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अल्ट्रा मॉडर्न कल्चर का नतीजा है कि कन्हैया जहर उगलता है: राज्यपाल
राजेश शांडिल्य/अमर उजाला, मोहाली
Updated Wed, 18 May 2016 06:06 PM IST
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हिमाचल के राज्यपाल
- फोटो : amar ujala
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हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल डॉ. देवव्रत आचार्य ने कहा, अल्ट्रा मॉडर्न कल्चर का नतीजा है कि इस युग का कन्हैया जहर उगलता है। अल्ट्रा मॉडर्न कल्चर का नतीजा है कि इस युग का कन्हैया जहर उगलता है। आज भारत माता और अपनी संस्कृति की बात करना सांप्रदायिक हो गया है। अमर उजाला से विशेष बातचीत में ये टीस हिमाचल के राज्यपाल डॉ. देवव्रत आचार्य ने बयां की।
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राज्यपाल मंगलवार को डॉ. जीसी मिश्रा मेमोरियल एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित माताओं के सम्मान समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करने पहुंचे थे। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि माता और मातृभूमि का उचित सम्मान तभी होगा, जब गुरुकुल परंपरा से शिक्षा और नैतिक मूल्यों का प्रचार-प्रसार होगा। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र का गुरुकुल देश में ऐसा उदाहरण पेश कर चुका है, जहां से शिक्षा प्राप्त सैकड़ों विद्यार्थी देश सेवा के लिए विभिन्न उच्च पदों और खेल के क्षेत्र में चयनित हुए हैं।
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वहीं, अब तक 23 विद्यार्थियों का चयन आईआईटी में हो चुका है। राज्यपाल डॉ. देवव्रत आचार्य के मुताबिक कुरुक्षेत्र के बाद महिलाओं के लिए अंबाला में गुरुकुल स्थापित किया गया है। हरियाणा के नीलोखेड़ी के बाद हिमाचल के सोलन में भी युवा शक्ति को शिक्षा, कला और खेल के अलावा विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी बनाने के लिए गुरुकुल की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। राज्यपाल के अनुसार हिमाचल की तरह पंजाब भी नशे की चपेट में है। अगर पंजाब में अल्ट्रा मॉडर्न कल्चर छोड़कर गुरुकुल परंपरा को अपनाया जाए तो गुरुओं की पवित्र भूमि पंजाब को नशा मुक्त करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि अगर पंजाब में गुरुकुल स्थापना के लिए उनसे मदद मांगी जाती है तो वे हर संभव मदद के लिए तैयार हैं। राज्यपाल के मुताबिक, भारत की गुरुकुल परंपरा को बढ़ावा देने से ही देश फिर से विश्वगुरु बन सकता है।
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राज्यपाल ने कहा इन पर है मेरा फोकस
राज्यपाल डॉ. देवव्रत आचार्य के अनुसार, वह जीवनभर एक गुरु (शिक्षक) की भूमिका में रहकर ज्ञान की अलख जगाना चाहते हैं। इसके साथ ही जैविक कृषि, गो पालन के क्षेत्र में काम करने के साथ-साथ बेटियों को सुशिक्षित करके उन्हें स्वावलंबी बनाने पर उनका विशेष फोकस है।
... और भावुक हो गई एक मां
कठिन से कठिन परिस्थितियों के बावजूद कड़ा संघर्ष करके अपने बच्चों की परवरिश करने वाली माताओं का राज्यपाल ने सम्मान करके उनका हौसला बढ़ाया। कार्यक्रम से विदा लेते समय सम्मानित हुई एक महिला राज्यपाल के पास आकर भावुक हो गई। महिला ने कहा कि उनके संबोधन से प्रेरणा के साथ-साथ आगे कदम उठाने का हौसला मिला है।