फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   High court stay on promotion of principal posts in Haryana colleges

हरियाणा के कॉलेजों में प्रिंसिपल पदों के प्रमोशन पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

Thu, 18 Jun 2020 09:22 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 18 Jun 2020 09:22 PM IST
विज्ञापन
High court stay on promotion of principal posts in Haryana colleges
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : फाइल फोटो

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा सरकार द्वारा सरकारी कॉलेजों में प्रिंसिपलों के पदों पर किए जा रहे प्रमोशन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। इसके साथ ही हरियाणा के उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त प्रमुख सचिव और डायरेक्टर जनरल ऑफ हायर एजुकेशन को अवमानना का नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।

विज्ञापन


22 एसोसिएट प्रोफेसरों द्वारा एडवोकेट समीर सचदेवा के माध्यम से हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई है। समीर सचदेवा ने बताया कि सभी याचिकाकर्ताओं की पहले एड-हॉक पद पर नियुक्ति हुई थी। बाद में वे रेगुलर हो गए थे। लेकिन जब उनकी सीनियॉरिटी की बात उठी तो सरकार ने उनकी एड-हॉक के तौर पर की गई सेवा को सेवाकाल में शामिल नहीं किया। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी गई थी। हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए थे कि वह याचिकाकर्ताओं की एड-हॉक की सेवा को भी सेवाकाल में शामिल करे। लेकिन सरकार ने हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी।
विज्ञापन



यह भी पढ़ें- नम आंखों से शहीद मनदीप सिंह को अंतिम विदाई, मां-पत्नी और बच्चों ने दी जांबाज को सलामी

विज्ञापन
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने 10 मई 2018 को सरकार की अपील को खारिज करते हुए हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था। अपील खारिज होने के बाद सरकार ने फिर सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर कर दी। इसे भी सुप्रीम कोर्ट ने गत वर्ष 6 मार्च को खारिज कर दिया। रिव्यू पिटीशन खारिज होने के बाद सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दायर कर दी जिसे सुप्रीम कोर्ट ने गत वर्ष नवंबर में खारिज कर दिया था। 

सभी याचिकाएं खारिज होने के बाद भी सरकार ने जब आदेशों को लागू नहीं किया तो याचिकाकर्ताओं ने इसके खिलाफ दोबारा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी थी। हाईकोर्ट ने 24 जनवरी को याचिका का निपटारा करते हुए सरकार को तीन महीने में इनकी एड-हॉक की सेवा को सेवाकाल में शामिल कर सीनियॉरिटी लिस्ट बनाए जाने के आदेश दे दिए थे।


यह भी पढ़ें- शहीद को मां और बेटी ने दिया कंधा, पत्नी से कहा था- सेना का नमक चुका सकूं तो मैं भाग्यशाली

सीनियॉरिटी लिस्ट बनाए फिर दे प्रमोशन
अब याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट को बताया कि सरकार ने इनमें से 85 प्रोफेसरों को प्रिंसिपल के पद पर प्रमोशन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है । जबकि बाकी की एड-हॉक की सेवा को अभी भी सेवाकाल में शामिल नहीं किया गया है। यह सीधे तौर पर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवमानना का मामला है। इनकी मांग है कि सरकार पहले एड-हॉक से रेगुलर हुए सभी की सीनियॉरिटी लिस्ट बनाए, उसके बाद ही प्रमोशन की जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed