जानिए, कैसे चुने हरियाणा कांग्रेस के प्रत्याशी?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लंबे इंतजार के बाद बुधवार को जारी सूची में कांग्रेस ने पुराने चेहरों पर ही भरोसा जताया है। सिटिंग गेटिंग के फार्मूले से इनकार करती रही कांग्रेस को आखिरकार इसी फॉर्मूले पर अमल करना पड़ा।
टिकट वितरण में दागी विधायकों को भी टिकट देने में कांग्रेस ने गुरेज नहीं किया है। कुल मिलाकर शारदा राठौर के अलावा सभी विधायकों को पार्टी ने टिकट दिया है। इसके अलावा हजकां छोड़ कर कांग्रेस में शामिल हुए पांच में से चार विधायकों को इस बार पार्टी ने अपने टिकट पर चुनाव मैदान में उतारा है।
इसमें राव नरेंद्र सिंह को नारनौल से, विनोद भयाना को हांसी से, सतपाल सांगवान को दादरी और धर्म सिंह छोक्कर को समालखा से टिकट दिया है।
मुख्यमंत्री के संघर्ष के साथी को टिकट
जिले राम शर्मा पांचवें विधायक हैं जो हजकां छोड़ कर कांग्रेस में शामिल हुए थे, लेकिन वे इस समय कंबोपुरा सरपंच हत्याकांड में सजा काट रहे हैं। शर्मा पिछली बार असंध से चुनाव जीते थे।
कांग्रेस ने इस बार असंध से करनाल की विधायक सुमिता सिंह को मैदान में उतारा है जबकि करनाल से सुरिंदर सिंह नरवाल को टिकट दिया है। निर्दलीय विधायकों में से प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा पर कांग्रेस ने भरोसा जताया है।
गिल्लाखेड़ा को फतेहाबाद से कांग्रेस ने मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने पानीपत ग्रामीण से मुख्यमंत्री के संघर्ष के साथी खुशी राम जागलान को टिकट दिया है।
यहां से पूर्व परिवहन मंत्री ओपी जैन पिछली बार निर्दलीय लड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे। इसके अलावा पानीपत शहर से बलबीर पाल शाह के भाई वीरेंद्र शाह को टिकट दिया गया है।