सीटीयू बस के यात्रियों के लिए बुरी खबर
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शहर में अगले सप्ताह से सीटीयू की बसों में सफर महंगा हो जाएगा। सीटीयू के किराए में 40 फीसदी तक बढ़ोतरी की गई है। यूटी प्रशासक शिवराज पाटिल ने किराए में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। यूटी का परिवहन विभाग अगले सप्ताह इसकी अधिसूचना जारी कर देगा।
इसके बाद से यात्रियों को बढ़ा हुआ किराया देना पड़ेगा। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के निर्देश पर प्रशासन ने सीटीयू के किराए में बढ़ोतरी की है। सीटीयू बस के किराए में लगभग साढ़े तीन साल से बढ़ोतरी नहीं हुई है। इस बार बस किराए के तीन स्लैब बनाए गए हैं। अभी तक किराए के दो स्लैब थे।
ऐसे में सीटीयू की बस में ज्यादा दूर तक सफर करने पर ज्यादा किराया देना पड़ेगा। इस फैसले से रोजाना बसों में सफर करने वाले करीब दो लाख यात्री प्रभावित होंगे। इससे सीटीयू को हर माह लगभग 1.25 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी।
सीटीयू ने तैयार किया किराए का नया स्लैब
सीटीयू ने तैयार किए किराए के नए स्लैब में नॉन एसी बसों में सफर करने वाले यात्रियों को पहले तीन किमी के लिए पांच रुपये और तीन से दस किमी तक के लिए 10 रुपये देने होंगे।
दस किमी से अधिक सफर करने वाले यात्रियों को 15 रुपये की टिकट लेनी होगी। एसी बस में सफर के लिए यात्रियों को पहले तीन किमी के लिए 10 रुपये, तीन से दस किमी के लिए 15 रुपये और दस किमी से अधिक के सफर के लिए 20 रुपये की टिकट लेनी होगी।
अभी तक थे दो स्लैब
सीटीयू ने अभी तक किराए के दो स्लैब बनाए हुए है। एसी बस के लिए यात्रियों को पहले पांच किमी के दस रुपये और पांच किमी से अधिक के लिए 15 रुपये देने होते हैं। नॉन एसी बस के लिए यात्रियों को पहले पांच किमी के लिए पांच रुपये और पांच किमी के बाद के लिए 10 रुपये देने होते हैं।
...तो पिछले साल ही बढ़ जाता किराया
सीटीयू ने पिछले साल भी किराया बढ़ाने का प्रस्ताव प्रशासन के पास मंजूरी के लिए भेजा था। लेकिन, प्रशासन के अधिकारियों ने उसे रद्द कर दिया था। अधिकारियों का तर्क था कि किराए में बढ़ोतरी इसलिए नहीं की जा सकती, क्योंकि प्रशासन पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देना चाहता है।
परिवहन विभाग ने किराए में बढ़ोतरी के लिए सीटीयू को लगातार हो रहे घाटे का उल्लेख किया था। प्रस्ताव में कहा था कि डीजल बहुत महंगा हो गया है। इसके साथ ही स्पेयर पार्ट्स और टायरों की कीमतें भी बढ़ गई हैं।
ऐसे में सीटीयू को घाटे से बचाने के लिए किराया बढ़ाना बेहद जरूरी है। बाद में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने भी सीटीयू से इस घाटे को पूरा करने के लिए किराया बढ़ाने को कहा था।