फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   High Court refused to grant bail to accused of writing provocative pro-Khalistan slogans on walls

Highcourt: खालिस्तान आंदोलन का पुनर्जीवित होना संप्रभुता के लिए खतरा, नारे लिखने के आरोपी को जमानत नहीं

Tue, 11 Feb 2025 01:25 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 11 Feb 2025 01:25 PM IST
सार

सरकारी वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता की ओर से भड़काऊ और राष्ट्र-विरोधी सामग्री वाला एक वीडियो प्रसारित किया गया था और इसे सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था। इस वीडियो से पंजाब में कानून और व्यवस्था के भंग होने की संभावना बढ़ गई थी। 

विज्ञापन
High Court refused to grant bail to accused of writing provocative pro-Khalistan slogans on walls
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दीवारों पर खालिस्तान समर्थित भड़काऊ नारे लिखने और सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो प्रसारित करने के आरोपी को जमानत देने से इन्कार कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि खालिस्तान समर्थित आंदोलन का पुनर्जीवित होना देश की संप्रभुता के लिए खतरा है।
विज्ञापन


जालंधर निवासी रमन ने याचिका दाखिल करते हुए जमानत की मांग की थी। याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि याचिकाकर्ता को 7 सितंबर, 2022 में गिरफ्तार किया गया था, चालान 12 मई, 2023 को पेश किया गया और 14 अगस्त 2024 को आरोप तय किए गए थे। 
विज्ञापन


काफी समय बीत जाने के बावजूद अभी तक ट्रायल पूरा नहीं हुआ है। अभियोजन पक्ष के किसी भी गवाह से आज तक पूछताछ नहीं की गई है। याची का न तो एफआईआर में नाम था और न ही उसके कब्जे से कोई ऐसी सामग्री बरामद की गई, जो उसे कथित अपराधों से जोड़ती हो।
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकारी वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता की ओर से भड़काऊ और राष्ट्र-विरोधी सामग्री वाला एक वीडियो प्रसारित किया गया था और इसे सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था। इस वीडियो से पंजाब में कानून और व्यवस्था के भंग होने की संभावना बढ़ गई थी। 

हाईकोर्ट ने कहा कि खालिस्तान समर्थित नारे लिखकर और सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो प्रसारित करके सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप हैं। यदि ये कृत्य सिद्ध हो जाते हैं, तो ये न केवल आपराधिक हैं, बल्कि हिंसा भड़काने, सांप्रदायिक कलह को बढ़ावा देने और राज्य के सामाजिक ताने-बाने को अस्थिर करने की क्षमता रखते हैं।


याचिकाकर्ता पंजाब और हिमाचल प्रदेश राज्य में कई एफआईआर में इसी तरह के आरोपों का सामना कर रहा है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि मुकदमे के समापन में कुछ देरी हुई है, हालांकि, यह याचिकाकर्ता के खिलाफ आरोपों की गंभीरता को कम करने के लिए पर्याप्त नहीं है। याचिकाकर्ता के खिलाफ आरोप राज्य की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए एक सीधा और गंभीर खतरा पैदा करते हैं। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed