आईजी के ट्रांसफर पर पंजाब में गरमाई सियासत, अकाली-भाजपा को छोड़ विपक्ष सरकार के साथ
बेअदबी और बरगाड़ी फायरिंग मामलों की जांच कर रही एसआईटी के आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह को चुनाव आयोग द्वारा हटाए जाने को लेकर पंजाब में सियासत गरमा गई है। हैरानी की बात यह है कि आयोग की कार्रवाई के खिलाफ अकाली-भाजपा गठबंधन से इतर राज्य से सभी विपक्षी दल और पंथक संगठन सत्ताधारी कांग्रेस के साथ खड़े हो गए हैं।
इस तरह जहां अकाली-भाजपा गठबंधन इस मामले में अलग-थलग पड़ गया है। वहीं लोकसभा चुनाव में बेअदबी और निर्दोष सिखों पर पुलिस फायरिंग का मामला एक बार फिर प्रमुख मुद्दा बन गया है।
आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह को हटाने का सोमवार को आदेश आने के तुरंत बाद आम आदमी पार्टी ने इस फैसले की निंदा करते हुए अकाली दल के साथ-साथ राज्य सरकार को भी घेरा था। मंगलवार सुबह पीडीए के प्रमुख घटक पंजाब एकता पार्टी के प्रधान सुखपाल सिंह खैरा ने आयोग के आदेश को तानाशाही बताते हुए इसे तुरंत रद करने की मांग की और कैप्टन सरकार से इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का आग्रह भी किया।
उन्होंने कहा कि आयोग शिअद द्वारा अपनी सहयोगी भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आड़ में रची गई राजनीतिक साजिश का हिस्सा बन गया है, जिसने चुनाव आचार संहिता की आड़ में कुंवर विजय प्रताप सिंह को हटाने के आदेश जारी किए। उन्होंने कहा कि आयोग ने अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन करते हुए जांच और न्याय की प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया है।
आप पंजाब के प्रधान और सांसद भगवंत मान ने भी चुनाव आयोग के फैसले को गलत ठहराते हुए कहा कि उनकी पार्टी इस मामले पर भारत निर्वाचन आयोग से अपील करेगी कि वह अपने फैसले पर पुनर्विचार करके कुंवर विजय प्रताप सिंह की सेवाएं बहाल करे।
मजीठिया बोले-आईजी को लोकसभा टिकट दे कांग्रेस
अकाली दल की शिकायत के बाद हटाए गए आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह को लेकर अकाली दल के सीनियर नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा है कि आयोग ने अब कुंवर विजय प्रताप सिंह को कुछ समय के लिए फ्री कर दिया है। कांग्रेस के पास भी सही समय और मौका है। कांग्रेस को चाहिए कि वह आईजी को लोकसभा टिकट दे दे क्योंकि कुंवर विजय प्रताप वैसे भी कांग्रेस के लिए काम कर रहे हैं।
शिरोमणि अकाली दल की शिकायत के बाद चुनाव आयोग द्वारा बरगाड़ी बेअदबी मामले से संबंधित बहिबल कलां व कोटकपूरा गोलीकांड की जांच कर रही एसआईटी के सदस्य कुंवर विजय प्रताप सिंह को हटाए जाने पर सिख जत्थेबंदियों में रोष है।
मंगलवार को इस मामले को लेकर सिख जत्थेबंदियों ने बरगाड़ी में ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब से विशाल रोष मार्च निकाला और पंजाब सरकार, शिरोमणि अकाली दल समेत चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस मौके पर प्रदर्शनकारियों की अगुवाई कर रहे सिख जत्थेबंदियों के प्रमुख नेता भाई जसविंदर सिंह साहोके ने कहा कि एसआईटी गोलीकांड मामलों की सही जांच की रही थी और इन घटनाओं की जांच पूरी होने वाली थी लेकिन ऐसे समय में झूठी व बेबुनियाद शिकायत के आधार पर कुंवर विजय प्रताप सिंह को एसआईटी से हटाए जाने से न सिर्फ जांच प्रभावित होगी, बल्कि धीरे-धीरे बेनकाब हो रहे आरोपियों को फायदा होगा।
इस मौके पर जत्थेबंदियों ने एलान किया है कि अगर चुनाव आयोग ने 11 अप्रैल तक कुंवर विजय प्रताप सिंह को एसआईटी का सदस्य बहाल न किया तो 12 अप्रैल को नई दिल्ली स्थित भारत निर्वाचन आयोग के सामने प्रदर्शन किया जाएगा।