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जाट आंदोलन से हुए नुकसान की भरपाई करेगी हरियाणा सरकार

Tue, 23 Feb 2016 02:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 23 Feb 2016 02:29 PM IST
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haryana govt will give compansation to jat protest victims

हरियाणा सरकार ने प्रदेश में जाट आंदोलन के दौरान निजी और वाणिज्यिक संपत्ति को हुए नुकसान के लिए पूरा मुआवजा देने का एलान किया है। सरकार ने आंदोलन के दौरान कार्य में चूक के लिए सिविल और पुलिस प्रशासन के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका का तुरंत मूल्यांकन करने का निर्णय लिया है।

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मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में सोमवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। यह जानकारी संसदीय कार्य मंत्री रामबिलास शर्मा ने बैठक के बाद पत्रकारों को दी। कैबिनेट ने वर्तमान स्थिति की समीक्षा करने के साथ प्रदेशभर में तनाव को जल्द समाप्त करने के लिए कदम उठाने की भी समीक्षा की और लोगों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की।
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बैठक में निर्णय लिया गया कि एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निजी संपत्तियों के नुकसान का आकलन करने के लिए नोडल अधिकारी के तौर पर तैनात किया जाए। संपत्ति के नुकसान के लिए मुआवजे के लिए दावा करने वाला एक प्रोफोर्मा सभी जिलों के उपायुक्त कार्यालय में और ऑनलाइन उपलब्ध करवाया जाएगा। आकलन के बाद एक महीने के भीतर मुआवजा दिया जाएगा।
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बैठक में बताया गया कि आंदोलन के दौरान अब तक 17 व्यक्तियों की मौत हुई है, जबकि 183 व्यक्ति घायल हुए हैं। इसके अलावा, 320 मामले दर्ज किए गए हैं और 102 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। कई स्थानों से बाधाओं को हटा दिया गया है। रेल और सड़कों के शेष 449 ब्लाकेज को हटाने के प्रयास जारी हैं।

बैठक में बताया गया कि हरियाणा रोडवेज को 15 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, क्योंकि 33 बसों को आग लगा दी गई और 99 बसों को क्षतिग्रस्त किया गया है। प्रदेश में संचार के टावर संचालित इंडस कंपनी डीजल की कमी का सामना कर रही है, जिससे मोबाइल फोन सेवा प्रभावित हो सकती है।

यह भी बताया गया कि प्रदेश में 2370 पेट्रोल पंपों में से 381 पेट्रोल पंपों का तेल समाप्त हो चुका है और 387 एलपीजी एजेंसियों में से 185 एजेंसियों के पास एलपीजी का भंडार नहीं है। राज्य सरकार पंजाब के माध्यम से अपनी आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है। प्रदर्शन के दौरान नष्ट हुए 26 पेट्रोल पंपों में से 8 पेट्रोल पंप रोहतक में, 5 भिवानी में और 6 झज्जर में स्थित हैं।


बहरहाल, प्रदेश में केरोसिन के भंडारण में कोई कमी नहीं है। बताया गया कि दिल्ली की जलापूर्ति सुनिश्चित करने के दृष्टिगत प्रशासन व सुरक्षा बलों ने आज सुबह अकबरपुर से धरना उठवाकर मूनक नहर को चालू करवा दिया है, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने काबरू में नहर को रोक दिया। प्रदर्शनकारियों से अब पानी छोड़ने का अनुरोध किया जा रहा है। तात्कालिक उपाय के रूप में दिल्ली को मूनक नहर से यमुना नहर के पानी की आपूर्ति की जा रही है।

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