चंडीगढ़ प्रशासन विफल : शहर में बढ़ते कोरोना से केंद्र सरकार चिंतित, स्वास्थ्य मंत्रालय ने भेजी टीम
- टीम में दिल्ली के आरएमएल और सफदरजंग अस्पताल के विशेषज्ञ, आईएएस विजय सिंह करेंगे नेतृत्व
- शहर के कोरोना हॉटस्पॉट इलाकों का दौरा करेगी टीम, पता लगाएगी कि शहर में क्यों फैल रहा कोरोना
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चंडीगढ़ प्रशासन शहर में कोरोना को काबू करने में विफल साबित हो रहा है। शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने चंडीगढ़ में एक उच्चस्तरीय बहु उद्देश्यीय टीम भेजी है। टीम के सदस्य कोरोना हॉटस्पॉट इलाकों का दौरा करेंगे और पता लगाएंगे कि शहर में कोरोना के मामले तेजी से क्यों बढ़ रहे हैं। पिछले साल भी जब शहर में कोरोना के केस बढ़े थे तो केंद्र ने टीम भेजी थी।
टीम का नेतृत्व कपड़ा मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं वित्तीय सलाहकार (आईएएस) विजय कुमार सिंह कर रहे हैं। उनकी टीम में नई दिल्ली स्थित आरएमएल और सफदरजंग अस्पताल के विशेषज्ञ शामिल हैं।
टीम के सदस्य प्रशासन के साथ मिलकर काम करेंगे और कोविड मामलों के बढ़ने की वजहों का पता लगाएंगे। वे इस बात का विश्लेषण करेंगे कि यह अंतर क्यों आ रहा है और साथ ही कोविड-19 नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए अनिवार्य उपायों की सिफारिश करेंगे।
इसके अलावा टीम के सदस्य सबसे ज्यादा प्रभावित हॉटस्पॉट इलाकों का दौरा करेंगे और जन स्वास्थ्य सुविधाओं के लागू किए जाने के जमीनी हालत का आकलन करेंगे। वे अपने मुख्य निष्कर्षों, सिफारिशों और सुधारात्मक उपायों के बारे में प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को अवगत कराएंगे।
गौरतलब है कि कोविड प्रबंधन में विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मौजूदा प्रयासों को सुदृढ़ बनाने के लिए केंद्र सरकार समय-समय पर केंद्रीय टीमों को भेजती है। टीम की रिपोर्ट को स्थानीय सरकार व प्रशासन के साथ साझा किया जाता है, ताकि इस पर आगे कार्रवाई की जा सके। रिपोर्ट पर आगे की जाने वाली कार्रवाई और उनके अनुपालन की निगरानी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय करता है।
पिछले साल सितंबर में तेजी से बढ़े थे केस, तब भी केंद्र ने भेजी थी टीम
पिछले साल सितंबर में शहर में कोरोना के सक्रिय मामले दो हजार से ज्यादा हो गए थे, इसके बाद केंद्र सरकार ने दो विशेषज्ञों को भेजा था। टीम ने जन स्वास्थ्य को मजबूत करने, मरीजों की निगरानी, कोरोना जांच, कंटेनमेंट जोन और क्लीनिकल मैनेजमेंट पर प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को रिपोर्ट दी थी।
रिपोर्ट में उन्होंने संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों की पहचान के लिए बनाई गई टीम को और मजबूत करने, सेक्टर-32 मेडिकल कॉलेज में टेस्टिंग की सुविधा बढ़ाने, जोन स्तर पर कांटैक्ट ट्रेसिंग टीम तैयार करने, तीनों अस्पतालों के बीच तालमेल बढ़ाने, ज्यादा कर्मचारियों को प्रशिक्षित और रियल टाइम डाटा अपडेट करने की नीति पर काम करने समेत कई सुझाव दिए थे। इनमें से कुछ सुझावों पर प्रशासन ने काम किया, जिसके सकारात्मक नतीजे देखने को मिले थे।