुरक्षा की गांरटी

Mon, 17 Jun 2019 11:42 AM IST
खुशबू गोयल अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब) Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 17 Jun 2019 11:42 AM IST
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India not interested to send jatha to pakistan on ranjit singh death anniversary due to security
सिख जत्था - फोटो : फाइल फोटो
श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी पर्व पर पाकिस्तान जाने वाले जत्थे को रोके जाने के बाद शेरे-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की बरसी पर जाने वाले जत्थे पर भी संकट के बादल छा गए हैं। संशोधित नानकशाही कैलेंडर के अनुसार, महाराजा रणजीत सिंह की बरसी 29 जून को मनाई जाती है। एसजीपीसी एक सप्ताह पहले अपना जत्था पाकिस्तान भेजती है।
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इस बार भी जत्था भेजा जाना है और एसजीपीसी ने यात्रियों के पासपोर्ट दिल्ली स्थित पाकिस्तान दूतावास को वीजा के लिए भेजे हुए हैं। 2018 में शहीदी पर्व के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए 86 तीर्थ यात्री ही पाकिस्तान गए थे। वहीं 2017 में पाकिस्तान जाने वाले जत्थे के सदस्यों की सुरक्षा की गारंटी नहीं दी गई थी। इस कारण एसजीपीसी ने पाकिस्तान जत्थे भेजने से इंकार कर दिया था।
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पाकिस्तान ने बदला महाराजा की बरसी का कार्यक्रम

एसजीपीसी के चीफ सेक्रेटरी डॉ. रूप सिंह ने बताया कि महाराजा रणजीत सिंह की बरसी पर जत्था पाकिस्तान भेजा जाएगा। इस बार पाकिस्तान सरकार ने जत्थे को 27 जून को पाकिस्तान भेजने के लिए कहा है। इस कार्यक्रम के अनुसार जत्था दो दिन लाहौर में ठहरेगा। 29 जून को बरसी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद जत्थे के सदस्य गुरुधामों के दर्शन करने जाएंगे। इससे पहले एसजीपीसी 21 जून को पाकिस्तान जत्था भेजती थी। सभी यात्री गुरुद्वारा साहिबान के दर्शन करने के बाद 27 जून को लाहौर पहुंच कर 29 को बरसी समारोह में शामिल होते थे।

पीएसजीपीसी की तैयारियां धरी रह गई
शहीदी पर्व पर पाकिस्तान जाने की अनुमति न मिलने के कारण पाकिस्तान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरफ से श्रद्धालुओं के लिए किए सभी प्रबंध धरे रह गए। पीएसजीपीसी के अध्यक्ष तारा सिंह अपने साथियों के साथ श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए हाथों में फूलों के हार लिए खड़े थे। जब पीएसजीपीसी के सदस्यों को स्पष्ट हो गया कि भारत सरकार जत्थे को पाकिस्तान नहीं भेज रही है तो वह लौट गए। पाकिस्तान कमेटी ने मई 28 में यात्रियों के स्वागत और उनके ठहरने व अन्य सुविधाओं की व्यवस्था के लिए एक बैठक का भी आयोजन किया था।

 
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