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गोरक्षकों के बाद अब गोवंश को लेकर BJP सरकार का बड़ा फैसला
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 13 Aug 2016 10:53 AM IST
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : फाइल फोटो
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गोरक्षकों को लेकर दो बड़े फैसले लेने के बाद हरियाणा की बीजेपी सरकार ने अब गोवंश की रक्षा के लिए बड़ी घोषणा की है। दरअसल, हरियाणा की गोशालाओं में रह रहे गोवंश के लिए यूनीक आईडी मुहैया करवाई जाएगी। गोवंश के कान पर एक टैग लगा होगा।
यह जिला, गोशाला के अलावा हरियाणा गोसेवा आयोग से जुड़े होने का प्रमाण होगा। इसके बाद गो तस्करों पर आसानी से शिकंजा कसा जा सकेगा। प्रदेश में 425 रजिस्टर्ड गोशालाएं हैं। यहां तीन लाख से अधिक गोवंश रह रहे हैं। इसके अलावा 1.17 लाख गाय, बछड़े, बछिया सड़कों पर लावारिश घूम रहे हैं।
हरियाणा गो-सेवा आयोग के चेयरमैन भानी राम मंगला ने कहा कि गोवंश की तस्करी के मामले में उनकी पहचान का कोई आधार नहीं होने पर परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब इनकी गिनती के साथ-साथ गोवंश की सुरक्षा भी आसानी से हो सकेगी।
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यह जिला, गोशाला के अलावा हरियाणा गोसेवा आयोग से जुड़े होने का प्रमाण होगा। इसके बाद गो तस्करों पर आसानी से शिकंजा कसा जा सकेगा। प्रदेश में 425 रजिस्टर्ड गोशालाएं हैं। यहां तीन लाख से अधिक गोवंश रह रहे हैं। इसके अलावा 1.17 लाख गाय, बछड़े, बछिया सड़कों पर लावारिश घूम रहे हैं।
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हरियाणा गो-सेवा आयोग के चेयरमैन भानी राम मंगला ने कहा कि गोवंश की तस्करी के मामले में उनकी पहचान का कोई आधार नहीं होने पर परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब इनकी गिनती के साथ-साथ गोवंश की सुरक्षा भी आसानी से हो सकेगी।
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कान पर लगे टैग से होगी गोवंश की पहचान
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : फाइल फोटो
गोवंश के कान पर प्लास्टिक टैग लगाया जाएगा, ताकि कहीं भी इनकी पहचान की जा सके। टैग लगाने के बाद दूध नहीं देेने वाली गायों को भी बाहर छोड़ते ही पहचान हो जाएगी। दूध नहीं देने वाली या शारीरिक परेशानियों से जूझ रहे गोवंश की पहचान की जाएगी, ताकि उनकी और बेहतर देखभाल की जा सके।
गोवंश की नस्ल, गाय, बछड़ा, बैल को भी वर्गीकृत किया जाएगा। प्लास्टिक टैग में हरियाणा गो सेवा आयोग, जिले और गोशाला के कोड के अलावा सीरियल नंबर भी होगा ताकि गोवंश की कहीं भी पहचान की जा सके। आयेाग के चेयरमैन ने बताया कि साढ़े लाख टैग के लिए टेंडर किए जा चुके हैं।
गोवंश की नस्ल, गाय, बछड़ा, बैल को भी वर्गीकृत किया जाएगा। प्लास्टिक टैग में हरियाणा गो सेवा आयोग, जिले और गोशाला के कोड के अलावा सीरियल नंबर भी होगा ताकि गोवंश की कहीं भी पहचान की जा सके। आयेाग के चेयरमैन ने बताया कि साढ़े लाख टैग के लिए टेंडर किए जा चुके हैं।