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रोडवेज की हड़तालः झुकने को तैयार नहीं सरकार, सड़कों पर दौड़ाई, शैक्षणिक संस्थान-उद्योगों की बसें

Thu, 18 Oct 2018 09:30 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 18 Oct 2018 09:30 PM IST
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Haryana roadways strike continues today
haryana roadways - फोटो : फाइल फोटो

हरियाणा में रोडवेज की हड़ताल के कारण पटरी से उतरी परिवहन व्यवस्था को सुचारु करने के लिए सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी है। डिपो में तैनात स्वीपर, मैकेनिक, कारपेंटर और लिपिकों को बसों पर तैनात कर दिया है। हड़ताल के दौरान ये कंडक्टर की भूमिका निभाएंगे। इन्हें फ्लैट रेट पर एक रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया वसलूने को कहा गया है। 

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उधर, हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी भी किलोमीटर स्कीम रद्द करने की मांग पर अडिग है। शुक्रवार शाम तक हड़ताल को बेमियादी करने के संकेत कमेटी पदाधिकारियों ने दिए हैं। सरकार भी हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा एक्शन ले रही है। धरपकड़ कर एस्मा के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। जिसे देखते हुए कमेटी के वरिष्ठ नेता व यूनियनों के पदाधिकारी भूमिगत हो गए हैं। 
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गुरुवार को सरकार ने दशहरा के मद्देनजर बड़े निर्णय लिए। तीन दिन तक प्रदेश में अवकाश होने के कारण सरकार ने सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों, उद्योगों, कंपनियों और फैक्ट्रियों की बसें किराए पर ले ली हैं। गुरुवार से ही जिलों में इन बसों को सड़कों पर उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शुक्रवार को दशहरा होने के कारण सरकार हड़ताल का असर जनता पर नहीं पड़ने देना चाहती। 
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रोडवेज की हड़ताल के तीसरे दिन सीएम मनोहर लाल ने एक बार फिर उच्च स्तरीय बैठक ली। परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार, सीएम के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर और परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह ने हड़ताल के दौरान परिवहन सेवाएं सुचारु करने को लेकर रिपोर्ट सीएम को सौंपी। परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि तीस रुपये प्रति किलोमीटर की दर से प्राइवेट, सरकारी शिक्षण संस्थानों और उद्योगों की बसों को हायर किया गया है। 

Haryana roadways strike continues today
haryana roadways - फोटो : फाइल फोटो

ड्राइवर-कंडक्टर उन्हीं का होगा। डीजल भी खुद डलवाएंगे। टोल की राशि सरकार वहन करेगी, रोडवेज बसों के परमिट पर ही इन बसों को दौड़ाया जाएगा। हायर की गई बसों पर ऑन गवर्नमेंट डयूटी लिखा होगा। सरकार रोडवेज कर्मचारियों से बातचीत करने को तैयार हैं, लेकिन किलोमीटर स्कीम के मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं होगी। सरकार किसी भी तरह से हड़ताली कर्मचारियों की ब्लैकमेलिंग का शिकार नहीं होगी।

एचसीएस गौरव आंतिम गुरुग्राम डिपो में देंगे सेवाएं
हड़ताल को देखते हुए सरकार ने एचसीएस गौरव आंतिल की बाजरा खरीद की निगरानी के लिए हिसार में लगाई गई ड्यूटी कैंसिल कर दी है। आंतिल गुरुग्राम डिपो में महाप्रबंधक पद पर ही सेवाएं देंगे। एसीएस परिवहन धनपत सिंह ने डीसी हिसार अशोक कुमार मीणा को पत्र लिखकर इससे अवगत करा दिया है। उन्हें आंतिल की जगह वैकल्पिक प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं। हालात सामान्य होने तक वह डिपो में ही रहेंगे।

डिपो में फार्म लेंगे मंडल, जिला रोजगार अधिकारी व सक्षम युवा

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रोडवेज का चक्का जाम - फोटो : अमर उजाला

सरकार ने 905 कंडक्टर के साथ पांच सौ ड्राइवर अनुबंध व दैनिक वेतन भोगी आधार पर रखने का विज्ञापन जारी कर दिया है। डिपुओं में हड़ताल के कारण पर्याप्त कर्मचारी मौजूद नहीं हैं। इसलिए मंडल और जिला रोजगार अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे रोडवेज के डिपुओं में आवेदकों से फार्म एकत्रित करें। साथ में पांच-छह सक्षम युवा तैनात किए जाएं ताकि आवेदक कोई हंगामा खड़ा न कर सकें।

संचालित बसों का अलग रखा जाएगा हिसाब-किताब
अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन ने सभी डिपो के जीएम को हड़ताल के दौरान संचालित रोडवेज और निजी बसों का हिसाब-किताब अलग रखने के निर्देश दिए हैं। इन बसों में सवारियों से फ्लैट किराया वसूले जाने पर यह फैसला लिया गया है। ऑडिट में कोई दिक्कत न हो, इसलिए हड़ताल की अवधि के दौरान बसों से हुई कमाई का अलग ही बहीखाता डिपो अनुसार रहेगा।

सहकारी बसों के बढ़ाए जाएंगे फेरे, सिर्फ प्रदेश पर फोकस रहेगा
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने निर्देश दिए हैं कि हड़ताल की अवधि के दौरान लंबे रूट पर बस सेवा न दी जाए। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के बीच ही बसें चलाने की कोशिश करें। अगर कहीं बसें न चल पा रहीं तो तुरंत कर्मचारियों की डिमांड परिवहन मुख्यालय को भेजें, जिससे कि उचित प्रबंध कर सकें। सहकारी बसों का निर्धारित रूट और आगे बढ़ा दें, साथ ही इन बसों के अधिक से अधिक फेरे लगवाए जाएं। 

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