मोरनी सामूहिक दुष्कर्म मामला: मुख्य आरोपी की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने की खारिज
हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी पर बेहद संगीन धाराओं में मामला दर्ज है, नहीं दे सकते जमानत।
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2018 के बहुचर्चित मोरनी सामूहिक दुष्कर्म के मुख्य आरोपी सुनील कुमार की जमानत से जुड़ी याचिका पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सिरे से खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी के खिलाफ बेहद संगीन धाराओं में मामला दर्ज है, ऐसे आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती।
सुनील कुमार ने याचिका दाखिल करते हुए कहा कि उसने तो सिर्फ महिला की फोटो व्हाट्सएप के जरिये आगे भेजी थी, ऐसे में उस पर सामूहिक दुष्कर्म का मामला नहीं बनता। हाईकोर्ट ने कहा कि अपनी कर्मी की फोटो इस तरह व्हाट्सएप पर भेजने के क्या कारण हो सकता है, भले ही महिला उसकी कर्मी थी।
इससे यह अंदाज लगाया जा सकता है कि वह अपने दोस्तों को न्योता देने के लिए फोटो भेज रहा था। याची ने पीड़िता को अपने होटल में कैद कर रखा गया था, जहां से पीड़िता किसी को अपनी मदद के लिए बुला भी नहीं सकती थी और इसी दौरान यह फोटो भेजे गए। हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी की सभी दलीलें निराधार हैं और इसी आधार पर हाईकोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
हाईकोर्ट ने भी लिया था इस मामले पर संज्ञान
2018 में यह मामला सामने आया था जहां एक महिला ने शिकायत की थी कि सुनील कुमार ने उसे नौकरी देने का झांसा दे मोरनी के अपने होटल में बुलाया था। होटल में उसे नशीला पदार्थ खिलाकर उससे दुष्कर्म किया और उसका मोबाइल भी उससे छीन लिया। इसके बाद उसे कैद कर अपने दोस्तों से लगातार कई दिनों तक उसके साथ दुष्कर्म करवाया। मोरनी सामूहिक दुष्कर्म मामला सामने आने के बाद हाईकोर्ट ने भी इस मामले में संज्ञान लेते हुए पंचकूला पुलिस से रिपोर्ट तलब की थी।