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Hindi News ›   Chandigarh ›   HS Phoolka demand resignation from Harsimrat kaur badal

'जो गरीबों को हक नहीं दिला सकती, उसको मंत्री रहने का कोई हक नहीं'

Fri, 19 May 2017 09:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा(पंजाब)
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा(पंजाब) Updated Fri, 19 May 2017 09:01 PM IST
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HS Phoolka demand resignation from Harsimrat kaur badal
आप नेता एचएस फूल्का - फोटो : File Photo
हाल ही में आए पंजाब स्कूल ऐजूकेशन बोर्ड की बाहरवीं कक्षा के नतीजों पर अफसोस जताते हुए विधानसभा में आम आदमी पार्टी की ओर से विपक्ष के नेता एचएस फूलका ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री व बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल से इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने प्रेसवार्ता के दौरान आरोप लगाया कि हरसिमरत बादल ने नन्हीं छांव मुहिम पर बढ़ी धनराशि खर्च कर दी, अगर उसका चौथा हिस्सा अपने हल्के की गरीब लड़कियों को शिक्षा दिलाने पर खर्च किया होता तो शायद आज यह हाल नहीं होना था। 
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फूलका बाहरवीं कक्षा के आए नतीजों में उन स्कूलों की बात कर रहे थे, जहां पर दस फीसदी से भी कम नतीजे आए हैं। बठिंडा के एक स्कूल का जिकर करते हुए फूलका ने कहा कि यहां सात लड़कियां बाहरवीं कक्षा में पढ़ती थीं, वह सभी फेल हो गईं।
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इसका असली कारण जानने के लिए न तो सांसद और न ही शिक्षा विभाग का कोई अधिकारी खराब परीक्षा परिणाम वाले स्कूलों में आज तक पहुंचा। उन्होंने बताया कि उन्होंने मोगा के गांव घोलियां व घोलियां खुर्द के स्कूलों का हाल जाना, तो पता चला कि उक्त स्कूलों में पढ़ते 53 बच्चों में से 2 पास और 23 बच्चों में से एक बच्चा पास हुआ है। 
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विधानसभा में उठाएंगे बारहवीं के खराब रिजर्ट का मुद्दा

HS Phoolka demand resignation from Harsimrat kaur badal
हरसिमरत कौर - फोटो : File Photo
विधानसभा में उठाएंगे बारहवीं के खराब रिजर्ट का मुद्दा
उन्होंने बताया कि भाडूर के स्कूल के 68 में से 5 बच्चें ही पास हुए हैं और बठिंडा के गांव गंगा अब्लू की के स्कूल की सात लड़कियाें में सभी फेल हो गईं। उन्होंने हैरानी जताई कि अब सरकारी स्कूल सिर्फ गरीब बच्चों के लिए ही रह गए हैं, जहां पर पढ़ाने वाले अध्यापकों के बच्चे खुद प्राइवेट स्कूलों मेें पढ़ रहे हैं। फूलका ने कहा कि वह इस गंभीर मसले को विधानसभा में उठाएंगे और दिल्ली की तर्ज पर बजट सेशन से पहले मुख्यमंत्री से मिलकर पंजाब में शिक्षा का बजट 24 फीसदी करने की मांग करेंगे। फूलका ने कहा कि सरकारी स्कूलों में जब बच्चे पढ़ेंगे तभी प्रदेश आगे बढे़गा, न कि प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने से प्रदेश आगे बढ़ सकता है। इस मामले में उन्होंने अमेरिका का उदाहरण भी दिया। 
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