फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   HighCourt, HMT Pinjore factory, tractor unit, panchkula news

किस आधार पर लिया एचएमटी बंद करने का फैसला: हाईकोर्ट

Wed, 22 Feb 2017 01:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 22 Feb 2017 01:34 AM IST
विज्ञापन
HighCourt, HMT Pinjore factory, tractor unit, panchkula news
Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh - फोटो : File Photo
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पिंजौर स्थित एचएमटी फैक्टरी के ट्रैक्टर यूनिट को बंद करने के केंद्र सरकार के फैसले पर सवाल उठाया है। पूछा है कि आखिर किस आधार पर एचएमटी की फैक्टरी को बंद करने का फैसला लिया गया। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की वह फाइल तलब की है, जिसके तहत फैक्टरी बंद करने का निर्णय लिया गया। इस पर केंद्र व हरियाणा की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय दिए जाने की अपील की गई। हाईकोर्ट ने अपील मंजूर करते हुए सुनवाई टाल दी है।
विज्ञापन


एचएमटी की पिंजौर यूनिट के कर्मचारियों की तरफ से दाखिल याचिका में केंद्र सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय के फैसले को खारिज करने की मांग की गई है, जिसमें ट्रैक्टर यूनिट को बंद करने का फैसला लिया गया था। याचिका में चार नवंबर 2016 के फैसले को भी खारिज करने की मांग की गई, जिसमें कर्मचारियों को वॉलेंटरी रिटायरमेंट स्कीम (वीआरएस) लेने या फिर इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट एक्ट के तहत छंटनी किए जाने की बात कही गई। 
विज्ञापन


याचिका में कहा गया कि एचएमटी के 1100 कर्मचारी ट्रैक्टर यूनिट के बहाल होने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन केंद्र सरकार ने यूनिट बंद करने पर सहमति दे दी और कर्मचारियों को वीआरएस देने की बात कही। केंद्र ने सुझाव दिया कि ट्रैक्टर यूनिट को बंद कर मशीन टूल्स यूनिट पर फोकस किया जाए। इसका एक बड़ा कारण ट्रैक्टर यूनिट का लगातार आर्थिक नुकसान में रहना है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed