हुड्डा कार्यकाल की सरकारी भर्तियों पर रोक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा की भूपेंद्र हुड्डा सरकार के कार्यकाल में 16 मई 2014 के बाद की गई घोषणाओं और नियुक्तियों के निर्णय और भर्तियों की समीक्षा की जाएगी। कैबिनेट की पहली बैठक में नई सरकार ने यह निर्णय लिया है।
नई सरकार ने तत्काल प्रभाव से नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकारवार्ता में सीएम मनोहर लाल खट्टर ने स्पष्ट किया कि उचित समीक्षा के बाद जनहित के कार्यों को जारी रखा जाएगा।
इसके विपरीत जहां किसी प्रकार का भेदभाव मिला, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मंत्रिमंडल के निर्णय के बाद वर्तमान में चल रही सभी नियुक्ति प्रक्रियाओं पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
री-एंप्लाईमेंट की भी जांच होगी
पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान सभी पुनर्रोजगार (री-एंप्लाईमेंट) की भी जांच की जाएगी। सीएम ने ऐसी सभी पुनर्रोजगार (री-एंप्लाइमेंट) की सूची तैयार करने के लिए कहा है, जिससे मंत्रिमंडल की अगली बैठक में गलत पाए जाने वाले मामलों में कार्रवाई की जा सके।
मंत्रिमंडल ने धान खरीद की शिकायतों की समीक्षा करने और मंत्रिमंडल की अगली बैठक में इस संबंध में कार्रवाई करने का भी निर्णय लिया है। नए बनाए गए मंत्रियों को विभाग आवंटित करने के सवाल पर सीएम ने कहा कि उन्हें जल्द ही विभाग दे दिए जाएंगे।
‘समीक्षा का मतलब निरस्त करना नहीं’
राज्य के कर्मचारियों को पंजाब की तर्ज पर वेतनमान देने और वृद्धावस्था सम्मान भत्ता लागू करने के सवाल पर सीएम ने कहा कि घोषणाओं की समीक्षा करने का मतलब यह नहीं है कि उन्हें निरस्त कर दिया गया है।
समीक्षा के पश्चात जो सही होगा, उसे लागू किया जाएगा, जबकि गलत पाए जाने पर उन्हें निरस्त कर दिया जाएगा। राज्य की नई सरकार कर्मचारियों के हितों का पूरा ध्यान रखेगी।