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सरकारी मकान किराये पर देने से पहले ये पढ़ लें
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 05 Dec 2014 01:39 PM IST
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सरकारी मकान अलॉट कराकर उसे किराए पर देने के मामले में कर्मचारियों पर गाज गिरेगी। प्रशासन ने ऐसे सरकारी कर्मचारियों पर सीधे एफआईआर दर्ज कराने का फैसला लिया है।
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चंडीगढ़ प्रशासन की हाउस अलॉटमेंट कमेटी ने वीरवार को शहर के कई सेक्टरों में मौजूद सरकारी मकानों पर छापे मारे। इस दौरान छह सरकारी मकान किराए पर उठे मिले।
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सेक्रेटरी हाउस अलॉटमेंट के आदेश पर हाउस अलॉटमेंट कमेटी ने छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान टीम को सेक्टर-20 स्थित टाईप-11 के मकान नंबर 1012-ए, टाईप-12 के मकान नंबर 1526 और 1553, टाईप-12 के मकान नंबर 2367 में किराएदार मिले। सेक्टर-43 स्थित 857-बी और सेक्टर-46 स्थित मकान नंबर 4558-ए में भी टीम को किराएदार रहते मिले।
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प्रशासन को भेजी रिपोर्ट
टीम ने इन मकानों को अलॉट करवाने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन के पास भेज दी है। एसपी यूटी को भी आईपीसी की धारा 188 के तहत मामला दर्ज करने की रिपोर्ट भेजी गई है। इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी हुए शामिल
अलॉटमेंट होंगे रद्द
यूटी हाउस अलॉटमेंट कमेटी के एक अधिकारी ने बताया कि सभी छह सरकारी मकानों के अलॉटमेंट रद्द करने के आदेश दिए जाएंगे। दोषी पाए गए सरकारी कर्मचारियों को भविष्य में कभी सरकारी मकान अलॉट नहीं किया जाएगा। इन कर्मचारियों पर पैनल रेंट का 50 गुना जुर्माना भी लगाया जाएगा। हाउस अलॉटमेंट कमेटी का चेकिंग अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।