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चंडीगढ़: लोगों का प्यार देख अभिभूत हुईं हॉकी खिलाड़ी मोनिका, किया वादा-अगली बार मेडल अपना होगा
Thu, 12 Aug 2021 12:32 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 12 Aug 2021 12:32 PM IST
सार
मोनिका ने बताया कि हार के बाद निराशा में डूबी टीम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोत्साहित किया। उन्होंने समझाया कि इस हार से निराश नहीं होना है। रोना नहीं है। यह तो खेल का हिस्सा है। आपने शानदार खेल दिखाया। उनके शब्दों ने नई जान फूंकी। हमारे लिए यह पहला मौका था, जब किसी प्रधानमंत्री ने हौसला बढ़ाया हो।
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चंडीगढ़ में अपने परिवार के साथ हॉकी खिलाड़ी मोनिका।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारतीय महिला हॉकी टीम की सदस्य मोनिका मंगलवार देर रात सेक्टर 44 स्थित अपने घर पहुंचीं। परिवार के लोगों ने मोनिका का लड्डू खिलाकर मुंह मीठा कराया। वर्ष 2011 में भारतीय महिला हॉकी टीम में जगह बनाने वाली मोनिका ने बताया कि महिला हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन किया लेकिन पदक जीतने से एक कदम दूर रह गई। सेमीफाइनल में अर्जेंटीना से हारने के बाद कांस्य पदक के मैच में ग्रेट ब्रिटेन से भारतीय टीम 4-3 से हार गई।
उन्होंने कहा कि टोक्यो ओलंपिक में पदक से चूकने के बाद पूरी टीम निराशा से भर गई थी। सभी की आंखों में आंसू थे। मनोबल बुरी तरह टूट चुका था। फिर प्रधानमंत्री मोदी जी का फोन हमारे पास आया और उन्होंने हमारा हौसला बढ़ाया। यह क्षण अविस्मरणीय था। हमें उम्मीद भी नहीं थी कि प्रधानमंत्री और देश के लोगों की ओर से इतना प्यार मिलेगा। हम शुक्रगुजार हैं देशवासियों के। साथ ही यह वादा भी करते हैं कि अगली बार हम खाली हाथ नहीं लौटेंगी।
मोनिका ने बताया विश्व की महिला हॉकी टीमों के मुकाबले भारतीय महिला हॉकी टीम में अधिकतर सदस्य युवा हैं। टोक्यो ओलंपिक में इन खिलाड़ियों ने अपने पूल में ऑस्ट्रेलिया,अर्जेंटीना, इंग्लैंड, जर्मनी जैसी ताकतवर टीमों के खिलाफ खेला है। इसका फायदा भविष्य में होने वाली चैंपियनशिप में मिलेगा। अगले साल वर्ल्ड कप और एशियन गेम्स हैं। एक बार फिर चैंपियनशिप की तैयारियों में जुट जाऊंगी।
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उन्होंने कहा कि टोक्यो ओलंपिक में पदक से चूकने के बाद पूरी टीम निराशा से भर गई थी। सभी की आंखों में आंसू थे। मनोबल बुरी तरह टूट चुका था। फिर प्रधानमंत्री मोदी जी का फोन हमारे पास आया और उन्होंने हमारा हौसला बढ़ाया। यह क्षण अविस्मरणीय था। हमें उम्मीद भी नहीं थी कि प्रधानमंत्री और देश के लोगों की ओर से इतना प्यार मिलेगा। हम शुक्रगुजार हैं देशवासियों के। साथ ही यह वादा भी करते हैं कि अगली बार हम खाली हाथ नहीं लौटेंगी।
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मोनिका ने बताया विश्व की महिला हॉकी टीमों के मुकाबले भारतीय महिला हॉकी टीम में अधिकतर सदस्य युवा हैं। टोक्यो ओलंपिक में इन खिलाड़ियों ने अपने पूल में ऑस्ट्रेलिया,अर्जेंटीना, इंग्लैंड, जर्मनी जैसी ताकतवर टीमों के खिलाफ खेला है। इसका फायदा भविष्य में होने वाली चैंपियनशिप में मिलेगा। अगले साल वर्ल्ड कप और एशियन गेम्स हैं। एक बार फिर चैंपियनशिप की तैयारियों में जुट जाऊंगी।
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बस वह दिन हमारा नहीं था
