हाईकोर्ट का आदेश, आईजी गुरिंदर ढिल्लों रिश्वत मामले की होगी सीबीआई जांच
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रिश्वत के मामले में आरोपी आईजी गुरिंदर सिंह ढिल्लों के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश जारी किए हैं। आईजी ढिल्लों पर रिटायर्ड एसएसपी शिव कुमार के खिलाफ दर्ज केस को कमजोर करने के बदले में मोटी रकम रिश्वत के तौर पर लेने का आरोप है। आईजी ढिल्लों ने इसको हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
पिछले साल सितंबर माह में आईजी ढिल्लों की ओर से दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने आदेश दिए थे कि किसी भी तरह की कार्रवाई से सात दिन पहले ढिल्लों को नोटिस दिया जाए।
मंगलवार को आईजी ढिल्लों की याचिका पर जस्टिस दया चौधरी ने फैसला सुनाते हुए उनके मामले की जांच सीबीआई से करवाने के आदेश दिए। इसके साथ ही सीबीआई से कहा कि वह मामले की जांच के लिए एसएसपी स्तर के अफसर के नेतृत्व में एसआईटी का गठन करे।
जस्टिस दया चौधरी ने अपने फैसले में यह भी साफ कर दिया कि अगर एसआईटी की जांच में सीबीआई को आईजी ढिल्लों के खिलाफ कुछ भी नियम विरुद्ध मिलता है तो वह उनके खिलाफ अगली कार्रवाई करने से सात दिन पहले ढिल्लों को नोटिस दे। हाईकोर्ट ने इस आदेश के साथ आईजी ढिल्लों की याचिका का निपटारा कर दिया।
यह है मामला
रिटायर्ड एसएसपी शिव कुमार ने सीबीआई को शिकायत दी थी कि वर्ष 2012 में उन पर दर्ज केस खत्म हो गया था। लेकिन, उस केस फिर से खोलकर उन्हें फंसाने की साजिश रची जा रही है। इसके लिए फिरोजपुर रेंज के आईजी गुरिंदर सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में एक एसआईटी गठित की गई है, जिसने उनके घर पर छापा मारकर कई दस्तावेज व अन्य चीजें कब्जे में ले ली हैं।
शिव कुमार ने आरोप लगाया था कि फिर से खोले गए केस को कमजोर करने के नाम पर उनसे भारी-भरकम रिश्वत की मांग की गई। रिश्वत की पहली किश्त के रूप में पांच लाख रुपये उनसे चंडीगढ़ के सेक्टर-35 में लिए गए, जबकि दूसरी किश्त के रूप में शेष दस लाख रुपये उनसे लुधियाना मंगवाए गए थे। लेकिन, सीबीआई ने ट्रैप लगाकर दस लाख रुपये लेने पहुंचे बिचौलिए अशोक गोयल को गिरफ्तार कर लिया था।
इसके बाद अशोक गोयल के घर पर सर्च की गई, जहां से सीबीआई को रिश्वत के वह पांच लाख रुपये भी बरामद हुए, जो शिवकुमार ने रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 9 अगस्त, 2018 को सेक्टर-35 चंडीगढ़ में लिए थे। तब आईजी गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि इस मामले में उन्हें जानबूझ कर फंसाने की कोशिश की जा रही है ताकि शिव कुमार सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई को प्रभावित किया जा सके। ढिल्लों ने आशंका जताई थी कि अगर वे जांच में शामिल होने गए तो उनको गिरफ्तार किया जा सकता है।