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अवैध कालोनियों पर हाईकोर्ट का शिकंजा, जानिए अपने आशियाने को लेकर ताजा स्थिति
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 31 Mar 2017 09:24 AM IST
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
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अवैध कालोनियों पर हाईकोर्ट का चाबूक चला है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मोहाली के स्योंक गांव में अवैध कालोनियों के मामले में सुनवाई करते हुए अब इस पर शिकंजा कसना आरंभ कर दिया है। हाईकोर्ट ने वीरवार को हुई सुनवाई के दौरान मोहाली की रेवेन्यू अथॉरिटी को फिलहाल कोई रजिस्ट्री व सेल डीड न करने के आदेश दिए हैं। साथ ही पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन को बिना गमाडा की क्लीयरेंस के किसी रेजिडेंशियल या कॉमर्शियल यूनिट को बिजली का कनेक्शन न देने के आदेश दिए हैं।
इन आदेशों के साथ ही तहसीलदार को फटकार लगाते हुए पूछा कि आखिर कैसे अवैध कॉलोनियां रजिस्टर हुईं। हालांकि, पुराने समय से इनमें रहने वालों को राहत देते हुए उनके निर्माण ढहाए जाने पर रोक लगा दी है।स्थानीय निवासी जयदीप सिंह की ओर से याचिका दायर कर कहा कि गांव में अवैध कालोनियां बनाई जा रही हैं। कॉलोनाइजरों के पास निर्माण के लिए न तो लाइसेंस है और न ही कोई अनुमति ही ली गई है।
अवैध कालोनियां बनाने का काम बड़े स्तर पर किया जा रहा है। लिहाजा, इस पर रोक लगाई जाए। जस्टिस सूर्यकांत व जस्टिस सुदीप आहलूवालिया की खंडपीठ के सामने वीरवार को यह मामला सुनवाई के लिए पहुंचा था। इस दौरान स्थानीय निवासियों ने हाईकोर्ट से गुहार लगाई कि वे लंबे समय से इस क्षेत्र में रह रहे हैं और ऐसे में उनका आशियाना न उजाड़ा जाए।
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इन आदेशों के साथ ही तहसीलदार को फटकार लगाते हुए पूछा कि आखिर कैसे अवैध कॉलोनियां रजिस्टर हुईं। हालांकि, पुराने समय से इनमें रहने वालों को राहत देते हुए उनके निर्माण ढहाए जाने पर रोक लगा दी है।स्थानीय निवासी जयदीप सिंह की ओर से याचिका दायर कर कहा कि गांव में अवैध कालोनियां बनाई जा रही हैं। कॉलोनाइजरों के पास निर्माण के लिए न तो लाइसेंस है और न ही कोई अनुमति ही ली गई है।
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अवैध कालोनियां बनाने का काम बड़े स्तर पर किया जा रहा है। लिहाजा, इस पर रोक लगाई जाए। जस्टिस सूर्यकांत व जस्टिस सुदीप आहलूवालिया की खंडपीठ के सामने वीरवार को यह मामला सुनवाई के लिए पहुंचा था। इस दौरान स्थानीय निवासियों ने हाईकोर्ट से गुहार लगाई कि वे लंबे समय से इस क्षेत्र में रह रहे हैं और ऐसे में उनका आशियाना न उजाड़ा जाए।
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पुराने निर्माण को फिलहाल गिराया न जाए
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
हाईकोर्ट ने स्थानीय निवासियों को अंतरिम तौर पर राहत देते हुए ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथारिटी (गमाडा) को निर्देश दिए कि पुराने निर्माण को फिलहाल गिराया न जाए। हाईकोर्ट ने इससे पहले ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) के मुख्य प्रशासक, मोहाली के डीसी और एसएसपी को निर्देश दिए थे कि कोई भी अवैध व गैरकानूनी कॉलोनी न बनने पाए।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को बताया गया कि आदेशों के बावजूद भी अवैध निर्माण जारी है और निर्माण करने वाले नियमों को ताक पर रख कर धड़ल्ले से काम कर रहे हैं। गमाडा की तरफ से कोर्ट में कहा गया था कि जब कभी वे अवैध कालोनी के मामलों में कार्रवाई के लिए जाते हैं तो उल्टे उन पर हमला किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने इस पर एसएसपी को तलब कर लिया था।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को बताया गया कि आदेशों के बावजूद भी अवैध निर्माण जारी है और निर्माण करने वाले नियमों को ताक पर रख कर धड़ल्ले से काम कर रहे हैं। गमाडा की तरफ से कोर्ट में कहा गया था कि जब कभी वे अवैध कालोनी के मामलों में कार्रवाई के लिए जाते हैं तो उल्टे उन पर हमला किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने इस पर एसएसपी को तलब कर लिया था।