{"_id":"614029088ebc3e3ebf36a513","slug":"hindi-diwas-2021-all-services-of-chandigarh-nagar-nigam-will-be-in-hindi-in-three-months","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिंदी दिवस: चंडीगढ़ के निगम आयुक्त ने लिया संकल्प... अगले तीन माह में हिंदी में होंगी निगम की सभी सेवाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिंदी दिवस: चंडीगढ़ के निगम आयुक्त ने लिया संकल्प... अगले तीन माह में हिंदी में होंगी निगम की सभी सेवाएं
Tue, 14 Sep 2021 10:16 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 14 Sep 2021 10:16 AM IST
सार
आनिंदिता मित्रा ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार नगर निगम में पहली बार हिंदी पखवाड़ा दिवस मनाया गया है। इस दौरान निगम के कर्मचारियों के लिए हिंदी में कई प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जा रहा है।
विज्ञापन
नगर निगम के मेयर और आयुक्त।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिंदी दिवस पर चंडीगढ़ की नगर निगम आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने संकल्प लिया है कि अभी तक अंग्रेजी में मिलने वाली नगर निगम की सेवाओं को अब हिंदी में दिया जाएगा। इसके लिए आयुक्त ने निगम के आईटी विभाग को तीन माह का समय दिया है। इसके साथ ही सुविधाओं को अन्य भाषाओं से भी जोड़ा जाएगा। वहीं, मेयर रविकांत शर्मा ने कहा कि लोगों से संवाद को बेहतर माध्यम हिंदी ही है, इसलिए सेवाओं के लिए हिंदी का प्रयोग करना हमारी प्राथमिकता है।
विज्ञापन
आनिंदिता मित्रा ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार नगर निगम में पहली बार हिंदी पखवाड़ा दिवस मनाया गया है। इस दौरान निगम के कर्मचारियों के लिए हिंदी में कई प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जा रहा है। बड़ी बात यह है कि कर्मचारी भी इन प्रतियोगिताओं में बढ़चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। अभियान के अंतिम दिन विजयी कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
विज्ञापन
आयुक्त ने बताया कि देशभर में हिंदी को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न आयोजन किए जा रहे हैं। इस दिशा में एक पहल करते हुए बेहतर संवाद के लिए कुछ सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन कराया जा रहा है। इससे हिंदी के प्रति लोगों का रुझान बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर कामकाज से अलग हिंदी की समझ भी बेहतर होगी। हम स्वयं हिंदी को समझेंगे तभी अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दे सकेंगे।
विज्ञापन