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3335 कंप्यूटर टीचर मामले में सरकार को हाइकोर्ट से फटकार
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 05 Apr 2016 12:21 AM IST
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कोर्ट
- फोटो : file photo
हरियाणा सरकार की ओर से सरकारी स्कूलों के लिए कांट्रैक्ट आधार पर 3336 कंप्यूटर टीचरों की भरती के फैसले पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। स्कूलों में मौजूदा कांट्रैक्ट टीचर जिनका कार्यकाल 31 मार्च, 2016 को समाप्त हो गया है और सरकार ने उन्हें दो माह की और मोहलत दी है, की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सोमवार को जस्टिस दीपक सिब्बल ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कंप्यूटर टीचरों की नियमित भरती नहीं किए जाने पर एतराज जताया।
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याचिकाकर्ता टीचरों ने अपनी याचिका में सरकार पर आरोप लगाया है कि कांट्रैक्ट पर काम कर रहे मौजूदा कंप्यूटर टीचरों को हटाकर सरकार कांट्रैक्ट पर ही नई भरती कर रही है। कंप्यूटर टीचरों के वकील नरेंद्र हुड्डा ने कोर्ट से कहा कि हरियाणा सरकार हर बार कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर भरती कर युवाओं का शोषण कर रही है।
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उन्होंने अदालत के समक्ष सवाल उठाया कि जब सरकार ने अनुबंध के आधार पर ही शिक्षक भरती करने हैं तो पहले से काम कर रहे टीचरों का कांट्रैक्ट ही क्यों नहीं बढ़ा दिया जाता। इस मामले में पिछली सुनवाई पर अदालत ने हरियाणा सरकार को 4 अप्रैल को जवाब दाखिल करने को कहा था।
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सोमवार को हरियाणा सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए और समय की मांग की। इस पर अदालत ने सरकार को 27 अप्रैल तक की मोहलत देते हुए कंप्यूटर टीचरों की नियमित भरती के बारे में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए।