HCS पेपरलीक: 25 लाख में खरीदा पेपर, आगे तीन को बेचा, गिरफ्तार सेकेंड टॉपर ने किया खुलासा
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हरियाणा सिविल सर्विसेज (जूडिशियल) पेपरलीक मामले में गिरफ्तार सेकेंड टॉपर तेजिंदर बिश्नोई ने पूछताछ में नया खुलासा किया है। आरोपी ने अपने लिए एचसीएस का पेपर करीब 25 लाख रुपये में खरीदने के बाद पेपर आगे तीन और लोगों को भी बेचा था। एसआईटी अब उन तीन लोगों को गिरफ्तार करने की कोशिश में है, जिन्होंने तेजिंदर बिश्नोई से पेपर खरीदा था।
जानकारी के अनुसार आरोपी ने अपने लिए खरीदे पेपर की कीमत के करीब 25 लाख रुपये में से सात लाख रुपये आरोपी आयुषी और उसके मामा सुशील भादू के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए थे। इसके बाद उसने बाकी राशि किस माध्यम से आरोपियों को दी, एसआईटी इस बारे में पूछताछ कर रही है।
एसआईटी का नेतृत्व कर रहे अधिकारियों ने पहले तीनों आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ की और फिर उन्हें एक साथ बैठा कर सवाल-जवाब किए। सूत्रों के मुताबिक तीनों आरोपियों की स्टेटमेंट अलग-अलग थी। तीनों आरोपियों ने मामले में उनकी भूमिका को न के बराबर बताते हुए पुलिस के समक्ष अलग-अलग कहानियां बयां कीं, लेकिन तीनों आरोपी एसआईटी के हाथ लगे सबूतों और तथ्यों से उजागर सवालों के जवाब नहीं दे सके।
बैंक खातों और आरोपियों की पुरानी हिस्ट्री से जुटाए तथ्यों के आधार पर दिनभर पूछताछ चली। इससे पहले बीते शुक्रवार को आरोपी आयुषी के पिता सुभाष गोदारा और मामा सुशील भादू को एसआईटी ने चंडीगढ़ के सेक्टर-43 बस स्टैंड के समीप से गिरफ्तार था। पुलिस ने आरोपियों का 4-4 दिन का रिमांड हासिल किया था। तीनों आरोपियों को अदालत में दोबारा गुरुवार को एकसाथ पेश किया जाएगा।
आरोपी ने कोर्ट में कहा- रिश्तेदार होने के नाते दिए पैसे
वहीं, पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ में जुटी है। इससे पहले पांच जनवरी को एसआईटी ने आरोपी सुनीता और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार आरोपी डॉ. बलविंदर शर्मा के खिलाफ करीब 2149 पेजों की चार्जशीट दायर की थी। जांच टीम ने मामले में करीब 39 गवाह बनाए हैं। इस संबंध में सेक्टर-3 थाने में आरोपियों के खिलाफ साजिशन भ्रष्टाचार अधिनियम और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज है।
आरोपी बिना कोचिंग के बना सेकेंड टॉपर
पुलिस जांच में पता लगा कि तेजिंदर बिश्नोई ने बीते कई साल पहले लॉ की पढ़ाई पूरी की थी, लेकिन इसके बाद खेतीबाड़ी करने लगा था। उसने एचसीएस का पेपर देने से पहले तैयारी के लिए कहीं कोचिंग तक नहीं ली थी। बावजूद इसके वह एचसीएस के नतीजों में सेकेंड टॉपर रहा। अब एसआईटी उससे यह पता लगाने में जुटी है कि उसने जिन तीन लोगों को आगे पेपर बेचा, वे कौन-कौन हैं और उन्हें कितने लाख रुपये में पेपर बेचा गया था।
तीनों आरोपियों पर था 50-50 हजार रुपये ईनाम
पेपरलीक का खुलासा होने पर एसआईटी ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार बलविंदर शर्मा सहित आरोपी सुशीला, सुनील चोपड़ा, सुनीता व उसके भाई कुलदीप और आयुषी को गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ के बाद उक्त तीनों आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका का खुलासा हुआ था। आरोपियों के लंबे समय तक फरार रहने के चलते पुलिस ने उन पर 50-50 हजार रुपये का इनाम रखा था।
यह था मामला
पिंजौर निवासी सुमन ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एचसीएस जूडिशियल पेपर के डेढ़ करोड़ में बिकने और उसे भी पेशकश की बात कही थी। सुमन ने उसकी कोचिंग क्लास की साथी सुशीला से लेक्चर की ऑडियो क्लिप मंगाई थी, लेकिन उसने गलती से उसे सुनीता से बातचीत की ऑडियो क्लिप भेज दी थी। इसमें रिकॉर्डिंग में पेपर में आने वाले प्रश्नों से संबंधित बातचीत रिकॉर्ड थी। सुमन की याचिका पर हाईकोर्ट ने अपने स्तर पर जांच की। हाईकोर्ट के ही रिक्रूटमेंट रजिस्ट्रार बलविंदर शर्मा के मोबाइल फोन से सुनीता के फोन पर सैकड़ों बार बात हुई थी और सुनीता ही परीक्षा में टॉपर थी। आरोपी सुशीला रिजर्व कैटेगरी की टॉपर बनी थी।