मोनिका ने बताया कि पहली बार भारतीय महिला हॉकी टीम ने टॉप 4 में अपनी जगह बनाई। ग्रेट ब्रिटेन के साथ कांस्य पदक मैच में एक बार भारतीय टीम 3-2 से आगे चल रही थी, लेकिन इसके बाद उनकी टीम ने गोल बचा लिए। मैच हारने के साथ ही मेडल भी हाथ से फिसल गया। गलती कहां हुई, इसके जवाब में मोनिका ने कहा कि बस वह दिन हमारा नहीं था। हमने खेल शानदार ही खेला था।
प्रधानमंत्री मोदी का फोन आना गर्व का पल
मोनिका ने बताया कि हार के बाद निराशा में डूबी टीम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोत्साहित किया। उन्होंने समझाया कि इस हार से निराश नहीं होना है। रोना नहीं है। यह तो खेल का हिस्सा है। आपने शानदार खेल दिखाया। उनके शब्दों ने नई जान फूंकी। हमारे लिए यह पहला मौका था, जब किसी प्रधानमंत्री ने हौसला बढ़ाया हो। देश लौटने पर भी एयरपोर्ट से लेकर होटल तक शानदार स्वागत हुआ। इससे पूरी टीम उत्साहित है। अभी 15 अगस्त को प्रधानमंत्री निवास पर पूरी टीम को बुलाया गया है।
पिता कराना चाहते थे पहलवानी मगर मोनिका ने हॉकी थामी
मिड फील्डर के तौर पर खेलने वाली मोनिका के पिता तकदीर सिंह चंडीगढ़ पुलिस में एएसआई हैं। वह बेटी को पहलवान बनाना चाहते थे, लेकिन मोनिका को यह पसंद नहीं था। उनकी सहेली हॉकी खेलती थी, जिसके साथ वह अकादमी में जातीं तो वहां अभ्यास के दौरान मिलने वाले रिफ्रेशमेंट को देख प्रभावित हो जातीं। इस कारण उन्होंने हॉकी को अपनाया।
बेटी पर गर्व, इस मुकाम तक पहुंचना मेडल से कम नहीं
तकदीर सिंह ने बेटी का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि टॉप 4 में टीम का पहुंचना भी छोटी बात नहीं है। विश्व की ताकतवर टीमों के खिलाफ भारतीय टीम ने शानदार खेल दिखाया। पदक हाथ से छूट जरूर गया लेकिन लड़कियों ने अपने खेल से दिल जीत लिया। मुझे अपनी बेटी मोनिका पर गर्व है कि वह टोक्यो ओलंपिक में भारतीय महिला टीम का हिस्सा रही।
प्रधानमंत्री मोदी का फोन आना गर्व का पल
मोनिका ने बताया कि हार के बाद निराशा में डूबी टीम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोत्साहित किया। उन्होंने समझाया कि इस हार से निराश नहीं होना है। रोना नहीं है। यह तो खेल का हिस्सा है। आपने शानदार खेल दिखाया। उनके शब्दों ने नई जान फूंकी। हमारे लिए यह पहला मौका था, जब किसी प्रधानमंत्री ने हौसला बढ़ाया हो। देश लौटने पर भी एयरपोर्ट से लेकर होटल तक शानदार स्वागत हुआ। इससे पूरी टीम उत्साहित है। अभी 15 अगस्त को प्रधानमंत्री निवास पर पूरी टीम को बुलाया गया है।
पिता कराना चाहते थे पहलवानी मगर मोनिका ने हॉकी थामी
मिड फील्डर के तौर पर खेलने वाली मोनिका के पिता तकदीर सिंह चंडीगढ़ पुलिस में एएसआई हैं। वह बेटी को पहलवान बनाना चाहते थे, लेकिन मोनिका को यह पसंद नहीं था। उनकी सहेली हॉकी खेलती थी, जिसके साथ वह अकादमी में जातीं तो वहां अभ्यास के दौरान मिलने वाले रिफ्रेशमेंट को देख प्रभावित हो जातीं। इस कारण उन्होंने हॉकी को अपनाया।
बेटी पर गर्व, इस मुकाम तक पहुंचना मेडल से कम नहीं
तकदीर सिंह ने बेटी का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि टॉप 4 में टीम का पहुंचना भी छोटी बात नहीं है। विश्व की ताकतवर टीमों के खिलाफ भारतीय टीम ने शानदार खेल दिखाया। पदक हाथ से छूट जरूर गया लेकिन लड़कियों ने अपने खेल से दिल जीत लिया। मुझे अपनी बेटी मोनिका पर गर्व है कि वह टोक्यो ओलंपिक में भारतीय महिला टीम का हिस्सा रही।