{"_id":"5a4516ef4f1c1bc5758bbae1","slug":"home-ministry-employees-housing-scheme-rajnath-singh-kirron-kher","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंप्लाइज हाउसिंग स्कीम पर दोबारा विचार करेगा गृह मंत्रालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंप्लाइज हाउसिंग स्कीम पर दोबारा विचार करेगा गृह मंत्रालय
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 29 Dec 2017 09:39 AM IST
विज्ञापन
सांसद किरण खेर ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह से की मुलाकात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) की ओर से यूटी इंप्लाइज हाउसिंग स्कीम, 2008 पर दोबारा से विचार किया जाएगा। यह आश्वासन केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने वीरवार को चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर को दिया है।
किरण खेर ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल आफ इंडिया चेतन मित्तल के साथ वीरवार को राजनाथ सिंह से मुलाकात की और उनसे यूटी कर्मचारियों की इस स्कीम पर दोबारा से विचार करने का आग्रह किया, जिसे राजनाथ सिंह ने स्वीकार कर लिया।
राजनाथ सिंह के इस आश्वासन के बाद अब यूटी के उन कर्मचारियों में अब एक बार फिर से आशा की किरण जागी है जोकि लगभग नौ सालों से चंडीगढ़ में अपने आशियाने का इंतजार कर रहे थे। एमएचए ने यूटी प्रशासन की वर्ष 2008 में बनी इंपलाइज हाउसिंग स्कीम को नामंजूर कर दिया था।
विज्ञापन
इसके बाद कर्मचारियों ने खेर से मिलकर कहा था कि वह इस मुद्दे को केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ दोबारा टेक अप करें। खेर ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया था कि वे इस मुद्दे को केंद्रीय गृह मंत्री के साथ टेक अप करेंगी और उनसे यह निवेदन करेंगी कि इस पर दोबारा से विचार किया जाए।
विज्ञापन
किरण खेर ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल आफ इंडिया चेतन मित्तल के साथ वीरवार को राजनाथ सिंह से मुलाकात की और उनसे यूटी कर्मचारियों की इस स्कीम पर दोबारा से विचार करने का आग्रह किया, जिसे राजनाथ सिंह ने स्वीकार कर लिया।
विज्ञापन
राजनाथ सिंह के इस आश्वासन के बाद अब यूटी के उन कर्मचारियों में अब एक बार फिर से आशा की किरण जागी है जोकि लगभग नौ सालों से चंडीगढ़ में अपने आशियाने का इंतजार कर रहे थे। एमएचए ने यूटी प्रशासन की वर्ष 2008 में बनी इंपलाइज हाउसिंग स्कीम को नामंजूर कर दिया था।
विज्ञापन
इसके बाद कर्मचारियों ने खेर से मिलकर कहा था कि वह इस मुद्दे को केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ दोबारा टेक अप करें। खेर ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया था कि वे इस मुद्दे को केंद्रीय गृह मंत्री के साथ टेक अप करेंगी और उनसे यह निवेदन करेंगी कि इस पर दोबारा से विचार किया जाए।