फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana Minister Ranjit Chautala Statement on Delhi Violence

दिल्ली हिंसा पर हरियाणा के मंत्री रणजीत चौटाला बोले- दंगे तो होते रहते हैं, जिंदगी का हिस्सा हैं

Thu, 27 Feb 2020 02:55 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 27 Feb 2020 02:55 PM IST
विज्ञापन
Haryana Minister Ranjit Chautala Statement on Delhi Violence
मंत्री रणजीत चौटाला - फोटो : फाइल फोटो

हरियाणा के बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने एक और विवादित बयान दिया है। दिल्ली हिंसा पर उनका बयान हैरान करने वाला है। रणजीत सिंह ने विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दंगे होते रहते हैं, यह जीवन का हिस्सा हैं। इंदिरा गांधी की हत्या के समय में भी दिल्ली में दंगे हुए थे। 

विज्ञापन


सरकार इस मामले को मुस्तैदी से नियंत्रित कर रही है। ये दिल्ली का मामला है। न्यायालय में भी यह विचाराधीन है। इस पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता। दिल्ली दंगों की सुनवाई कर रहे जज के ट्रांसफर पर उन्होंने अनभिज्ञता जताई। याद रहे कि रणजीत सिंह इससे पहले भी अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं।

विज्ञापन



बाद में बयान से पलटे मंत्री
बिजली व जेल मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने कहा कि जब वो विधानसभा जा रहे थे तो मीडिया ने उनसे दिल्ली घटना पर टिप्पणी मांगी तो उन्होंने कहा था कि यह घटना अचानक घटी है और इस तरह की घटना नहीं घटनी चाहिए। दिल्ली में पहले भी इस तरह की हिंसा हो चुकी है। इसने दिल्ली के जख्म फिर से हरे कर दिए हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन


रणजीत चौटाला के अनुसार लोकतंत्र में बात रखने का अधिकार सभी को है लेकिन इस तरह की हिंसा सही नहीं है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को शांति बहाल करनी चाहिए, ताकि सामाजिक भाईचारा खराब न हो। इस मामले में राजनीति बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। बता दें कि रणजीत चौटाला रानियां विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक हैं। 

विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा को समर्थन की घोषणा करने वाले वह पहले निर्दलीय विधायक थे। इसका इनाम उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाकर भाजपा ने दिया। वह इनेलो प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के छोटे भाई हैं। रणजीत चौटाला पहले कांग्रेस में थे लेकिन विधानसभा चुनाव में कांग्रेस द्वारा टिकट नहीं दिए जाने पर उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा। वह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के करीबी माने जाते हैं। हुड्डा के शासनकाल में वह हरियाणा राज्य योजना आयोग के चेयरमैन भी रहे।

एसवाईएल पर अमरिंदर-हुड्डा में मिलीभगत: विज
हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने एसवाईएल के मुद्दे पर कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा आपस में मिले हुए हैं। पंजाब सरकार के एडवोकेट जनरल ने किताब लिखी है जिसमें उन्होंने बताया है, पंजाब सरकार हरियाणा को पानी कैसे नहीं दे सकती है। उस किताब का विमोचन हुड्डा ने ही किया था। इससे साफ साबित होता है ये दोनों मिले हुए हैं। विज ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, हरियाणा में हो या पंजाब में, लोगों के साथ छल कर रही है।

पिछले चार दिन से हो रही है हिंसा

गौरतलब है कि दिल्ली में सीएए के विरोध में पिछले चार दिन से जबरदस्त हिंसा हो रही है। इसमें मरने वालों की संख्या बढ़कर 32 से ज्यादा हो गई है। वहीं घायलों की संख्या 250 से ज्यादा हो गई है। हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस के रवैये पर सवाल उठाते हुए सख्त टिप्पणियां की हैं।

दूसरी ओर, हालातों को देखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने हिंसाग्रस्त इलाकों को दौरान किया और गृहमंत्री अमित शाह को हालातों से अवगत कराया। इस समय अधैसैनिक बलों की 45 कंपनियां दिल्ली में तैनात कर दी गई हैं।

जाफराबाद, मौजपुर, सीलमपुर और बाबरपुर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया है। वहीं आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने का आश्वासन भी दिया गया है। दिल्ली पुलिस भी हालात सुधारने में दिन रात जुटी हुई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed