अनुसूचित जाति के कर्मियों के लिए प्रमोशन से जुड़ी बुरी खबर
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा के सरकारी विभागों में एससी वर्ग के कर्मचारियों को प्रमोशन में 20 फीसदी आरक्षण दिए जाने के फैसले पर रोक लगा दी है। इस मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट में हरियाणा सरकार को नोटिस भी जारी किया है।
दिनेश कुमार शर्मा और अन्य की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि हरियाणा सरकार द्वारा एससी वर्ग को गलत तरीके से प्रमोशन में आरक्षण की व्यवस्था की गई है।
याचिका में कहा गया कि सरकार ने इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए 14 फरवरी, 2013 को कमेटी गठित की थी। कमेटी को प्रदेश में एससी वर्ग के लोगों के पिछड़ेपन और उनके प्रतिनिधित्व की रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। कमेटी का गठन इसलिए किया गया था क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार प्रमोशन के लिए कमेटी का गठन आवश्यक है।
सरकार ने एससी वर्ग की खाली सीटों को भरने में ध्यान नहीं दिया
याचिका में कहा गया कि सरकार द्वारा गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए कहा था कि प्रदेश में अब भी एससी पिछड़े हुए हैं। रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश सरकार ने 15 मई, 2015 को नोटिफिकेशन जारी कर एससी वर्ग के कर्मचारियों के प्रमोशन में 20 फीसदी आरक्षण देने का प्रावधान कर दिया।
इसके तहत एससी वर्ग को यह लाभ 1 अप्रैल, 2013 से दिया जाना तय किया गया है। याचिका में यह भी दलील दी गई कि सरकार ने विभागों में एससी वर्ग की अब तक खाली सीटों को भरने की ओर ध्यान नहीं दिया।
बल्कि 20 फीसदी आरक्षण को ओवरऑल एससी कोटे के हिसाब से लागू कर दिया, जिससे कहीं तो सभी को लाभ मिल जाएगा और कहीं खाली सीटों के चलते कर्मचारी लाभ से वंचित रह जाएंगे। अदालत ने याचिकाकर्ता का पक्ष सुनने के बाद सरकार के फैसले पर रोक लगाते हुए नोटिस जारी कर दिया।