अगर पांच वर्षों तक दिया है सौ फिसदी रिजल्ट तो होगा बड़ा फायदा
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उच्चतर शिक्षा विभाग ने गवर्नमेंट कॉलेजों के टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टॉफ के लिए नई ट्रांसफर पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। इस पॉलिसी के अनुसार किसी भी टीचिंग या नॉन टीचिंग स्टॉफ को किसी भी स्थान पर 3 वर्ष की सर्विस के बाद ही ट्रांसफर किया जा सकता है। इसमें भी शर्तें लगाई गई हैं।
उस प्रोफेसर का ट्रांसफर नहीं किया जा सकता, जिसका पिछले तीन वर्षों में 100 प्रतिशत रिजल्ट रहा है। दूसरा जिसका 5 वर्षों तक 100 प्रतिशत रिजल्ट रहा है, उसका ट्रांसफर उसकी च्वाइस के आधार पर किया जा सकता है।
रिजल्ट को केलकुलेट करने का आधार कक्षाओं में पास विद्यार्थियों की संख्या को माना गया है। यह पॉलिसी लेटर हरियाणा के सभी गवर्नमेंट कॉलेजों के प्राचार्यों को भेजकर सुझाव मांगे गए हैं। प्राचार्यों को अगले 15 दिनों में सुझाव देने होंगे। इसके बाद पॉलिसी को फाइनल कर दिया जाएगा।
शिकायत व खराब रिजल्ट पर होगा तबादला
विभाग द्वारा बनाई गई पॉलिसी में किसी भी प्रोफेसर या अन्य स्टॉफ के खिलाफ शिकायत आती है तो उसका तबादला कर दिया जाएगा। वहीं कक्षा का रिजल्ट खराब आने पर भी तबादला कर दिया जाएगा।
गर्ल्स कॉलेज में महिलाएं या 50 प्लस का स्टाफ
प्रदेश के गर्ल्स कॉलेजों में केवल महिला स्टाफ को ही रखा जाएगा। अगर कॉलेज में फिर भी अतिरिक्त स्टाफ की जरूरत पड़ती है तो केवल 50 वर्ष से अधिक की उम्र के ही स्टाफ को वहां ट्रांसफर किया जा सकता है।
ट्रांसफर पॉलिसी ड्राफ्ट में ये भी
- अगर किसी महिलाकर्मी का पति फौज में हो, कोई भयानक बीमारी से पीड़ित हो, 70 प्रतिशत दिव्यांग, कपल केस आदि में उक्त स्टाफ को उसकी इच्छा के अनुसार 30 किलोमीटर के क्षेत्र में ड्यूटी दी जाएगी।
- प्रोफेसर के लिए 3 वर्ष तक रूरल एरिया के कॉलेज में पढ़ाना जरूरी। प्रदेश में 53 कॉलेज रूरल एरिया में हैं।
- किसी भी स्टाफ की बदली सेशन के बीच में नहीं हो सकती।
- पति-पत्नी दोनों उच्चतर शिक्षा विभाग में है तो उन्हें एक ही कॉलेज में रखा जाएगा।
- ट्रांसफर होने पर 5 दिन के भीतर ज्वाइन करना होगा। एतराज हो एक महीने में बताना होगा।
- ट्रांसफर पर एक महीने में 5 च्वाइस होंगी।
- अविवाहित गर्ल्स स्टॉफ को पेरेंटस के पास दी जाएगी ड्यूटी।
- प्रिंसिपल का तबादला कहीं भी और कभी भी हो सकता है।