पंजाब ने पहले कोरोना को महामारी घोषित किया, कुछ ही घंटे बाद वापस लिया नोटिफिकेशन
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पंजाब सरकार ने शुक्रवार रात को कोरोनावायरस को राज्य में महामारी घोषित करने संबंधी नोटिफिकेशन जारी करने के कुछ घंटे बाद ही उसे वापस ले लिया। सरकार ने स्पष्ट किया कि महामारी रोग एक्ट 1897 के तहत केवल एडवाइजरी नोटिफिकेशन ही जारी किया गया है।
पंजाब सरकार ने स्पष्ट किया कि कोरोनावायरस को राज्य में एक महामारी घोषित नहीं किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने केवल महामारी रोग अधिनियम, 1897 के तहत एक एहतियाती परामर्श जारी किया था जो किसी भी संक्रामक रोग के खतरनाक प्रकोप या प्रसार को रोकने के लिए विशेष उपाय प्रदान करता है।
इस मुद्दे पर विभाग द्वारा पहले जारी किए प्रेस रिलीज में अनजाने में कोरोनावायरस को एक महामारी रोग के रूप में वर्णित किया गया लेकिन राज्य में यह बीमारी कोई ‘महामारी’ नहीं है। वर्तमान में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।
होशियारपुर के दो लोगों की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पॉजिटिव
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इटली से होशियारपुर लौटे तीन में से दो लोगों के बारे में एम्स दिल्ली की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके बाद उन्हें अमृतसर में सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया गया है। अब उनके सैंपल एनआईवी पुणे भेजे गए हैं और फाइनल रिपोर्ट का इंतजार है।
सेहत मंत्री बोले- राज्य में कोरोना से कोई संक्रमित नहीं
पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि पूरे प्रदेश में अभी कोई कोरोना से संक्रमित नहीं पाया गया है। सेहत मंत्री सिद्धू ने कहा कि एडवाइजरी नोटिफिकेशन के अनुसार सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में पंजाब ऐपीडेमिक डिसीज कोविड-19 रेगुलेशन, 2020 के अंतर्गत अब कोरोना के संदिग्ध मामलों की जांच के लिए फ्लू कॉर्नर होने चाहिए। इससे प्रभावित देश या क्षेत्र की यात्रा करने वाले व्यक्ति की यात्रा संबंधी सारी जानकारी का रिकॉर्ड रखा जाए।
इसके अलावा कोरोना के किसी संदिग्ध या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वालों के संबंध में भी जानकारी दर्ज की जाए। अगर कोई व्यक्ति पिछले 14 दिनों के दौरान कोविड-19 से प्रभावित क्षेत्र की यात्रा करके आया है और उसमें इस वायरस के लक्षण नहीं पाए जाते हैं तो भी उसे 14 दिनों के लिए घर में अलग रखकर जांच की जाए।
इसी तरह अगर कोई पिछले 14 दिनों के दौरान कोविड-19 से प्रभावित क्षेत्र की यात्रा करके आया है और उसमें इसके लक्षण पाए जाते हैं तो उस व्यक्ति को प्रोटोकोल के अनुसार अस्पताल में अलग रखा जाए।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि ऐसे सभी मामलों की जानकारी जिलों के सिविल सर्जन कार्यालयों को तुरंत दी जानी चाहिए। कोई भी व्यक्ति, संस्था, संगठन कोविड-19 संबंधी जानकारी देने के लिए प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का प्रयोग स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अग्रिम मंजूरी के बिना नहीं करेगा। यह कोविड-19 संबंधी किसी भी अफवाह या अनाधिकृत जानकारी के फैलने को रोकने के लिए है। अगर कोई व्यक्ति, संस्था, संगठन ऐसी गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो इन नियमों के अंतर्गत उसे अपराधी माना जाएगा।
प्राइवेट लैब नहीं ले सकती कोविड-19 के नमूने
सिद्धू ने बताया कि किसी भी प्राइवेट लैबोरेटरी को पंजाब राज्य में कोविड-19 के लिए नमूने लेने या टेस्ट करने का अधिकार नहीं है। ऐसे सभी नमूने केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार इकट्ठे किए जाएंगे। इन नमूनों को संबंधित जिलों के स्वास्थ्य विभाग के जिला नोडल अफसर द्वारा मनोनीत लैबोरेटरी में भेजा जाएगा।
इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति पिछले 14 दिनों के दौरान कोविड-19 से प्रभावित देश या क्षेत्र की यात्रा करके आया है तो वह लाजिमी तौर पर पास के सरकारी अस्पताल को रिपोर्ट करे या टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर-104 पर कॉल करे।
अंतरराष्ट्रीय पंजाब फिल्म फेस्टिवल स्थगित
कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय पंजाबी फिल्म फेस्टिवल स्थगित कर दिया है। यह फैसला शुक्रवार को पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी ने मीटिंग के बाद लिया। मंत्री ने कहा कि स्थिति सामान्य होते ही इसकी नई तारीखों का एलान किया जाएगा।