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चंडीगढ़ प्रशासन पंजाब सर्विस रूल्स फॉलो करे या सेंट्रल सर्विस रूल्स, गृह मंत्रालय करेगा फैसला
Tue, 17 Mar 2020 12:02 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 17 Mar 2020 12:02 PM IST
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चंडीगढ़ प्रशासन सेंट्रल सर्विस रूल्स अपनाए या पंजाब सर्विस रूल्स पर ही बना रहे, अब यह फैसला गृह मंत्रालय करेगा। यूटी प्रशासन ने कानूनी राय लेने के बाद मामले को दिल्ली भेज दिया है। एडवाइजर ने बताया कि कानूनी राय में पंजाब सर्विस रूल्स को ही अपनाने की सलाह मिली थी लेकिन केंद्र शासित प्रदेश होने की वजह से आखिरी फैसला गृह मंत्रालय ही करेगा।
सोमवार को यूटी सचिवालय में प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने अधिकारियों की एक बैठक ली, जिसमें इस मुद्दे पर चर्चा की गई। प्रशासन के अधिकारियों ने इस मुद्दे पर मिली कानूनी राय को भी प्रशासक के सामने रखा, जिसके बाद आखिरी फैसला गृह मंत्रालय पर छोड़ दिया गया। एडवाइजर मनोज परिदा ने बताया कि यूटी प्रशासन अगर पंजाब सर्विस रूल्स पर ही बना रहता है तो प्रशासन के विभिन्न विभागों में कार्यरत 240 कर्मचारियों को 31 मार्च को रिटायर कर दिया जाएगा।
इसके अलावा 350 कर्मचारियों को 31 सितंबर तक रिटायर करना होगा। बताया कि प्रशासन ने गृह मंत्रालय को लिखा है कि वह चंडीगढ़ के इस मुद्दे पर जल्द जवाब दें ताकि आगे की कार्रवाई को सफल बनाया जा सके। गौरतलब है कि यूटी सबऑर्डिनेट सर्विस फेडरेशन ने भी प्रशासक को एक पत्र लिखकर पंजाब सर्विस रूल्स को ही फॉलो करने की मांग की है।
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सोमवार को यूटी सचिवालय में प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने अधिकारियों की एक बैठक ली, जिसमें इस मुद्दे पर चर्चा की गई। प्रशासन के अधिकारियों ने इस मुद्दे पर मिली कानूनी राय को भी प्रशासक के सामने रखा, जिसके बाद आखिरी फैसला गृह मंत्रालय पर छोड़ दिया गया। एडवाइजर मनोज परिदा ने बताया कि यूटी प्रशासन अगर पंजाब सर्विस रूल्स पर ही बना रहता है तो प्रशासन के विभिन्न विभागों में कार्यरत 240 कर्मचारियों को 31 मार्च को रिटायर कर दिया जाएगा।
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इसके अलावा 350 कर्मचारियों को 31 सितंबर तक रिटायर करना होगा। बताया कि प्रशासन ने गृह मंत्रालय को लिखा है कि वह चंडीगढ़ के इस मुद्दे पर जल्द जवाब दें ताकि आगे की कार्रवाई को सफल बनाया जा सके। गौरतलब है कि यूटी सबऑर्डिनेट सर्विस फेडरेशन ने भी प्रशासक को एक पत्र लिखकर पंजाब सर्विस रूल्स को ही फॉलो करने की मांग की है।
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प्रशासन ने तीन मुद्दों पर मांगी थी कानूनी राय
यूटी प्रशासन ने तीन मुद्दों पर कानूनी राय मांगी थी। इनमें से एक पंजाब सर्विस रूल्स को मानने के पक्ष में था। दूसरा यह था कि क्या ऐसा हो सकता है कि प्रशासन पंजाब सर्विस रूल्स को ही माने, लेकिन रिटायरमेंट उम्र सेंट्रल सर्विस रूल्स के अनुसार तय हो। इस पर कहा गया है कि किसी भी सर्विस रूल्स में से ‘पिक एंड चूज’ नहीं कर सकते हैं।
अगर अपनाते हैं तो पूरी तरह से अपनाना पड़ेगा। इसके अलावा प्रशासन ने यह भी जानकारी मांगी थी कि क्या चंडीगढ़ के लिए सेंट्रल सर्विस रूल्स को मानना सही होगा। इस पर कानूनी सलाह दी गई है कि इसे लागू करने में कई तरह की कानूनी अड़चने हैं क्योंकि साल 1992 में चंडीगढ़ ने केंद्रीय कैबिनेट से पास होने के बाद पंजाब सर्विस रूल्स को अपनाया था।
अगर अपनाते हैं तो पूरी तरह से अपनाना पड़ेगा। इसके अलावा प्रशासन ने यह भी जानकारी मांगी थी कि क्या चंडीगढ़ के लिए सेंट्रल सर्विस रूल्स को मानना सही होगा। इस पर कानूनी सलाह दी गई है कि इसे लागू करने में कई तरह की कानूनी अड़चने हैं क्योंकि साल 1992 में चंडीगढ़ ने केंद्रीय कैबिनेट से पास होने के बाद पंजाब सर्विस रूल्स को अपनाया था।