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Chandigarh News: 65 लाख के स्ट्रीट लाइट के गबन मामले में कार्रवाई पर हाईकोर्ट की रोक
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के गांवों में स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए तय करीब 65 लाख के गबन के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 3 याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत दी है। जस्टिस संजय वशिष्ठ की अदालत ने लुधियाना की विशेष अदालत में मामले की आगे की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने मामले को अर्जेंट सूची में रखने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई 16 अक्टूबर 2026 को तय की है।
विशेष अदालत के आदेशों को चुनौती : मामला वर्ष 2022 में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। इसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के साथ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। संदीप सिंह संधू, गौरव शर्मा और हरप्रीत सिंह सिद्धू ने अलग-अलग याचिकाएं दायर कर लुधियाना की विशेष अदालत के आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। संदीप सिंह संधू ने विशेष अदालत के कई जिमनी आदेशों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सुनवाई अदालत ने जांच एजेंसी को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 173(8) के तहत पूरक रिपोर्ट दाखिल करने और जांच जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।
याचिका में दावा किया गया कि विशेष अदालत ने जांच के दौरान यह भी सवाल उठाया कि किसी विशेष आरोपी के खिलाफ चालान या पूरक चालान क्यों दाखिल नहीं किया गया। इसके बाद जांच एजेंसी की ओर से पूरक चालान दाखिल किया गया।
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वहीं, गौरव शर्मा और हरप्रीत सिंह सिद्धू ने 29 मई 2025 के उन आदेशों को चुनौती दी है, जिनमें उनकी आरोपमुक्ति की अर्जियां खारिज कर दी गई थीं। इसके बाद 18 जुलाई 2025 को दोनों के खिलाफ आरोप तय किए गए। मामले में भ्रष्टाचार के आरोपों के अलावा आपराधिक षड्यंत्र, आपराधिक न्यास भंग और जालसाजी से संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं।
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चंडीगढ़। पंजाब के गांवों में स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए तय करीब 65 लाख के गबन के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 3 याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत दी है। जस्टिस संजय वशिष्ठ की अदालत ने लुधियाना की विशेष अदालत में मामले की आगे की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने मामले को अर्जेंट सूची में रखने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई 16 अक्टूबर 2026 को तय की है।
विशेष अदालत के आदेशों को चुनौती : मामला वर्ष 2022 में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। इसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के साथ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। संदीप सिंह संधू, गौरव शर्मा और हरप्रीत सिंह सिद्धू ने अलग-अलग याचिकाएं दायर कर लुधियाना की विशेष अदालत के आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। संदीप सिंह संधू ने विशेष अदालत के कई जिमनी आदेशों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सुनवाई अदालत ने जांच एजेंसी को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 173(8) के तहत पूरक रिपोर्ट दाखिल करने और जांच जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।
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याचिका में दावा किया गया कि विशेष अदालत ने जांच के दौरान यह भी सवाल उठाया कि किसी विशेष आरोपी के खिलाफ चालान या पूरक चालान क्यों दाखिल नहीं किया गया। इसके बाद जांच एजेंसी की ओर से पूरक चालान दाखिल किया गया।
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वहीं, गौरव शर्मा और हरप्रीत सिंह सिद्धू ने 29 मई 2025 के उन आदेशों को चुनौती दी है, जिनमें उनकी आरोपमुक्ति की अर्जियां खारिज कर दी गई थीं। इसके बाद 18 जुलाई 2025 को दोनों के खिलाफ आरोप तय किए गए। मामले में भ्रष्टाचार के आरोपों के अलावा आपराधिक षड्यंत्र, आपराधिक न्यास भंग और जालसाजी से संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं।