वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हनीप्रीत हुई पेश, पुलिस ने नहीं सौंपी बचाव पक्ष को सीडी की कॉपी
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25 अगस्त 2017 को पंचकूला में हुई हिंसा एवं आगजनी के मामले में मंगलवार को सुनवाई हुई। इस दौरान हनीप्रीत वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश हुई। जबकि अन्य आरोपी प्रत्यक्ष रूप से कोर्ट में पेश हुए। मंगलवार को सुनवाई के दौरान भी पुलिस की ओर से बचाव पक्ष को सीडी की कॉपी नहीं सौंपी गई। जिसके चलते कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी।
बचाव पक्ष के वकील सुरेश रोहिल्ला ने बताया कि पुलिस ने मंगलवार की सुनवाई के दौरान सीडी की कॉपी देनी थी, लेकिन पुलिस के आग्रह पर अगली तारीख पर सीडी की कॉपी देने के लिए कहा गया है। अगली सुनवाई के दौरान ही हनीप्रीत सहित अन्य सभी आरोपितों के खिलाफ चार्ज फ्रेम करने के लिए बहस शुरू होगी।
चार्जशीट में हनीप्रीत समेत अन्य को पंचकूला में दंगों व हिंसा की घटना के लिए आरोपी बनाया गया है। इसमें हनीप्रीत पर गंभीर आरोप हैं। हनीप्रीत के खिलाफ एफआईआर नंबर 345 में चालान पेश किया गया था। इस चार्जशीट में कुल 67 लोगों को गवाह बनाया गया है। आरोप पत्र के तीन पन्नों में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम और डेरे के छह सुरक्षाकर्मियों का भी जिक्र किया गया था। इस मामले में हनीप्रीत इंसा, उसकी साथी सुखदीप कौर, राकेश कुमार अरोड़ा, सुरेंद्र धीमान इंसा, चमकौर सिंह, दान सिंह, गोविंद राम, प्रदीप गोयल इंसा व खैराती लाल सहित अन्य पर आरोप है। मामले की अगली सुनवाई पांच दिसंबर को होगी।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुआ राम रहीम
डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के डेरे में स्थित अस्पताल में 400 साधुओं को नपुंसक बनाए जाने के मामले की सुनवाई मंगलवार को सीबीआई कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान गुरमीत राम रहीम वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुआ। इस मामले के दो अन्य आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हुए। सुनवाई के दौरान मंगलवार को गवाह गुरदास सिंह तूर के बयान दर्ज होने थे, लेकिन आरोपियों के कोर्ट में न पहुंचने के चलते कोई करवाई नहीं हो सकी। मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी।
बता दें कि बचाव पक्ष द्वारा लगाई गई याचिका पर पिछली सुनवाई में कोर्ट ने याचिका को मंजूर कर लिया था। कोर्ट ने 13 नवंबर की डेट देते हुए गवाह गुरदास सिंह तूर के बयान करवाने को कहा था, लेकिन आरोपियों के कोर्ट में ना पहुंचने पर सुनवाई में आज कोई कार्यवाही नहीं हुई। कोर्ट द्वारा तीनों आरोपियों पर धारा 326,417,506,120बी आईपीसी के तहत आरोप तय किए जा चुके है और साथ ही आरोपियों पर तय किए गए आरोपों की एक कॉपी भी आरोपियों को दी जा चुकी है।