नायब तहसीलदार की परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह के आठ गुर्गे गिरफ्तार, व्हाट्सएप पर पेपर लीक
रेवाड़ी पुलिस ने करनाल से व्हाट्सएप पर नायब तहसीलदार का पेपर लीक कर गुरुग्राम में सॉल्व करवा रेवाड़ी के दो सेंटरों पर उपलब्ध करवाने की कोशिश कर रहे एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के आठ गुर्गों को रेवाड़ी और गुरुग्राम से गिरफ्तार किया है।
रविवार को प्रदेशभर में नायब तहसीलदार के पद के लिए लिखित परीक्षा थी। परीक्षा सुबह 10 बजे शुरू हुई। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि एक गिरोह पेपर लीक कर आंसर-की परीक्षार्थियों तक पहुंचाने की फिराक में है। एसपी राहुल शर्मा ने सूचना के बाद विशेष टीम बनाई। टीम ने गिरोह में सक्रिय लोगों का पता लगाया तो पता चला कि अलग-अलग केंद्रों में परीक्षा दे रहे हिसार के गांव बांस निवासी दिनेश और उसके भाई मनोज के पास साल्व कर आंसर की पहुंचाई जानी है।
इनकी मदद के लिए गिरोह के सदस्य परीक्षा केंद्रों के बाहर मौजूद हैं। दिनेश का सेंटर रेवाड़ी के जैन कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में था और उसके भाई मनोज का रेवाड़ी के माउंट लिट्रा जी स्कूल में था। गुरुग्राम में बैठा युवक पंकज गिरोह को नियंत्रित कर रहा था। गुरुग्राम एसटीएफ को साथ लेकर रेवाड़ी पुलिस ने जैन कन्या स्कूल के बाहर से अखिल नाम के युवक को दबोचा। अखिल ने बताया कि गुरुग्राम से पंकज ने उसके पास पेपर साल्व कर आंसर की भेजी है। आंसर की दिनेश व उसके भाई मनोज के पास पहुंचानी थी।
राहुल शर्मा, पुलिस अधीक्षक ने बताया कि, नायक तहसीलदार की परीक्षा में नकल करने वाले गिरोह के आठ सदस्यों को पकड़ा है। कल उनको कोर्ट में पेश पर रिमांड पर लेंगे। गिरोह के अन्य सदस्यों के अलावा, कितना पैसा लेते थे और अन्य जानकारी ली जाएगी।
माउंट लिट्रा स्कूल के कर्मचारी भी शामिल
अखिल ने बताया कि माउंट लिट्रा स्कूल में परीक्षा दे रहे मनोज के पास आंसर-की पहुंचाने की जिम्मेदारी स्कूल में कार्यरत क्लर्क जसबीर व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कुलदीप और मनोज के साले दीपक की थी। मामले में तुरंत ही एक टीम को माउंट लिट्रा स्कूल भेजा गया और वहां से दीपक, जसबीर और कुलदीप को पकड़ लिया। मनोज मौके से फरार हो गया। जैन गर्ल्स स्कूल से पुलिस टीम ने दिनेश को पकड़ लिया। उसने स्वीकार कर लिया कि उनका पूरा गैंग पेपर लीक करने से जुड़ा है। उधर एसटीएफ गुरुग्राम ने गिरोह के सरगना पंकज सहित तीन आरोपियों को पकड़ा है।
करनाल से लीक हुआ था पेपर
नायब तहसीलदार का पेपर करनाल के एसएस इंटरनेशनल स्कूल से लीक हुआ था। सुबह के सत्र में करनाल के कुंजपुरा रोड पर स्थित एसएस इंटरनेशनल स्कूल से एक शिक्षक व चपरासी के माध्यम से वाट्सएप पर प्रश्न पत्र को आउट किया। पुलिस सूत्रों का दावा है कि यह पेपर जिले के एक बीईओ के पास भेजा गया। बीईओ ने आगे इसे फारवर्ड कर दिया। गुरुग्राम में पंकज ने इस पेपर को सॉल्व करके अखिल के पास आंसर-की भेजी थी। करनाल में पेपर लीक करने के मामले में एसएस इंटरनेशनल स्कूल का कर्मचारी राजकुमार शामिल था जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।