Punjab News: पंजाब सरकार को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, लुधियाना जिले में खनन का रास्ता साफ
भारत-पाक सीमा पर पैदा हुए सुरक्षा के खतरे के कारण हाईकोर्ट पठानकोट में अंतराष्ट्रीय सीमा पर खनन पर रोक लगा चुका है। हाईकोर्ट ने सरकार ने मंजूरी के बाद खनन की अनुमति तो दे दी है लेकिन सरहद से लगते स्थानों पर खनन नहीं होगा। इस संबंध में एक याचिका विचाराधीन है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
खनन सामग्री की कमी का सामना कर रही पंजाब सरकार को मंगलवार को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। पंजाब सरकार ने सोमवार को लुधियाना की जिला सर्वे रिपोर्ट पेश कर दी जिसके चलते वहां भी खनन की अनुमति मिल गई है। इससे पहले पठानकोट, रूपनगर व फाजिल्का की जिला सर्वे रिपोर्ट पेश की जा चुकी है। हाईकोर्ट ने कहा कि बाकी के जिलों की सर्वे रिपोर्ट आने व एसईआईएए मंजूरी मिलने के बाद सरकार वहां खनन के कार्य को जारी रख सकती है।
स्टेट एनवायरमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी (एसईआईएए) ने डिसिल्टिंग साइट्स पर माइनिंग की इजाजत देने के बाद इसे वापस ले लिया था। इस आदेश के खिलाफ पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट में यह याचिका दायर की है। पंजाब सरकार ने बताया कि एसईआईएए ने पिछले साल 17 फरवरी को पंजाब सरकार को कारण बताओ नोटिस जारी कर बिना जिला सर्वे रिपोर्ट के डिसिल्टिंग के नाम पर की जा रही माइनिंग पर रोक लगाने का आदेश दिया था।
26 अप्रैल को सरकार ने एसईआईएए को आश्वासन दिया था कि 6 महीनों में जिला सर्वे रिपोर्ट जमा करवा दी जाएगी। इस पर एसईआईएए ने सरकार को चार महीनों का समय दे दिया था। 28 सितंबर को एसईआईएए ने राज्य सरकार के हर तरह के खनन पर रोक लगा दी थी। 2 अक्तूबर को सरकार ने फिर आग्रह किया तो एसईआईएए ने 7 अक्तूबर को सरकार के इस आग्रह को स्वीकार करते हुए अपने आदेश पर 11 दिसंबर तक रोक लगा दी थी और माइनिंग की इजाजत दे दी थी। इसी आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर दी गई थी।
10 नवंबर को इस मामले में हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद एसईआईएए ने हाईकोर्ट को विश्वास दिलाया था कि वह इजाजत के अपने आदेश को वापस ले रहे हैं। इसके बाद आदेश वापस ले लिए गए और पंजाब में खनन सामग्री की कमी होती चली गई। इस मामले में पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट से अनुमति वापस लेने के आदेश को रद्द करने की मांग की थी।
लोगों को मिलेगी राहत, खनन सामग्री के गिरेंगे दाम
खनन पर रोक के चलते निर्माण सामग्री के दाम पंजाब में आसमान छूने लगे थे। सरकार के पास प्रदेश के बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए सामग्री का अभाव होने लगा था। अब आखिरकार सरकार ने प्रयास तेज किए और इसका नतीजा यह रहा है कि एक और जिले में उन्हें खनन की अनुमति मिल गई है। इससे लोगों को राहत मिलने का रास्ता साफ हो गया है। बाकी जिलों की रिपोर्ट तैयार होने और मंजूरी के बाद रेत और बजरी के दाम तेजी से नीचे आना तय है।
विवादित टेंडर सरकार ने लिए वापस
पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि 274 स्थानों पर खनन के लिए पंजाब सरकार ने टेंडर जारी किए थे। बिना जिला सर्वे रिपोर्ट जारी इन टेंडरों के खिलाफ याचिका दाखिल की गई थी और हाईकोर्ट ने टेंडरों पर रोक लगा दी थी। अब सरकार ने इन टेंडरों को वापस लेने का निर्णय लिया है। इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने उस याचिका का निपटारा कर दिया।
सरहद पर खनन को लेकर जारी रहेगी रोक
भारत-पाक सीमा पर पैदा हुए सुरक्षा के खतरे के कारण हाईकोर्ट पठानकोट में अंतराष्ट्रीय सीमा पर खनन पर रोक लगा चुका है। हाईकोर्ट ने सरकार ने मंजूरी के बाद खनन की अनुमति तो दे दी है लेकिन सरहद से लगते स्थानों पर खनन नहीं होगा। इस संबंध में एक याचिका विचाराधीन है।