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अनोखी पहलः इस राज्य की विधानसभा के 50 साल बनेंगे 'इतिहास', ये है योजना
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 02 Aug 2017 02:06 PM IST
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हरियाणा कैबिनेट की बैठक
- फोटो : अमर उजाला
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देश में पहली बार एक अनोखी पहल की जा रही है। एक राज्य की विधानसभा के पचास सालों को 'इतिहास' का रूप देने की तैयारी चल रही है। पांच दशकों में विधानसभा की मुख्य गतिविधियां और घटनाएं एक पुस्तक का रूप लेंगी। हरियाणा ग्रंथ अकादमी ने इस योजना को हरी झंडी दे दी है। इसके अलावा भी हरियाणा से जुड़े कई ऐसे विरले पहलू हैं, जिन्हें कलमबद्ध कर एक किताब का रूप दिया जाएगा। ये किताबें हरियाणा की संस्कृति, लोक साहित्य और रोचक इतिहास पर अधारित होंगी।
विधानसभा का लेखा-जोखा होगा समाहित
ग्रंथ अकादमी की ओर से प्रकाशित की जाने वाली पुस्तक ‘हरियाणा विधानसभा के पचास वर्ष : एक सिंहावलोकन’ में विधानसभा के पांच दशकों का लेखा-जोखा समाहित होगा। लेखक डॉ. बालकृष्ण कौशिक ने इस पर पाण्डुलिपि तैयार की है। ग्रंथ अकादमी के निदेशक डॉ. विजयदत्त शर्मा के अनुसार राजनीतिक क्षेत्र केपाठकों के लिए यह पुस्तक बेहद रोचक और ज्ञानवर्द्धक होगी।
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विधानसभा का लेखा-जोखा होगा समाहित
ग्रंथ अकादमी की ओर से प्रकाशित की जाने वाली पुस्तक ‘हरियाणा विधानसभा के पचास वर्ष : एक सिंहावलोकन’ में विधानसभा के पांच दशकों का लेखा-जोखा समाहित होगा। लेखक डॉ. बालकृष्ण कौशिक ने इस पर पाण्डुलिपि तैयार की है। ग्रंथ अकादमी के निदेशक डॉ. विजयदत्त शर्मा के अनुसार राजनीतिक क्षेत्र केपाठकों के लिए यह पुस्तक बेहद रोचक और ज्ञानवर्द्धक होगी।
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ये पुस्तकें भी संस्कृति और ज्ञान बिखेरेंगी
BOOKS
इसके अतिरिक्त डॉ. भुवनेश्वर प्रसाद गुरुमैता की ‘पुरातत्व, कला एवं संस्कृति’, राजकुमार निजात की ‘दिव्यांग जगत की 101 लघुकथाएं’, डॉ. प्रदीप कुमार की ‘मीडिया लिटरेसी’, जयभगवान सिंगला की ‘लुप्त होती हरियाणवी परंपराएं’, घमंडी लाल अग्रवाल की ‘हरियाणा की रचित बाल नाटक व कहानियां’, डॉ. रामसजन पांडेय की‘हरियाणा की हिंदी कविता: पाठ और परिलेख’, डॉ. सी राव की ‘चरखीदादरी’, शिवानी जिंदल व गीतांजलि जिंदल की ‘राष्ट्र गूंज’, आशा आर्पित की‘हिंदी वैष्णव भक्ति, साहित्य और कीर्तन’, डॉ. हरीशचंद्र वर्मा की ‘गीता का वैज्ञानिक विवेचन’, डॉ. प्रदीप स्नेही की ‘देश का गौरव, हरियाणा की महिला खिलाड़ी’, डॉ. रवींद्र की ‘हरियाणा कीर्ति’, डॉ. बलजीत सिंह की ‘हरियाणा लोकसाहित्य में हास्य व्यंग्य’, डॉ. जयभगवान गोयल की ‘भारतीय साहित्य में वीर काव्य परंपरा और स्वरूप’, डा. सुमेर चंद की ‘हरियाणवी पहेलियां’, डॉ. विजय कुमार भार्गव की ‘पर्यावरण एवं विकिरण’, डॉ. जयनारायण कौशिक की ‘धरा के गीत’, डॉ. सुषमा देवी की ‘स्वतंत्रता संग्राम में हरियाणा केहिंदी साहित्य की राष्ट्रीय चेतना’, डॉ. सुरेंद्र कुमार की ‘संत विल्होजी का साहित्यिक अवदान’, कुमारी ज्योति की ‘हरियाणा के गद्य-साहित्य में सांस्कृतिक चेतना-ज्योति’, डॉ. राजकला की ‘हरियाणा के लोक गीतों में नारी विर्मश’, सुरेंद्र बाला की ‘प्रवासी उपन्यासकार अभिमन्यु अनत के कथा साहित्य में भारतीयता’, डॉ. आरकेगुप्ता की ‘भारत में पंथ-निरपेक्षता: एक नूतन विर्मश’, डॉ. आंनद प्रकाश की ‘सोनीपत के स्थानों का भाषा वैज्ञानिक अध्ययन’, डॉ. सत्पाल की ‘जयनाथ नलिन का हिंदी साहित्य को अवदान’ पुस्तक को भी अकादमी से मंजूरी मिल गई है।