{"_id":"5dd76b658ebc3e54b41042ce","slug":"high-court-notice-to-haryana-government-regarding-to-include-chandi-mandir-under-shrine-board","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडी मंदिर को माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड के आधीन लाने को हाईकोर्ट में चुनौती, नोटिस जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडी मंदिर को माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड के आधीन लाने को हाईकोर्ट में चुनौती, नोटिस जारी
Fri, 22 Nov 2019 10:30 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 22 Nov 2019 10:30 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड द्वारा चंडी माता मंदिर को श्राइन के आधीन लाए जाने की अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
मामले में चंडी माता मंदिर पंचकूला के पुजारी महंत राजेश गिरि ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर हरियाणा सरकार की उस अधिसूचना को रद्द करने की मांग की है जिसके तहत मंदिर को माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड के अधीन करने का प्रावधान किया गया है।
याचिका में बताया गया कि मंदिर याची के पूर्वजों की संपत्ति है। राजस्व रिकार्ड में भी यह मंदिर व उसकी जमीन उसके गुरु व उसके पूर्वजों की है। कुछ राजनेता निजी स्वार्थ के चलते मंदिर पर कब्जा करने चाहते है। इसको लेकर पहले ही एक मामला जिला अदालत में विचाराधीन है।
विज्ञापन
याचिका में कहा गया कि श्राइन बोर्ड के तहत इस मंदिर को करना मंदिर की पवित्रता व भक्तों के साथ खिलवाड़ करना है। याची ने हाईकोर्ट से मांग की है कि वो हरियाणा सरकार की चार जनवरी 2018 को जारी उस अधिसूचना को रद्द करे जिसके तहत मंदिर को माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड के तहत करने का निर्णय लिया गया है।
इससे पहले भी पंचकूला जिले के कई मंदिरों को श्राइन बोर्ड के अधीन करने के मामले अभी हाईकोर्ट में विचाराधीन है। याची ने पंचकूला के मंदिरों को श्राइन के आधीन लाने के लिए किए एक्ट संशोधन को भी हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
विज्ञापन
मामले में चंडी माता मंदिर पंचकूला के पुजारी महंत राजेश गिरि ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर हरियाणा सरकार की उस अधिसूचना को रद्द करने की मांग की है जिसके तहत मंदिर को माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड के अधीन करने का प्रावधान किया गया है।
विज्ञापन
याचिका में बताया गया कि मंदिर याची के पूर्वजों की संपत्ति है। राजस्व रिकार्ड में भी यह मंदिर व उसकी जमीन उसके गुरु व उसके पूर्वजों की है। कुछ राजनेता निजी स्वार्थ के चलते मंदिर पर कब्जा करने चाहते है। इसको लेकर पहले ही एक मामला जिला अदालत में विचाराधीन है।
विज्ञापन
याचिका में कहा गया कि श्राइन बोर्ड के तहत इस मंदिर को करना मंदिर की पवित्रता व भक्तों के साथ खिलवाड़ करना है। याची ने हाईकोर्ट से मांग की है कि वो हरियाणा सरकार की चार जनवरी 2018 को जारी उस अधिसूचना को रद्द करे जिसके तहत मंदिर को माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड के तहत करने का निर्णय लिया गया है।
इससे पहले भी पंचकूला जिले के कई मंदिरों को श्राइन बोर्ड के अधीन करने के मामले अभी हाईकोर्ट में विचाराधीन है। याची ने पंचकूला के मंदिरों को श्राइन के आधीन लाने के लिए किए एक्ट संशोधन को भी हाईकोर्ट में चुनौती दी है।